कानपुर के पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुक़दमों में हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से दी राहत

कानपुर में आपसी राजनैतिक विवाद में पत्रकारों पर थाना कोतवाली में दर्ज कराया (जाली एवं फर्जी ) गया आपराधिक मुकदमा, कई संगीन धाराओं  (452, 448, 511, 504, 506, 420, 467, 468, 471, 147 i p) में। अवनीश दीक्षित (पत्रकार, ईटीवी) चैनल का दबाव डालकर कई गतिविधियां करते रहते हैं। इनके खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ ये मार-पीट और गाली गलौच करने के बाद दबाव ना डाल पाने की स्थिति में गलत तरीकों से फर्जी मुकदमो में फँसा देते हैं। 

इनके खिलाफ शिकायत करने एवं सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगने के कारण अपने को क़ानूनी रूप से फंसता देख प्रार्थीगणो (कृष्ण कुमार सिंह, मोब – 9451223242, मयंक शुक्ला, मोब -7860634444, आलोक कुमार, मोब – 9696666776 एवं अवधेश मिश्रा, मोब- 8896383199) को  पूर्णयता रूप से गलत एवं फर्जी मुक़दमे (452, 448, 511, 504, 506, 420, 467, 468, 471, 147 ipc संगीन धाराओ) में फँसा दिया गया, जो कि कानपुर कोतवाली में मुकदमा संख्या 526 / 2014 के रूप में दर्ज हुआ हैं.

इसमें घटना का दिनाँक 21/11/14 को दिखाया और दर्ज कराया गया हैं, जबकि 21/11/14 को प्रार्थी मयंक शुक्ला, आलोक कुमार और अवधेश मिश्रा कानपुर प्रेस क्लब से सम्बंधित माननीय उच्च न्यायालय इलाहबाद में दाखिल WRIT -C NO. – 62650 of 2014 की बहस में शामिल होने के लिए सुबह के दौरान माननीय उच्च न्यायलय इलाहबाद पहुँच गए थे। दोपहर बहस होने के बाद मिले खाली समय में माँ गंगा के दर्शन एवं चरणों को छूने हेतु संगम पहुंचे, जिस दौरान प्रार्थीगणों ने वहां पर अपने जीपीएस GPS MOBILE के द्वारा अपनी कुछ फोटो भी लिए थे। इसके उपरान्त दोपहर बाद दोबारा माननीय उच्च न्यायलय इलाहबाद पहुंच देर शाम आदेश की प्रति को लेकर देर रात के वक्त अपने चाचा के साथ कानपुर वापस पहुँचे। इसकी प्रमाणिकता प्रार्थी के (1) मोबाइल लोकेशन, (2) माननीय उच्च न्यायलय इलाहबाद में लगे C. C. Tv Camera (3) साथ रहे लोगो की गवाही  (4) संगम में खीचे गए फोटो की properties detail में GPS Location से की जा सकती हैं। जब प्रार्थी उस दिन इलाहबाद में, जो कि कानपुर से 200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर थे तो उसी वक़्त अवनीश दीक्षित को कानपुर में कानपुर प्रेस क्लब में घुस कर धमकी कैसे दे सकते हैं।  इस मामले को लेकर पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर इस मामले की जानकारी दी, उन्होंने पत्रकारों को निष्पक्ष जाँच एवं उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। 

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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Comments on “कानपुर के पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुक़दमों में हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से दी राहत

  • Gopalji Journalist says:

    “साँच को आंच नहीं” बंधुओं कृष्ण कुमार सिंह जी, मयंक शुक्ला जी, आलोक कुमार जी एवं अवधेश मिश्रा जी आपकी जीत हुई है और आप आगे और अधिक शक्ति संपन्न बनेंगे। कोई आपके साथ है या नहीं, कोई फर्क नहीं पड़ता क्यूंकि वह सर्वशक्तिमान परम शक्ति आपके साथ है।

    Reply
  • Gopalji Journalist says:

    “साँच को आंच नहीं” बंधुओं कृष्ण कुमार सिंह जी, मयंक शुक्ला जी, आलोक कुमार जी एवं अवधेश मिश्रा जी आपकी जीत हुई है और आप आगे और अधिक शक्ति संपन्न बनेंगे। कोई आपके साथ है या नहीं, कोई फर्क नहीं पड़ता क्यूंकि वह सर्वशक्तिमान परम शक्ति आपके साथ है।

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