हिंदी भावना प्रधान है तो अंग्रेजी प्रोफेशन की भाषा

लखनऊ। अंग्रेजीदां आदमी अपनी भाषा का रौब दिखाता है। लेकिन हिंदी दुनिया की सबसे बड़ी भाषा है। अदालतों में हिंदी में बहस नहीं होती है। मुअक्किल को पता ही नहीं कि बहस उसके पक्ष में हो रही कि विपक्ष में, यह बड़ा दुखद है। हिंदी पूरे भारत में स्वीकार्य है। हिंदी को हम जितना अधिक बोलचाल में लेकर आएंगे। हिंदी उतनी ही समृद्ध हो जाएगी।

यह बातें मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर कहीं। वे यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन की जिला इकाई लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन की ओर से 28 बी दारुलशफा में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित परिचर्चा में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे थे।

हिंदी को फैशन में लाना जरूरी : कौशल किशोर ने कहा कि लोग बच्चों से घर में भी अंग्रेजी में बात करते हैं। हिंदी को भी हमें प्रोफेशनल भाषा बनाए जाने की जरूरत है। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर यह संदेश दूर तक जाए। हिंदी को लोकप्रिय और सर्वस्वीकार्यता मिल सके यह हमारा उद्देश्य होना चाहिए। हिंदी पत्रकारिता भावना प्रधान है। इसके साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं।

अखबार बार जीएसटी गलत : सांसद ने कहा कि अखबारी कागज पर लगने वाली जीएसटी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। कहा कि, कोई कच्चा माल खरीदेगा तो उस पर जीएसटी लगेगा। जीएसटी का पैसा वह उपभोक्ता से वसूल रहा है। एक बार जीएसटी लगने के बाद दोबारा टैक्स नहीं कटना है। अखबारों से जीएसटी वसूलना गलत है। फुटकर विक्रेता अगर ग्राहक से जीएसटी वसूले यह बिल्कुल वैसा ही है। कुछ विषयों में अपनी तरफ से जीएसटी लागू किया जा रहा है। अखबारों पर जीएसटी लगाया जाना गलत है।

हिंदी पत्रकारिता का बढ़ रहा दायरा : कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता और देशबंधु के राजनीतिक संपादक रतिभान त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का संसार समृद्ध हो रहा है। हिंदी पत्रकारिता का दायरा लगातार बढ़ रहा है। टीवी और रेडियो पत्रकारिता में भी भाषायी गंभीरता लाए जाने के प्रयास हो रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की अपनी भाषाई मजबूरियां हैं। मुद्रित माध्यम हिंदी के वैशिष्ट्य पर ज्यादा मुखर रहते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार और मानव कल्याण सेवा धर्म अभियान के प्रमुख मोहम्मद इकबाल ने कहा कि जो कौम और मुल्क अपनी जबान को सुरक्षित नहीं कर सकते, वो तारीख के पन्नों से मिट जाया करते हैं। इसलिए हमें हिंदी भाषा और संस्कृति की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।

इस दौरान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल, लखनऊ जर्नलिस्ट्स के उपाध्यक्ष आरवी सिंह और रत्नाकर मौर्य, मंत्री पद्माकर पांडेय, विनय तिवारी और कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार वर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। मौके पर कृष्ण कुमार रघुवंशी, छायाकार टीटू, हेमंत सिंह, कोषाध्यक्ष आशीष सुदर्शन, कार्यकारणी सदस्य एसएन भारद्वाज, डा. राजेश कुमार वर्मा, धनंजय सिंह, विशाल श्रीवास्तव, टीके शर्मा, विनय कटियार सहित तमाम पत्रकार साथी मौजूद रहे।

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