भारतीय डिजिटल मीडिया के लिए एक अहम उपलब्धि सामने आई है। The Red Mike अब ईरान से सीधे ग्राउंड रिपोर्टिंग करने वाला भारत का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गया है।
जहां दुनिया भर के मीडिया संस्थान दूरी से हालात पर नजर रख रहे हैं, वहीं ‘द रेड माइक’ जमीन पर मौजूद रहकर संघर्ष की वास्तविक तस्वीर सामने ला रहा है। प्लेटफॉर्म के संस्थापक सौरभ शुक्ला ईरान में रहकर हालात की अनफिल्टर्ड ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
सौरभ शुक्ला इससे पहले NDTV में कार्यरत रह चुके हैं। मुख्यधारा मीडिया में अनुभव लेने के बाद उन्होंने अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘द रेड माइक’ शुरू किया, जो अब अपने स्वतंत्र और जमीनी पत्रकारिता के लिए पहचान बना रहा है।
ईरान जैसे संवेदनशील और जटिल हालात वाले देश से सीधे रिपोर्टिंग करना न सिर्फ चुनौतीपूर्ण है, बल्कि पत्रकारिता के जोखिम भरे पहलुओं को भी दर्शाता है। ऐसे में ‘द रेड माइक’ की यह पहल भारतीय डिजिटल मीडिया के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भारतीय पत्रकारिता का यह अद्वितीय काम है। मैं इन्हें व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानता; लेकिन यह भारतीय पत्रकारिता के मस्तक पर लकीर खींच देने जैसा है। रेडमाइक का यह काम बहुत बड़ी बात है। भारतीय टीवी मीडिया आज जिस दयनीय और दारिद्र्य भरे दौर से गुजर रहा है, वहाँ ऐसे ही लोग आशा की किरण बनकर उभरे हैं। -त्रिभुवन
शरद शर्मा-
बहुत बहुत शानदार सौरभ शुक्ला
भारत के एक से एक बड़े बड़े और बड़ी पहुँच वाले न्यूज़ चैनल और पत्रकार बैठे रह गए और तुम ईरान में घुसने वाले पहले भारतीय पत्रकार बन गए
सौरभ शुक्ला ने साबित कर दिया कि अगर आप पत्रकारिता करने की ठान लें तो चैनल,संसाधन और अन्य सब बाद में आते हैं…सबसे पहले आती है आपकी पत्रकारिता करने की चाहत
सौरभ शुक्ला एक के बाद एक अपना लक्ष्य अर्जुन की तरह साध रहे हैं उसका एक बहुत बड़ा कारण जो मैं और सौरभ भी ख़ुद मानते हैं वो है सुनील सैनी जी जैसे शानदार एडिटर का कुशल मार्गदर्शन वो भी बिल्कुल ऐसा जैसे महाभारत में भगवान श्री कृष्ण ने सारथी बनकर अर्जुन का किया था The Red Mike की पूरी टीम को बहुत बहुत बधाई।



