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भास्कर, जी मरुधरा और श्री न्यूज के तीन दुखियारों की तीन चिट्ठियां

दैनिक भास्कर सागर में कर्मचारियों के साथ प्रताड़ना का दौर जारी. पिछले दिनों रात करीब डेढ़ बजे जिस पेजमेकर प्रभात तिवारी के साथ न्यूज एडिटर संजय पांडे ने गाली गलौज की थी, उसे ‘सूरदास’ की मदद से अभय दान मिल गया है। उल्टे प्रभात तिवारी जो मेन एडिशन का काम देख रहे थे, उन​की सीट बदलकर सेटेलाइट डेस्क पर कर दिया गया है. सजा संजय पांडे की मिलनी थी लेकिन मिली प्रभात तिवारी को. तिवारी को बार बार नौकरी से निकालने की धमकी देने की सूचना भी मिल रही है. बताया जा रहा है कि इस काम में संपादक को दैनिक भास्कर —2 के स्टेट एडिटर नरेंद्रसिंह अकेला का पूरा सपोर्ट मिल रहा है. ‘संजय’ को बचाने के लिए उस भारी ​हंगामे को दबा दिया गया है. तिवारी की सुनवाई कहीं नहीं हो रही है. दूसरी सूचना यह भी मिल रही ​है ​कि आफिस के अंदर मजीठिया वेज बोर्ड की चर्चा करने वाले कर्मचारियों को एच आर सुशील दुबे तरह तरह से प्रताड़ित कर रहे हैं. नौकरी जाने के भय से कर्मचारी चुपचाप अत्याचार स​हन कर रहे हैं.

दैनिक भास्कर सागर में कर्मचारियों के साथ प्रताड़ना का दौर जारी. पिछले दिनों रात करीब डेढ़ बजे जिस पेजमेकर प्रभात तिवारी के साथ न्यूज एडिटर संजय पांडे ने गाली गलौज की थी, उसे ‘सूरदास’ की मदद से अभय दान मिल गया है। उल्टे प्रभात तिवारी जो मेन एडिशन का काम देख रहे थे, उन​की सीट बदलकर सेटेलाइट डेस्क पर कर दिया गया है. सजा संजय पांडे की मिलनी थी लेकिन मिली प्रभात तिवारी को. तिवारी को बार बार नौकरी से निकालने की धमकी देने की सूचना भी मिल रही है. बताया जा रहा है कि इस काम में संपादक को दैनिक भास्कर —2 के स्टेट एडिटर नरेंद्रसिंह अकेला का पूरा सपोर्ट मिल रहा है. ‘संजय’ को बचाने के लिए उस भारी ​हंगामे को दबा दिया गया है. तिवारी की सुनवाई कहीं नहीं हो रही है. दूसरी सूचना यह भी मिल रही ​है ​कि आफिस के अंदर मजीठिया वेज बोर्ड की चर्चा करने वाले कर्मचारियों को एच आर सुशील दुबे तरह तरह से प्रताड़ित कर रहे हैं. नौकरी जाने के भय से कर्मचारी चुपचाप अत्याचार स​हन कर रहे हैं.

ज़ी मरुधरा शुरुवाती दौर में कर्मचारियों के भुगतान को लेकर बड़े बड़े दावे कर रहा था लेकिन इन दिनों स्ट्रिंगरो को पिछले 4 महीनो से तनख्वाह नहीं मिली है जिसके लिए कई बार स्ट्रिंगर प्रबंधन टीम से बात कर चुके हैं. मंगलवार को एक स्ट्रिंगर द्वारा पेमेंट की बात कहने पर असाइनमेंट द्ववारा साफ़ तोर पर सभी स्ट्रिंगरों को कहा गया है कि वो बार बार पेमेंट की ना कहें. जो ऐसा नहीं कर सकते वो चैनल से इस्तीफा देकर जा सकते हैं. स्ट्रिंगरों ने इस जवाब के बाद चैनल में बात भी की है. कई स्ट्रिंगर इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि पेमेंट मिले और चैनल को बाय बाय बोल दें.

मेरा नाम विवेक रॉय है. मैं कासगंज जिले से श्री न्यूज़ में स्ट्रिंगर हूँ. श्री न्यूज़ ने मेरी फरवरी से सैलरी नहीं दी है. मैं अभी तक बराबर ख़बरें दे रहा हूँ. जब भी चैनल पर फ़ोन करता हूँ तो बोल देते हैं  कि सेलरी मिल जाएगी, खबर डालते रहो. अब तो इनपुट हेड नाहिद फातिमा ने साफ़ साफ़ ये बोल दिया कि सैलरी नहीं मिलेगी. मेरी घर की स्थिति बहुत खराब चल रही है. मैं अपने घरवालों को अभी तक झूठा दिलासा देता आ रहा हूँ कि सैलरी मिल जाएगी.  लेकिन उनको क्या पता कि सैलरी अब नहीं मिलेगी.

उपरोक्त तीनों रिपोर्ट भड़ास के पास आईं तीन चिट्ठियों पर आधारित है.

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1 Comment

1 Comment

  1. manmohan shrivastav

    December 2, 2014 at 1:10 pm

    साथियों,
    संघर्ष पथ… संघर्ष पथ… संघर्ष पथ…!

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