चाय के सहारे चुनिंदा पत्रकारों को चारण-भांट बनाने की तैयारी में जुटे सुनील बंसल!

पत्रकारों से अपनापा जताते यूपी भाजपा के संगठन मंत्री सुनील बंसल

पत्रकारों से अपनापा जताते यूपी भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल 

लखनऊ। पार्टी कार्यालय को कोतवाली की तरह चलाने तथा अपनी लक्‍जरी जीवन शैली से दीन दयाल उपाध्‍याय के एकात्‍म मानवतावाद को हाशिए पर रखने के आरोपों से घिरे यूपी भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल चाय के सहारे कुछ अखबारों और न्‍यूज एजेंसी के पत्रकारों को साधने का प्रयास करने लगे हैं. कोतवालों की तरह कुछ पत्रकारों को अपना भांट-चारण बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हाल तक पत्रकारों से दूरी बनाकर रखने वाले बंसल कलई खुलने की शुरुआत होने के बाद कुछ चुनिंदा पत्रकारों से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं ताकि मौका आने पर खबरों का काउंटर कराया जा सके. 

दरअसल, पिछले दिनों कुछ अखबारों और चैनलों पर सुनील बंसल को लेकर ऐसी खबरें चलीं, जिससे साबित हुआ कि वो पार्टी के विचारधारा एकात्‍म मानवतावाद के विपरीत कार्यालय में लक्‍जरी सुख-सुविधा भोग रहे हैं, जबकि इनके पहले के संगठन मंत्रियों ने एक ही कमरे के भीतर अपना कार्यकाल काट दिया था. दिल्‍ली में कोतवाली चला रहे अमित शाह के नाम का धौंस देकर इन पर लखनऊ भाजपा कार्यालय को कोतवाली की तरह चलाने के आरोप लगे. कार्यकर्ताओं या पत्रकारों से मिलने में इनका सदा परहेज रहा. पर जब अंदर की खबरें बाहर आने लगीं तो बंसल साहब खबरों को मैनेज करने के लिए एक अदद पत्रकार-दलाल की तलाश करने लगे. 

इसी क्रम में इन्‍होंने कुछ पत्रकारों से अपनी नजदीकियां बढ़ाई ताकि खबरें रोकी जा सकें, पक्ष में खबरें लिखवाई जा सके. परेशान बंसल की सहायता के लिए सामने आया आरएसएस, संघ ने अपने समाचार एजेंसी हिंदुस्‍थान समाचार के माध्‍यम से बंसलजी मुश्किल कम करने की ठानी. संघ के एजेंसी के निर्देशन में यह योजना बनाई गई कि जल्‍द ही राजधानी के कुछ चुनिंदा पत्रकारों को उनसे मिलवाकर उनका एक ग्रुप तैयार कराएगा ताकि उनके खिलाफ छपने वाली खबरों को काउंटर किया जा सके. इसके लिए उक्‍त समाचार एजेंसी के कार्यालय में शुक्रवार को बड़ी गोपनीय तरीके से चाय पर चर्चा का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें अतिथि बनाए गए सुनील बंसल जी और राजधानी के कुछ चुनिंदा पत्रकार. 

अत्‍यन्‍त ही गुपचुप तरीके से कार्यक्रम तैयार हुआ ताकि इस ग्रुप से बाहर के पत्रकारों को इसकी भनक ना लग सके. सारी सावधानियां बरती गईं. एजेंडा इतना फूल प्रूफ और पुख्‍ता बनाया गया कि हर दम एक साथ रहने वाले कई पत्रकार भी अपने साथी पत्रकारों से यह बात छुपा ले गए. पर, बात उस समय बाहर आ गई जब एक एजेंसी के पत्रकार ने बंसलजी के सामने उन पर कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया और वाहवाही में इस बात को कुछ भाजपाइयों से शेयर कर दी. इसके बाद अन्‍य पत्रकारों तक भी यह सूचना पहुंच गई कि बंसलजी कुछ चुनिंदा पत्रकारों के साथ चाय पार्टी आयोजित कर उन्‍हें अपना बनाने की कोशिश की. 

खबर यह भी आ रही है कि सुनील बंसल कुछ चुनिंदा पत्रकारों का एक समूह तैयार कर रहे हैं, जो इनके खिलाफ चलने वाली खबरों को रोकने और उसका काउंटर करने का काम करेंगे. बदले में एकात्‍म मानवतावाद की ऐसी तैसी करके लक्‍जरी जीवन जीने वाले बंसलजी इनकी चिंता करेंगे. दरअसल, अब तक मीडिया से दूरी बनाकर रखने वाले बंसलजी खबरों के बाहर आने के बाद अपने चारण-भांट पत्रकारों का एक समूह तैयार करने जा रहे हैं, पहले चरण में इन्‍हें सफलता भी मिली है. चाय पीने वाले पत्रकार जल्‍द ही इसका एहसान भी चुकाने वाले हैं. सू्त्रों ने बताया कि चाय पर बुलाए गए पत्रकार बंसलजी के पक्ष में खबर छापकर-चलाकर चाय का एहसान उतारेंगे. 

