धन्य है ये एसडीएम!

विकास-

ये SDM पालमपुर हैं। हाल ही में पोस्टिंग हुई है। कोविड सेंटर का दौरा करने पहुँचे थे। पीपीई किट पहन रखे थे।

सोचे इन्हें कोई आम आदमी ना समझ ले, इसलिए किट पर ही SDM लिखा लिया। बस लाल बत्ती की जरूरत है।

धनंजय सिंह-

हर तस्वीर के दो पहलू होते हैं ! पालमपुर, हिमाचल के SDM धर्मेश रामोत्रा एक मिलनसार और जनहितैषी रवैये वाले अफसर हैं… इनके ऊपर दो सब डिवीजन के कोविड अस्पतालों का जिम्मा है…..कोविड प्रोटोकॉल के चलते कुछ ऐसी व्यवस्था है की अस्पताल में भर्ती मरीजों से परिजन मिल नहीं सकते.तमाम जगहों से लापरवाही और उपेक्षा की खबरें भी सामान्य हैं ही.

इन्होने कोविड अस्पतालों के दौरे शुरू किये और तरीका ये निकाला ताकि मरीज निश्चिंत रह सकें की एक जिम्मेदार अफसर की नजर उन पर है…किसी प्रिविलेज के लिए ये पट्टी नहीं चिपकी.

ध्यान रहे कोविड हॉस्पिटलाइजेशन में साइकोलोजिकल समस्या आम है. इस तस्वीर पर एक सामान्य/स्वाभाविक प्रतिक्रिया है की ‘सर पर लाल बत्ती की कमी है’। बाकी आप के इलाके में कितने नॉन मेडिक अफसर कोविड वार्ड के दौरे किये? तस्वीरें तो छपी ही होंगी,दिखाई जाए! मुझे यह तरीका पसंद आया, बजाए इसके की हर बेड पर जाकर बोलें की आप निश्चिंत रहें,आपके इलाज पर प्रशासन की नजर है.

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