नई दिल्ली– भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के मेगा कॉन्क्लेव का आज दिल्ली के होटल ललित में भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर सहारा मीडिया को उपेंद्र राय ने सहारा देने की बड़ी घोषणा भी कर दी।
उपेंद्र राय ने अपने संबोधन की शुरुआत एक शायर के शेर से की- “भले ही हजार इश्क करो लेकिन ये ख्याल रहे तुम्हें पहले इश्क की बद्दुआ न लगे।” उन्होंने कहा कि उनका पहला प्यार सहारा अखबार और सहारा चैनल ही था।
उपेंद्र राय ने सहारा नेटवर्क में लंबे समय तक अपने सहयोगी रहे अनिल राय की कार्यक्रम में मौजूदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा सहारा न्यूज़ नेटवर्क के साथ मेरी करीब 23 वर्ष की लंबी यात्रा रही है।
उन्होंने अपने संबोधन में जोड़ा कि वह जब भी किसी पत्रकार का इंटरव्यू करते हैं तो सबसे पहले उसकी लॉयल्टी चेक करते हैं। जो कोई 6 महीना कहीं, साल भर कहीं रहा तो उसे पहली ही मीटिंग में रिजेक्ट कर देता हूं। जिसके अंदर टिकने की गुंजाइश नहीं है उससे आप किसी और चीज की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। वो कभी जीवन में बड़ा काम नहीं कर सकता, वो बड़े काम के लिए बना ही नहीं।
हां कभी-कभी लोग छलांग लगा जाते हैं। ज्ञान प्राप्त हो जाता है..अष्टावक्र की तरह।
उपेंद्र राय ने कहा, सहारा की सभी कानूनी बाध्यताओं, सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए और हजारों पत्रकारों की नौकरी सुरक्षित रह जाए…मैंने निर्णय लिया है सहारा प्रबंधन के साथ मिलकर जब तक मैं जीवित रहूंगा उसे चलाऊंगा। और शायद सहाराश्री के प्रति यही मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
बहुत आदर के साथ सहाराश्री ने इसकी नींव रखी थी। और वे कहते भी थे की मीडिया से मुझे एक रुपये का प्रॉफिट नहीं चाहिए। मैंने सीईओ-एडिटर इन चीफ के रूप में इस नेटवर्क को सीधे-सीधे 15 साल तक चलाया। मैंने सहाराश्री से जब भी किसी चाज के लिए कहा, उन्होंने कभी मना नहीं किया।
तो आज मैं कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को साक्षी मानते हुए सहारा के जो एसेट्स हैं, उसकी जो ब्रांडिंग वैल्यू है, सहारा न्यूज नेटवर्क के सभी चैनल जिंदा होंगे। और कोशिश है सहारा अखबार विद इन अ मंथ आपके घर में जैसे पहुंचता था वैसे पहुँचने लगेगा।
संबोधन के अंत में उन्होंने एआई (आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस) को लेकर कहा कि आज से तीन साल पहले तक कुछ नहीं था। लेकिन अब एआई ने हमारे जीवन में आमूल चूल परिवर्तन किया है। उपेंद्र राय ने और क्या कुछ कहा इस वीडियो में सुनिए…
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