नई दिल्ली | दिल्ली हाईकोर्ट ने मलयालम न्यूज़ पोर्टल कर्मा न्यूज़ को निर्देश दिया है कि वह न्यूजलॉन्ड्री, केरल मीडिया अकादमी, कॉन्फ्लुएंस मीडिया और द न्यूज़ मिनट के खिलाफ प्रकाशित आपत्तिजनक लेख को अपनी वेबसाइट से हटा दे।
यह विवाद “कटिंग साउथ 2023” नामक पत्रकारिता कार्यक्रम को लेकर है, जिसे चारों मीडिया संगठनों ने मिलकर कोच्चि में आयोजित किया था। कर्मा न्यूज़ ने अपने लेख में कार्यक्रम के आयोजकों पर भारत को उत्तर और दक्षिण में बांटने की साजिश का आरोप लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
न्यूजलॉन्ड्री और कॉन्फ्लुएंस मीडिया ने कर्मा न्यूज़ के खिलाफ ₹2 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया था।
हाईकोर्ट ने पहले ही जुलाई 2023 में अंतरिम रोक लगाते हुए कर्मा न्यूज़ को इस मामले पर कोई और सामग्री प्रकाशित करने से रोका था।
इसके बावजूद, कर्मा न्यूज़ ने फिर एक नया लेख प्रकाशित कर आयोजकों पर भ्रष्टाचार और भारत के नक्शे को विकृत करने का आरोप लगाया।
कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए 13 फरवरी को आदेश दिया कि यह लेख हटाया जाए।
कोर्ट की नाराजगी
अदालती कार्यवाही कवर करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार, हाईकोर्ट के जज अनिश दयाल ने कर्मा न्यूज़ से पूछा कि क्या उन्होंने कोई प्रतिक्रिया लेने के लिए आयोजकों से संपर्क किया था? इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट ने लेख हटाने और एक अनुपालन हलफनामा दायर करने का आदेश दिया।
आगे क्या?
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 मई 2025 को तय की है और कर्मा न्यूज़ से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस मुद्दे पर और कोई लेख प्रकाशित किए गए हैं।
कानूनी पक्ष
न्यूजलॉन्ड्री की ओर से अधिवक्ता बानी दीक्षित, उद्दव खन्ना और आदित्य धवन ने पैरवी की।
कर्मा न्यूज़ की ओर से अधिवक्ता कुणाल आनंद, पुष्किर, शिशम प्रधान और हर्ष गौतम कोर्ट में पेश हुए।
यह मामला फेक न्यूज और मीडिया एथिक्स को लेकर एक अहम कानूनी उदाहरण बन सकता है।


