दिल्ली हाईकोर्ट ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के भारत में प्रसारण को लेकर दाखिल याचिका पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और Prasar Bharati से जवाब मांगा है। अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की है।
मामले की सुनवाई जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने की। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि याचिका में मांगी गई राहतें जनहित याचिका (PIL) जैसी प्रतीत होती हैं।
यह याचिका अधिवक्ता अवधेश बैरवा की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 का प्रसारण भारत में सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती के जरिए सुनिश्चित किया जाए। खासतौर पर टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों को फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म पर दिखाने की मांग की गई है। साथ ही सभी 104 मैचों के प्रसारण अधिकार हासिल करने के निर्देश देने की भी अपील की गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने कोर्ट को बताया कि इस दिशा में पहले से प्रयास जारी हैं और अदालत की पहल से इस प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में संयुक्त रूप से होगा। याचिका में कहा गया है कि भारत फीफा के सबसे बड़े दर्शक बाजारों में से एक है। 2022 वर्ल्ड कप के दौरान भारत में करीब 74.57 करोड़ इंटरैक्शन दर्ज किए गए थे।
याचिका में दावा किया गया है कि अब तक किसी भी ब्रॉडकास्टर ने भारत के लिए टूर्नामेंट के मीडिया राइट्स हासिल नहीं किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फीफा ने भारत में 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के संयुक्त प्रसारण अधिकारों की कीमत 10 करोड़ डॉलर से घटाकर 3.5 करोड़ डॉलर कर दी थी, क्योंकि बाजार से सीमित रुचि देखने को मिली। वहीं जियोस्टार की करीब 2 करोड़ डॉलर की बोली भी कथित तौर पर खारिज कर दी गई थी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि टूर्नामेंट का प्रसारण सुनिश्चित नहीं किया गया तो भारतीय दर्शक बड़े खेल आयोजन देखने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे। यह याचिका अधिवक्ता अंकित कोंवर के जरिए दाखिल की गई है।