बंसलजी के सामने मुश्किल यह है कि इनके निर्देशन में लड़े गए उपचुनावों-विधान परिषद चुनाव में हार होने के बाद कार्यकर्ता विरोध में आवाज उठाने लगे हैं. इनके कार्यशैली से परेशान भाजपा का मीडिया विंग खुद चैनल पत्रकारों को चुपचाप से इनकी सच्‍चाई बताकर पोल खोलने लगा है, जिसके बाद चैनलों पर बंसलजी की कलई खोलने की शुरुआत हुई है. यूपी भाजपा का मीडिया विंग अपने अपने खास पत्रकारों को सुनील बंसल से जुड़ी खबरें बताकर उन पर हमला करा रहा है. अब देखना है कि बंसलजी का नया चारण-भांट समूह उनको परेशानी से निजात दिलाता है या पार्टी का मीडिया विंग भारी पड़ता है?

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Comments on “चाय के सहारे चुनिंदा पत्रकारों को चारण-भांट बनाने की तैयारी में जुटे सुनील बंसल!

  • sanjay kumar says:

    poras aur paras jaise karykartayon ka sanrakshan band hona chahiye tabbhi bjp sahi disha me badegi…patrkaron ko dana dalne se kuchh nahi hoga. poras ne apni hi sena ko kuchal diya to paras ne apne pariwar ko hi khatm kar diya.

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  • charan and bhat are different communities, don,t mix them and you please read the history of the charan,s before writing about them..some person may be spineless in every community and cast but overall charans have history of bravery and truth..you can study james tod to suryamal mishrn and kesari singh barhath..shuold not abuse or write a ugly comment about the total cast and community, even without complete study and information,,this is not good jounalism..you should take our words back if you have even a single percent journalism..

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  • Jaswant ji, jo photo aapne chhapi h, usme ek photo meri v hai.. Aapki mai aaj ke pahle tak bahut ijjat karta tha, kyoki mujhe lagta tha ki aap sach likhte hai va galat ke khilaf ladte hai.. lekin aai pata chala ki aap kutsit mansita ke tahat patrakarita karte hai aur apne dalalo ke dwara bheji gayi khabar ko bina janch padtal kiye chhap dete hain.. mahoday, aaj tak kisi politician se maine 10 rupye ka bhi ahsaan nhi liya h, charan bhaat banana to bahut door ki baat hai.. us meeting me awanish tyagi, jagran va anya kayi senior journalist the, par inki photo chhapne ki na aapki aukaat hai, na hi aapke dalalo ki.. Aap to kewal sharifo ko talget karte hai.. kisi ke varsho ke tyag va imandaari ko bansal ka charan bhaat batakar lanchhit karne me aapko sharm nhi aati.. jo photo aapne chhapi hai, usme ek log se delhi me padhayi ke samay se hi abvp ke karan bansal se acchhe sambandh hai, to baki ke adhiktar logo se hindusthan samachar se jude hone ke karan sambandh hai.. waise sunil bansal ka v histotry pata kar liiye.. up loksabha me 73 MP ke alawa delhi me abvp ko 10 saal se jeet bansal ji ke dimag ki wajah se hi mil rahi hai..

    Reply
  • amit singh says:

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    :sigh: :sigh: :sigh: 😀 😀

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  • amit singh says:

    Jaswant ji, jo photo aapne chhapi h, usme ek photo meri v hai.. Aapki mai aaj ke pahle tak bahut ijjat karta tha, kyoki mujhe lagta tha ki aap sach likhte hai va galat ke khilaf ladte hai.. lekin aai pata chala ki aap kutsit mansita ke tahat patrakarita karte hai aur apne dalalo ke dwara bheji gayi khabar ko bina janch padtal kiye chhap dete hain.. mahoday, aaj tak kisi politician se maine 10 rupye ka bhi ahsaan nhi liya h, charan bhaat banana to bahut door ki baat hai.. us meeting me awanish tyagi, jagran va anya kayi senior journalist the, par inki photo chhapne ki na aapki aukaat hai, na hi aapke dalalo ki.. Aap to kewal sharifo ko talget karte hai.. kisi ke varsho ke tyag va imandaari ko bansal ka charan bhaat batakar lanchhit karne me aapko sharm nhi aati.. jo photo aapne chhapi hai, usme ek log se delhi me padhayi ke samay se hi abvp ke karan bansal se acchhe sambandh hai, to baki ke adhiktar logo se hindusthan samachar se jude hone ke karan sambandh hai.. waise sunil bansal ka v histotry pata kar liiye.. up loksabha me 73 MP ke alawa delhi me abvp ko 10 saal se jeet bansal ji ke dimag ki wajah se hi mil rahi hai..

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