एक न्यूज चैनल के तिकड़मी कैमराचीफ की कहानी

ये एक न्यूज चैनल के कैमराचीफ की कहानी है. पिछले कुछ सालों में कई लोगो ने इस न्यूज चैनल को छोड़ा और काम न करने वाले कई लोगों पर गाज भी गिरी। लेकिन चैनल के कैमरा चीफ की चांदी ही चांदी है। सेलरी अलग। सेलरी के अलावा कैमरामेन की तरफ से आने वाला चढावा अलग। हर किसी कैमरामैन को गाली देकर बुलाना कैमराचीफ की पुरानी आदत है। चैनल कैंपस में न जाने कितनी बार महिलाओं को चाकलेट देते और फ्लर्ट करते हुए पकड़े गए। दो तीन मामले ऐसे भी HR में पहुंचे जिसमें विदेशी दौरे में भी साथ गई महिला रिपोर्टर की शिकायत भी मिली जिसे कैमराचीफ ने जैसे तैसे रफादफा कर अपना दामन बचा लिया। लेकिन कैमराचीफ की हरकत इसके बावजूद नहीं रुकी।

रोजाना रात को ऑफिस के बाहर पार्किग में शराब पार्टी का आयोजन नॉर्मल बात है। खुद के पैसो से नहीं, कैमरामैन के पैसों से। बॉस को खुश करने के लिए कुछ ऐसे चेले भी हैं जो ये पूरी व्यवस्था करवाते हैं। एक सीनियर कैमरामैन के मुताबिक ब्यूरो के कैमरामैन भी कैमराचीफ की सेवा करते हैं। यूं कहें कि करवाई भी जाती है। बदले में उनके गलत कामों को ढकने का वादा। जब भी कैमराचीफ ब्यूरो पहुंचे तो वहां का कैमरामैन पहले सेवा करता है। शराब की बोतल का गिफ्ट कैमराचीफ को खास पंसद है। इसके अलावा पूरे टाइम कैमराचीफ को ऑफिशियल दिखावे की कार चाहिए। काम लेकिन पर्सनल ही होता है। कैमराचीफ की इस आदत की वजह से कैमरामैन चौड़े रहते हैं और रिपोर्टर को आंख दिखाने और षंडयत्र रचने से भी नहीं चूकते।

कैमरामैन को किसी बात का डर नहीं होता क्योकि कैमराचीफ को गिफ्ट जो पहुंचता रहता है। कैमराचीफ भी कैमरामैन की गलतियों को ढंकता रहता है और रिपोर्टर को ही गलत ठहराने का पहले से हिसाब तैयार कर लिया जाता है। कैमराचीफ के साथ संस्थान के दो चार और लोग भी जुड़े हैं जो कैमराचीफ की बातों पर मुहर लगाने का काम करते हैं। दो तीन बार कैमराचीफ की नौकरी तक पर तलवार लटक चुकी है। लेकिन अपनी जुगाड़ की वजह से बचते गए। एक बार फिर कैमराचीफ की कुछ हरकतें ऊपर तक पहुंची हैं जिसकी खुफिया जांच चल रही है। सच्चाई बाहर आते ही गाज गिर सकती है या बचते हैं, देखने वाली बात होगी।

किसी मामले पर तुंरत कार्रवाई करने वाले मौजूदा संपादक का भी कैमराचीफ को डर नहीं। खुद कैमराचीफ ये बात अपने साथियों को कई बार कह चुके हैं।  शराब के नशे में ज़ी न्यूज़ के मौजूदा संपादक को गालियां देना और अदालत में चल रहे मामले पर जब कैमराचीफ बोलते हैं और अगर ये रिकॉर्डिग कोई सुन ले तो मालूम चल सकता है कि कैमराचीफ को चैनल से कितना प्यार है। इस रिकॉर्डिग का जल्द खुलासा भी हो सकता है। कैमराचीफ की खास बात ये भी है कि जैसे वो किसी के खिलाफ कोई चक्रव्यूह रचते हैं उससे पहले दो तीन खास लोग अपना साथ देने के लिए बना लेते हैं जिनमे एक दो महिलाए भी शामिल हैं।  नौकरी ऐसी भी होती है। महिलाओं पर नजर रखने वालों के ऐसे चेहरे भी होते हैं।

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.



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