‘सभ्यताओं के संघर्ष’ की शुरुआत हो चुकी है, मुस्लिम उग्रवाद बनेगा तृतीय विश्वयुद्ध का कारण!

कौन हैं बाबा वेंगा और क्या हैं उनकी भविष्यवाणियाँ

यूरोप होगा आइएसआइआइ का गुलाम, कट्टरपंथी मुस्लिम बदल देंगे दुनिया, अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति अमेरिका का 44वां तथा अंतिम राष्ट्रपति होगा, पूरे विश्व में साम्यवाद ही होगा, पूरी धरती पर रोबोट्स की फौज होगी, धरतीवासी पहला कृत्रिम सूर्य बनाने में सफल हो जाएंगे, इंसान व रोबोट मिल जाएंगे जिन्हें ‘साइबोर्स’ कहा जायेगा, एलियंस की मदद से मनुष्य समुद्र की तलहटी में आवासीय बस्ती बना लेगा, टाइम ट्रैवल के जरिये दूसरे ग्रहों से सम्बंध बनेंगे, मनुष्य शुक्र ग्रह तक पहुँच जाएगा, मंगल पर पृथ्वीवासियों का भयानक युद्ध होगा और पृथ्वी पर एक नयी मानव सभ्यता का अभ्युदय होगा।

ऐसी असंख्य भविष्यवाणियां बुल्गारिया की नेत्रहीन महिला भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने की थी, जिनका करीब 20 साल पहले 1996 में 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले यह भविष्यवाणी की थी कि 2016 में दुनियाभर में ‘ग्रेट मुस्लिम वार’ होगा। यह युद्ध 2010 में अरब की धरती से शुरू होगा और फिर सीरिया में लड़ा जाएगा। इसका अंत 2043 में रोम के केंद्र में विद्रोहियों के शासन की स्थापना के साथ होगा।

अंग्रेजी वेबसाइट डेली मेल के मुताबिक, बाबा वेंगा को ‘वॉलकाँस’ के नाम से जाना जाता था। उनका असली नाम वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा था। उनको ‘नास्त्रेदमस फ्रॉम द बाल्कन’ और ‘लेडी नास्त्रेदमस’ के नाम से भी जाना जाता था। उनका जन्म बुल्गारिया में हुआ था। बचपन में 12 साल की आयु तक उनकी आँखें ठीक थीं। कहा जाता है कि एक बड़े रहस्मय रेतीले तूफान में वे अपने परिवार से बिछुड़ कर काफी दिनों बाद मिलीं। उस तूफान में उनकी आँखों में धूल-मिट्टी भर गई थी, जिसका कई दिनों तक इलाज नहीं होने से उनकी आँखों की रोशनी चली गई थी। बाद में उन्हें भविष्य को देखने की बड़ी रहस्यपूर्ण शक्ति मिली जिससे वे अपने आस-पास के लोगों की भविष्यवाणियां करने लगीं। उनकी भविष्यवाणियां बिल्कुल सही सिद्ध होती थीं जिसके कारण दुनिया भर के लोग उनके पास भविष्य जानने आने लगे। वे भविष्यवाणियां कर लोगों की मदद करती थीं। उनकी भविष्यवाणियों में से लगभग सभी सच हुई हैं। रूस और यूरोप में उन्हें एक संत के रूप में लंबे समय तक सम्मानित किया गया।

बाबा वेंगा की अब तक की कुछ भविष्यवाणियां

बाबा वेंगा ने 50 वर्षों तक दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 100 से अधिक भविष्यवाणियां कीं, जिनमें अधिकांश सच साबित हुईं। जैसे—उन्होंने जार बोरिस-3 (1918-1943 तक बुल्गारिया के राजा) की मृत्यु की तारीख, स्टालिन की मृत्यु, चैकोस्लोवाकिया का अलग होना, लेबनान में दंगे (1968), साइप्रस विवाद (1974), निकारागुआ में युद्ध (1979), इंदिरा गांधी का प्रधानमंत्री व तानाशाह बनना और उनकी हत्या, सोवियत संघ का विघटन, पूर्वी तथा पश्चिमी जर्मनी का एकीकरण, चेर्नोबिल परमाणु संयत्र दुर्घटना, सन् 2000 में रूसी परमाणु पनडुब्बी कर्स्क के डूबने और उसे समुद्र की गहराई से निकालने में अंतर्राष्ट्रीय आपदा राहतकर्मियों की नाकाम कोशिश में हुई मृत्यु, धरती का गर्म होना, 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुआ 9/11 हमला, समूचे दक्षिणी गोलार्ध को 2004 में क्रिसमस के मौके पर बर्बाद करने वाली भयावह सुनामी, जापान का फुकुशिमा हादसा, अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के व्यक्ति (बराक ओबामा) का अमेरिका का 44वाँ राष्ट्रपति बनना, सीरिया में गृहयृद्ध, 2010 में अरब से शुरू हुई मुस्लिम क्रांति और आइएसआइएस. जैसे आतंकी संगठनों के सामने आने की भविष्यवाणियां की थीं, जो पूर्णतया सत्य सिद्ध हुईं।

