खबरों का संकट और छह साल पुराने बयान पर बवाल

घटना प्रधान खबरों का संकट आज के अखबारों में भी दिख रहा है। अंग्रेजी अखबारों में इंडियन एक्सप्रेस ने आज, “सरकार बनाम आरबीआई” फ्लैग शीर्षक से जो खबर लीड बनाई है उसका मुख्य शीर्षक है, “छोटी फर्मों को कर्ज देना आसान करने, उधार देने के नियमों में छूट के लिए आरबीआई पर दबाव”। उपशीर्षक है, “आचार्य (आरबीआई के डिप्टी गवरनर विरल आचार्य) का गुस्सा अंशकालिक, गैर-आधिकारिक निदेशकों के दबाव के बाद फूटा”। पी वैद्यनाथन अय्यर की एक्सक्लूसिव खबर कहती है, वैसे तो आरबीआई और सरकार के बीच गड़बड़ कुछ समय से चल रही है पर शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से आचार्य का गुस्सा फूटा तो यह हाल में नियुक्त गैर आधिकारिक निदेशकों की मांग के कारण है। सूत्रों के मुताबिक, स्वदेशी जागरण मंच के एस गुरुमूर्ति जो अब अंशकालिक, गैर आधिकारिक निदेशक हैं, अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, खासकर तब जब विकास कम होता लग रहा है।


टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी इसी खबर को लीड बनाया है। शीर्षक है, “(उर्जित) पटेल के नेतृत्व वाले आरबीआई और सरकार के बीच तनाव सामने आने वाला है?” अखबार ने इस खबर के साथ एक बॉक्स लगाया है जिसका शीर्षक है, “एक साल से ज्यादा से पक रहा है”। यह सिद्धार्थ और मयूर शेट्टी की एक्सक्लूसिव खबर है। बॉक्स में तनाव की शुरुआत मार्च – अप्रैल 2017 से बताई गई है जब आरबीआई और सरकार ब्याज दर को लेकर आमने-सामने थे। अगस्त सितंबर 2018 में इसमें एस गुरुमूर्ति और एस मराठे को आरबीआई बोर्ड में शामिल किए जाने की भी चर्चा है। खबर के मुताबिक सरकार और आरबीआई खासकर इसके गवरनर उर्जित पटेल के बीच मतभेद बढ़ने की खबर इस साल के शुरुआत महीनों से चर्चा में है।

हिन्दुस्तान टाइम्स में आरबीआई और सरकार से जुड़ी यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। अखबार ने प्रधानमंत्री के जापान दौरे की खबर को लीड बनाया है। शीर्षक है, “जापान के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी, मोदी ने कहा”। उपशीर्षक है, “अनौपचारिक चर्चा : माउंट फुजी के पास अपने (जापानी) समकक्ष से मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, संबंध बुनियादी तौर पर बदल चुके हैं”। कोलकाता के टेलीग्राफ में “जील ऑन ट्रम्प ट्रिप मिसफायर्स” खबर को लीड बनाया है। अनिता जोशुआ की खबर के मुताबिक, समझा जाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्स ने 2019 के गणतंत्र दिवस परेड का मुख्यअतिथि होने से मना कर दिया है। लगता है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह निमंत्रण सामान्य डिप्लोमैटिक चैनल्स का उपयोग किए बगैर सीधे व्हाइट हाउस भेजा था। इस बारे में ना तो पहले कोई आधिकारिक पुष्टि हुई ना इतवार को आधिकारिक तौर पर कुछ कहा गया। लेकिन सूत्रों ने कहा कि वे नहीं आएंगे।

ऐसे मौकों पर हिन्दी अखबारों का हाल और बुरा होता है। ज्यादातर के पास ऐसे मौकों से निपटने की न तो तैयारी होती है ना योजना और न फटाफट कुछ कर डालने लायक संसाधन। ऐसे में सदाबहार खबरों से काम चलाया जाता है जबकि नौकरी-बेरोजगारी-भ्रष्टाचार की कोई खबर ऐसे मौकों के लिए तैयार रखी जा सकती है। नकारात्मक न छापना हो तो सकारात्मक खबर भी की जा सकती है जिससे लाचारी की जगह तैयारी तो दिखे। पर हिन्दी का पाठक ऐसी कोई अपेक्षा नहीं करता है तो संस्थान भी क्यों खर्च करें या परेशान हों। कुल मिलाकर, आज के हिन्दी अखबारों में कुछ है नहीं। ऐसे में कांग्रेस नेता शशि थरूर का एक छह साल पुराना बयान चर्चा में आया, दिलचस्प है। भाजपा परेशान है तो उसे भी छापा जा सकता था पर पुराना बयान पुराना होता है, रह गया।

