योगी राज में बाबूओं की मनमर्जी पर लगी लगाम!

Ashwini Kumar Srivastava : यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार एक मोर्चे पर अभूतपूर्व काम कर रही है, जिसे प्रदेश के आर्थिक और कारोबारी विकास के लिए एक वरदान ही कहना ठीक होगा…. और वह काम है, यहां का शासन-प्रशासन पारदर्शी बनाना एवं समयसीमा के भीतर काम करने के प्रति विभागों और कर्मचारियों को जवाबदेह बनाना।

साल 2017 से ही मैं खुद भी यह महसूस कर रहा हूँ कि यूपी में कारोबार करना अब दिन पर दिन बेहद आसान होता जा रहा है। अब शायद ही यहां का कोई ऐसा विभाग होगा, जो व्यापारियों को किसी मंजूरी या एनओसी आदि के लिए उनकी फ़ाइल रोककर परेशान कर सके।

तकरीबन हर विभाग यहां न सिर्फ ऑनलाइन हो चुका है बल्कि योगी सरकार ने सभी कामों के लिए एक समय भी तय कर दिया है। इसी का नतीजा है कि जिस तरह देश में गोआ, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात या दक्षिण के राज्यों में व्यापारियों के लिए कारोबार शुरू करना और उसे चलाना बेहद आसान है, ठीक उसी तरह का सिस्टम अब यहां यूपी में भी लगभग बन चुका है।

और यह कोई छोटी मोटी उपलब्धि तो कतई नहीं है। क्योंकि आर्थिक एवं कारोबारी विकास के मामले में यूपी देश के अन्य राज्यों से अगर पीछे रह गया था तो उसका सबसे बड़ा कारण यहां का भ्रष्ट शासन-प्रशासन ही था। अब जबकि यहां का प्रशासन एवं सिस्टम योगी आदित्यनाथ ने लगभग बदल ही दिया है तो समूचे प्रदेश में व्यापारियों और यहां निवेश करने के लिए आने वाले उद्यमियों को इसका फायदा भी अवश्य मिलेगा।

कानून व्यवस्था पर नियंत्रण, बेहतरीन सड़क नेटवर्क और बिजली-पानी जैसी अहम सुविधाओं के मामले में भी अगर योगी आदित्यनाथ अगले दो बरसों में इसी तरह की कामयाबी हासिल कर पाए, तो यूपी का पिछड़ापन तो इतिहास की बात बन ही जायेगा…यूपी देश के अन्य विकसित राज्यों के लिए भी एक चुनौती बनकर उभर जाएगा…

दिल्ली में पत्रकार रहे और लखनऊ में बतौर उद्यमी सक्रिय अश्विनी कुमार श्रीवास्तव की एफबी वॉल से.

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