बाबा वेंगा के अनुसार अब आगे क्या होगा

बाबा वेंगा ने किसी अफ्रीकी-अमेरिकी के अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने की भविष्यवाणी की थी जो बराक ओबामा के राष्ट्रपति बनने के साथ ही सत्य हो गई। परन्तु उन्होंने यह भी कहा था कि ओबामा अमेरिका के अंतिम राष्ट्रपति हो सकते हैं। यह कैसे होगा, इसके लिए हमें समय का इंतजार करना होगा।

2018—चीन दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बन जाएगा।
2023—पृथ्वी की कक्षा और इसकी धुरी (परिक्रमा का केन्द्र बिन्दु) बदल जाएगी जिसके चलते धरती के वातावरण में कई आश्चर्यजनक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
2028—मनुष्य ऊर्जा के नये स्रोत की खोज में शुक्र ग्रह तक पहुँच जाएगा और बुध की तरफ एक मानव अंतरिक्ष मिशन जाएगा। खाद्यान्न की कमी खत्म हो जाएगी।
2033—पृथ्वी की बर्फ की विशाल परत गल जाएगी। धरती के दोनों ध्रुवों की बर्फ पिघलने से समुद्र किनारे बसे कई शहर पूरी तरह पानी में डूब जाएंगे और सबकुछ पानी के प्रवाह में लुप्त हो जायेगा। ठंडे इलाके गर्म हो जायेंगे और ज्वालामुखी सक्रिय हो जायेंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी शुरूआत हो चुकी है और नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार वर्ष 1993 से 2009 तक समुद्र का स्तर 1.89 इंच बढ़ चुका था जो अब हर वर्ष 3 मिलीमीटर की दर से बढ़ रहा है।
2043—इस साल यूरोप पर इस्लामी सत्ता का हमला होगा। यूरोप के ज्यादातर हिस्से विद्रोहियों के कब्जे में आ जाएंगे। वर्तमान खाड़ी देशों की तरह पूरे यूरोप में भी इस्लामिक शासन होगा और रोम इसकी मुस्लिम राजधानी बन चुका होगा। दुनिया की अर्थव्यवस्था मुस्लिम शासन के अधीन होगी।
2046—इंसान हर अंग का निर्माण करना सीख जाएगा। अंगों को बदलना इलाज का अहम हिस्सा बन जाएगा।
2066—एक मस्जिद पर हमला होने के बाद अमेरिका यूरोप में ईसाई धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अभूतपूर्व जलवायु परिवर्तनकारी हथियार (या न्यूक्लियर हमले) का उपयोग करेगा जिससे तापमान अचानक गिर जाएगा और वहाँ भयानक तबाही होगी तथा वहाँ रहने वाले मुस्लिमों समेत कोई नहीं बचेगा।
2076—यूरोप में साम्यवाद लौटेगा और फिर पूरे विश्व में साम्यवाद ही होगा। इसके कुछ ही वर्षों के बाद पूरी धरती पर रोबोट्स की फौज होगी जो मानव जीवन में दखल देने लगेगी।
2084—धरती का पुनर्जन्म होगा। इस भविष्यवाणी का क्या अर्थ है इसकी कोई व्याख्या नहीं की गई है।
2100—(22वीं सदी की शुरूआत) में धरतीवासी पहला कृत्रिम सूर्य बनाने में सफल हो जाएंगे, जो पृथ्वी के अंधेरे हिस्सों को रोशनी देगा और यह मनुष्य की लंबे समय तक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता रहेगा।
2111—इंसान और रोबोट मिल जाएंगे। उन्हें ‘साइबोर्स’ कहा जायेगा।
2130 तक एलियंस से मानव का संपर्क हो जायेगा और वे मनुष्य की मदद करेंगे।
2154—क्रमिक विकास के चलते जानवर आधे इंसान बन जाएंगे।
2170—पृथ्वी अभूतपूर्व सूखे का सामना करेगी।
2195—एलियंस की मदद से मनुष्य समुद्र की तलहटी में आवासीय बस्ती बना लेगा। इन बस्तियों में जमीन जैसे सारे इंतजाम होंगे और भविष्य के शहर समुद्र के अंदर ही बसाए जाएंगे।
2196—एशिया और यूरोप के लोगों के मिलने से इंसान की एक नई नस्ल बनेगी।
2201—सूर्य की नाभिकीय क्रियाओं में बदलाव आएगा। सूर्य फीका पड़ने लगेगा और तापमान गिरने लगेगा।
2288—टाइम ट्रैवल संभव हो जाएगा और दूसरे ग्रहों से सम्बंध बनेंगे।
2480—दो कृत्रिम सूर्य आपस में संघर्ष करेंगे। पृथ्वी पर अंधकार छा जाएगा।
3005—मंगल पर पृथ्वीवासियों का भयानक युद्ध होगा।

