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सुख-दुख

रक्षाबंधन ब्राह्मण पर्व है!

संजय तिवारी-

चार वर्ण के कुल चार प्रमुख पर्व हैं। रक्षाबंधन ब्राह्मण पर्व है। दशहरा या दुर्गापूजा क्षत्रिय पर्व है। दीपावली वैश्य पर्व है और होली शूद्र पर्व है।

रक्षाबंधन को ब्राह्मण पर्व इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन धर्मनिष्ठ लोगों को पुरोहित रक्षासूत्र बांधकर धर्मरक्षा का संकल्प दिलवाते थे। कम से कम बचपन में मैंने तो यही देखा है।

लेकिन तीस पैंतीस सालों में यह ऐसा भाई बहन का त्यौहार बना दिया गया कि अब इसे कोई चुनौती ही नहीं दे सकता।

ठीक भी है। जनता जैसा चाहे वैसा त्यौहार बना ले और उसे मना भी ले। लोकरीति सबसे ऊपर। लेकिन मैं आज भी बहन से राखी बंधवाने में विश्वास नहीं करता। मुझे यह एक प्रकार का ढोंग लगता है। यह इस पर्व का उद्देश्य ही नहीं है।

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2 Comments

2 Comments

  1. सतीश झा

    September 2, 2023 at 8:00 pm

    संजय तिवारी जी,आपने सही कहा क्योंकि जरुरत से ज्यादा विद्वान हो जाना भी एक समस्या ही है।

    • Dr. Hemant Kumar Rajan

      September 7, 2023 at 6:32 am

      जिनके अंदर विद्वता का कोई गुण नहीं होता है , वहीं विद्वानों पर अंगुली उठाते हैं। ठीक ही कहा गया है कि बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद।
      संजय जी आपसे सहमत हूं।

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