मैंने जो अखबार देखे उनमें सिर्फ दैनिक भास्कर ने इसे विस्तार से छापा है। शीर्षक है, “मोदी शिवलिंग पर बैठे बिच्छू जैसे; न हाथ से हटा सकते हैं, न चप्पल से मार सकते हैं : थरूर”। इस तथ्य के साथ कि भाजपा नेता छह साल पुरानी उपमा से भी परेशान हैं। उसपर रविशंकार प्रसाद का हमेशा निकलने वाला गुस्सा फोटो के साथ बॉक्स में है। जो तुलना थरूर की बताई जा रही है वह असल में थरूर ने आरएसएस के किसी अनाम सूत्र के हवाले से कही थी और छह साल पहले ‘कारवां’ पत्रिका में छपी भी थी। दैनिक भास्कर ने इस खबर के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिन्दे की बेटी प्रणीति शिन्दे का बयान भी प्रमुखता से छापा है। बोलीं – मोदी बाबा डेंगू का मच्छर। प्रणीति सोलापुर से कांग्रेस विधायक हैं। बिच्छू पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले, “थरूर पाकिस्तान में होते तो चुप कर दिया गया होता” को भी बॉक्स में छापा है।

दैनिक जागरण में शीर्षक है, “मोदी पर थरूर ने सीमा लांघी, भाजपा ने घेरा”… अखबार ने थरूर के बयान को कोट में लगाया है और उसके नीचे, “माफी मांगे राहुल : भाजपा” शीर्षक से भाजपा का एतराज भी छापा है।

दैनिक हिन्दुस्तान ने दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित एनसीआर खबर को लीड बनाया है। फ्लैग है, चिन्ताजनक राजधानी में अब तक की सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज, आसमान पर छाई धुंध की मोटी चादर। प्रधानमंत्री के जापान दौरे की खबर यहां भी टॉप दो कॉलम में है। पर थरूर की तुलना की खबर खबरों के पहले पेज पर नहीं है। और चूंकि इस पन्ने पर विज्ञापन बहुत ज्यादा नहीं है इसलिए मैंने अंदर चेक नहीं किया।

नवभारत टाइम्स ने सीने में जलन और आंखों में परेशानी का मौसम आ गया शीर्षक खबर को लीड बनाया है। इसका उपशीर्षक है, स्मॉग की एंट्री, आगे हालात बिगड़ते जाने के आसार। शशि थरूर के बयान, शिवलिंग पर बिच्छू की खबर भी पहले पेज पर है और इसके साथ रविशंकर प्रसाद का बयान प्रमुखता से बड़े अक्षरों में छपा है, राहुल खुद को शिवभक्त बताते हैं …. उनके नेता चप्पल से हमले की बात कर महादेव का अपमान करते हैं।

अमर उजाला में, दिल्ली का दम फूला, साल के सबसे खराब स्तर पर आबोहवा शीर्षक खबर लीड है। उपशीर्षक है, वायु गुणवत्ता सूचकांक 381 पर पहुंचा, दिवाली के बाद हालात और खराब होंगे। जापान दौरे की खबर यहां टॉप बॉक्स है। शीर्षक है, “मोदी भरोसेमंद दोस्त : आबे”। शशि थरूर की खबर खबरों के पहले पेज पर नहीं है और इसपर विज्ञापन ज्यादा नहीं है इसलिए अंदर नहीं देखा।

दैनिक जागरण ने, “मोदी-एबी की मुलाकात से संबंधों को मिली नई उंचाई शीर्षक” से जापान के यामानशी डेटलाइन से प्रेस ट्रस्ट की खबर को लीड बनाया है। इसके मुताबिक जापान दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनके जापानी समकक्ष शिजो एबी के साथ मुलाकात से दोनों देशों के संबंधों को नई उंचाई मिली है। थरूर के बयान की खबर यहां पांचवें पेज पर है जिसे अखबार ने दूसरे पहले पेज की तरह प्रस्तुत किया है। शीर्षक है, “मोदी पर थरूर ने सीमा लांघी, भाजपा ने घेरा”।

नवोदय टाइम्स ने भी प्रधानमंत्री के जापान दौर की खबर को लीड बनाया है। फ्लैग शीर्षक है, जापान के प्रधानमंत्री का भावुक संदेश। मुख्य शीर्षक है, आबे का आजीवन दोस्ती का वादा। टोक्यो / नई दिल्ली डेटलाइन से प्रकाशित एजेंसी की इस खबर में कहा गया है, “…. जापान-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पूर्व आबे ने अपने एक संदेश में यह बात कही है। भारतीय समाचार पत्रों में प्रकाशित एक संदेश में उन्होंने कहा …. ।” शशि थरूर के बयान वाली खबर नवोदय टाइम्स में आज दूसरे पेज पर है। अखबार में आज पहला पेज विज्ञापन का है। दूसरे पर थरूर की खबर है और खबरों के पहले पेज पर जापान दौरे की खबर लीड है।

वरिष्ठ पत्रकार और अनुवादक, संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट। संपर्क : anuvaad@hotmail.com

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *