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होली से ठीक पहले सहारा के 50 से अधिक मीडियाकर्मी बर्खास्त, गुस्से में घेराव धरना और प्रदर्शन, देखें वीडियो

अपने आप को दुनिया का सबसे बड़ा परिवार कहने वाला और सामाजिक सरोकार रखने का दावा करने वाला सहारा इंडिया परिवार इस बार अपने कर्मचारियों के लिए किसी परिवार की तरह नहीं बल्कि एक कठोर प्रबंधन की तरह पेश आया। होली और रमजान जैसे त्योहारों के मौके पर कर्मचारियों का वेतन रोककर उनकी खुशियां छीन ली गईं।

त्योहार से दो दिन पहले सहारा इंडिया टीवी नेटवर्क प्रबंधन के इस फैसले से कर्मचारियों में भारी निराशा छा गई। हालांकि, कर्मचारियों ने धैर्य और शांति बनाए रखते हुए प्रबंधन से बातचीत करने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन प्रबंधन ने संवाद स्थापित करने से साफ इनकार कर दिया।

प्रबंधन ने 50 से अधिक कर्मचारियों को किया बर्खास्त

11 मार्च 2025 को जब कर्मचारियों ने वेतन को लेकर प्रबंधन से बात करने की कोशिश की, तो प्रबंधन ने बैठक कर 50 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का फरमान सुना दिया। इसके अलावा, उनके लाखों रुपये के बकाए भुगतान के लिए एक ऐसा प्रस्ताव रखा जिसे कोई भी कर्मचारी स्वीकार नहीं कर सकता था।

सहारा टीवी नेटवर्क के प्रस्ताव के अनुसार:

• यदि किसी कर्मचारी का 5 से 10 लाख रुपये तक का वेतन बकाया है, तो

• उसे केवल 15% राशि देकर त्यागपत्र देने को कहा गया।

• बाकी 85% रकम आने वाले कई वर्षों में किस्तों में दी जाएगी।

इस प्रस्ताव के बाद कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया।

सीईओ से मिलने पर भी रोक, परिसर में बुलाई पुलिस

12 मार्च को कर्मचारियों ने सहारा इंडिया टीवी नेटवर्क के सीईओ सुमित राय से मिलने का समय मांगा, लेकिन वेतन देने में असमर्थता जताने वाले सीईओ ने मिलने से भी इनकार कर दिया।

कर्मचारियों के बार-बार आग्रह करने के बावजूद, सीईओ खुद सामने नहीं आए और चैनल हेड तथा एचआर हेड को भेज दिया। कर्मचारियों ने उनसे बातचीत करने से इंकार कर दिया और सीधे सीईओ से मिलने की मांग की, यह कहते हुए कि त्योहार पर वेतन हर हाल में मिलना चाहिए।

स्थिति बिगड़ती देख, सीईओ ने परिसर में पुलिस बुला ली। हालांकि, तीन घंटे की मशक्कत के बाद भी प्रबंधन की ओर से वेतन को लेकर कोई अपडेट नहीं दिया गया।

संपत्तियों की बिक्री की अटकलें

इधर, सूचना मिली है कि सेक्टर 11 कैंपस में C-1 और C-4 भवनों की बिक्री की चर्चाएं जोरों पर हैं। राष्ट्रीय सहारा अखबार की प्रिंट लाइन से इन संपत्तियों को हटा दिया गया है, जबकि 1991 से सेक्टर 11 की C-1, C-2, C-3, और C-4 संपत्तियों का उल्लेख सहारा इंडिया परिवार लगातार अपने अखबार और 2002 से अपने टीवी चैनल में करता आ रहा था।

सहारा इंडिया परिवार, जो खुद को एक विशाल परिवार बताता है, इस बार अपने कर्मचारियों को त्योहारों के मौके पर भारी आर्थिक संकट में डाल चुका है। प्रबंधन की इस नीति से कर्मचारियों के भविष्य पर भी सवाल उठ रहे हैं।


सहारा मीडिया का मैनेजमेंट अपने सैकड़ों कर्मियों का सेलरी हड़प गया! देखें सहारा मीडिया के नोएडा कैंपस में सीईओ सुमित रॉय का घेराव और मीडिया कर्मियों द्वारा धरने का दृश्य। मौके पर पुलिस भी आ पहुंची है जो किंकर्तव्यविमूढ़ मुद्रा में है। #sahara #saharamedia #Salary #sumitroy

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सहारा मीडिया में सेलरी और बकाया भुगतान के लिए आज कर्मचारियों ने सीईओ सुमित रॉय को घेर लिया! सुमित रॉय अपने कमरे में दरवाजा अंदर से बंद कर बैठे रहे तो कर्मचारी बाहर धरने पर। कार्यालय की बिजली भी काट दी गयी है! शाम 5 बजे तक कोई समझौता न हो सका। #sahara #saharamedia #sumitroy #Salary

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जानिये बवाल का हाल-

सहारा के नोएडा कैंपस में बवाल : सेलरी और बकाया के लिए मीडियाकर्मियों ने सीईओ सुमित रॉय को घेरा, पहुंची पुलिस! देखें वीडियो https://www.bhadas4media.com/sahara-ceo-sumit-roy-gherabandi/

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