प्रभात खबर देवघर यूनिट में मीडियाकर्मियों से इस कागज पर जबरदस्ती कराया जा रहा है दस्तखत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी मजीठिया वेज बोर्ड के लाभ से कर्मचारियों को वंचित रखा गया है

प्रभात खबर देवघर (झारखंड) यूनिट के कामकाजी पत्रकारों एवं गैर पत्रकार कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ किसी भी कीमत पर नहीं मिले, इसके लिए प्रबंधन द्वारा पुनः एक नए फॉर्मेट पर देवघर यूनिट के कर्मचारियों से दस्तखत कराया जा रहा है.

20 जुलाई (बुधवार) 2022 की रात देवघर यूनिट में एचआर रांची के तीन पदाधिकारी आलोक पोद्दार, नवीन सिन्हा व विकास कुमार की उपस्थिति में प्रभात खबर देवघर के संपादक कमल किशोर एवं यूनिट हेड देवघर देवाशीष ठाकुर के सहयोग से संपादकीय सहित तकनीकी व प्रबंधकीय टीम के लगभग सभी कर्मचारियों से निर्धारित फॉर्मेट पर दस्तखत कराया गया.

प्रबंधन के इस कार्य में डीएनइ नीरज चौधरी व चीफ रिपोर्टर संजीत कुमार मंडल महती भूमिका निभाये हैं. कुछ कर्मचारियों के विरोध करने पर प्रबंधन द्वारा धमकी के साथ चेतावनी भी दी गई.

प्रबंधन के इस क्रूर रवैया की वजह से कर्मचारियों में काफी नाराजगी भी है. नया फॉर्मेट मजीठिया वेज बोर्ड के तहत वेतन और लाभ की सिफारिश को माफ करने वाले कर्मचारी द्वारा फॉर्म संख्या 20 जे घोषणा पत्र है. इससे पहले भी प्रभात खबर यूनिट देवघर में पूर्व संपादक सुशील भारती व पूर्व संपादक संजय मिश्र के कार्यकाल में भी सभी कर्मचारियों से फॉर्मेट पर साइन कराया गया था.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फटकार के बाद प्रभात खबर प्रबंधन के द्वारा वर्ष 2016 में श्रम विभाग, राज्य सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया गया था. शपथ पत्र में कर्मचारियों की सूची के साथ उनके भुगतान से संबंधित झूठा ब्यौरा उपलब्ध कराया गया था. वर्तमान में देवघर डीसी कोर्ट में प्रबंधन के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस लंबित पड़ा है.

क्या है घोषणापत्र में

मैं प्रभात खबर (न्यूट्रल पब्लिशिंग हाउस लिमिटेड की एक इकाई) द्वारा _ की स्थिति के लिए नियुक्त किया गया है, जो कंपनी में एक प्रबंधकीय / पर्यवेक्षी / प्रशासनिक भूमिका है, एतद्द्वारा राज्य करते हैं और घोषित करते हैं.

मैं समझता हूं कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड सहित समाचार पत्र प्रतिष्ठानों के कामकाजी पत्रकारों और गैर-पत्रकार कर्मचारियों के लिए विभिन्न वेतन बोर्डों का गठन किया गया है.

मैं यह भी समझता हूं कि भविष्य में भारत सरकार या राज्य सरकारों द्वारा समाचार पत्र प्रतिष्ठानों के कामकाजी पत्रकार और गैर-पत्रकार कर्मचारियों के लिए नए वेतन बोर्ड भी गठित किए जा सकते हैं.

यह कि, कंपनी द्वारा पेश किए जाने वाले वेतन और अन्य लाभों और भविष्य की विकास क्षमता के संदर्भ में प्रबंधन के साथ कई दौर की चर्चा और बातचीत के बाद, मैं समझता हूं कि वेज बोर्ड की सिफारिशों के तहत प्रदान किये गये लाभ मेरे व्यक्तिगत हित और भविष्य के विकास में नहीं हैं, और एतद्द्वारा मेरे पूरे सेवा कार्यकाल के लिए इसे माफ कर दिया.

यह कि, मैं समझता हूं और पूरी तरह से जानता हूं कि कंपनी में मेरी प्रबंधकीय/पर्यवेक्षी/प्रशासनिक भूमिका को देखते हुए वेज बोर्ड की सिफारिशें (मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों सहित) मुझ पर लागू नहीं होती हैं.

कि, कंपनी द्वारा मुझे पेश किया गया वेतन ढांचा, मजीठिया वेज बोर्ड द्वारा अनुशंसित वेतन संरचना की तुलना में बेहतर और अधिक अनुकूल है. कंपनी के साथ भविष्य के विकास की संभावनाओं पर विचार करते हुए, परिलब्धियों की पेशकश की, कार्य प्रोफ़ाइल की पेशकश की, पारिवारिक लाभ की पेशकश की, स्वास्थ्य लाभ की पेशकश की, आदि.

कि, मैं यह भी घोषणा करता हूं कि मैं भविष्य में मजीठिया वेज बोर्ड सहित वेज बोर्ड अवार्ड्स के तहत किसी भी वेतन संरचना और लाभों का दावा नहीं करूंगा और इससे छूट दूंगा. क्योंकि मैंने कंपनी द्वारा मुझे दिए गए अधिक लाभकारी वेतन और लाभों का विकल्प चुना है.

अब जिसके साक्षी में मैं नीचे अपने हस्ताक्षर करके “प्रस्तावित मुआवजे और भत्ते सहित परिलब्धियां” स्वीकार करता हूं.

(कर्मचारी का हस्ताक्षर)



 

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