इस प्रकार सारे संकेत भविष्य की बहुत ही स्तब्ध तथा विस्मित करने वाली तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। यदि ये भविष्य-कथन सही साबित हुए तो यह निश्चित है कि तमाम तरह की उथल-पुथल के बावजूद इस धरती पर विज्ञान तथा तकनीक से सुसज्जित एक नयी मानव सभ्यता का अभ्युदय होगा।

श्यामसिंह रावत
वरिष्ठ पत्रकार
ssrawat.nt@gmail.com

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Comments on “‘सभ्यताओं के संघर्ष’ की शुरुआत हो चुकी है, मुस्लिम उग्रवाद बनेगा तृतीय विश्वयुद्ध का कारण!

  • Dear Shyam ji,
    aapka lekh kafi acha laga keonki aap ne kafi mehnat ki hogi research karney me, 1-2 baten hain usko point out karna chahunga aap k lekh se aisa laga jaise puri muslaman kaoum zimedar hai aaj jo ho raha hai. Ek musalman honey k natey main kabhi aatankvad ko samarthan nahi kiya keonki ye zihad nahi kayrta hai jo ho raha hai arey zihad to samney se hota hai maidan e jang me ja k pichey se kiye huey war ko zihad kah dengey ye bas aatankvad hai jisey zihad bataya jaa raha hai…aur rahi baat sabhyataon ki aanat honey ki to ye to sabhyata ka itihas raha hai hai usey aant hona hi padta hai aur fir ek nai sabhyta ka uday hota, aaj musalman europe playan kar rahey hain per is k liye zimeddar koun hai thora isko bhi dhyan me rakhiye, Iraq, Kuwait, Libya ya Afghanistan me america ka bhumika ko bhi dhyan me rakhiye, acha khasa shanti se philistine ji raha tha us k shanti ko bhang kar ek naya country israel bananey walon k barey me bhi likhiye.

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  • ram awtar gupta says:

    lekh ka moolbhavishyawani hai jise rawat ji ne collect kiya hai,sartaj ji ,abhi ki paristhitiya to sabke samne hai sangarsh isai aur muslim atankwad ke bich hai is se puri kaum doshi nahi ho jati hai

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  • Shams Tamanna says:

    मुझे आज तक इन तथाकथित भविश्वेत्तयों की एक बात समझ में नहीं आई कि यह लोग इंसानियत की भलाई के लिए भविष्य बताते हैं या उसे मिटाने के लिए बोलते हैं. अगर इंसानियत की भलाई के लिए भविष्य बताते हैं तो क्यों नहीं बताते कि फलां दिन फलां देश में इतने बजकर इतने मिनट पर भूकम्प आएगा अथवा कोई प्राकृतिक आपदा आएगी। ताकि इंसान खुद को बचा सके या सरकार को उनके बचाव के लिए वक़्त मिल सके. सटीक समय नहीं बता सकते क्यूंकि यह भगवान नहीं हैं. जब नहीं कर सकते तो यह फ़ालतू बकवास क्यों करते हैं. सच मानिये मैं नास्त्रेदमस और उनके जैसे तथाकथित भविश्वेताओं की भविष्यवाणी को जोक्स से ज़्यादा कभी नहीं समझता। टाइम पास करने के लिए पढता हूँ और खूब हँसता हूँ. ऐसा लगता है सर्कस के जोकरों को लाइव देख रहा हूँ इस डायलॉग के साथ-हाँ जमूरे बता तुझे क्या नज़र आ रहा है, और जमूरा तोते की तरह बताना शुरू कर देता है.

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