जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह की विवादित टिप्पणी का स्वतः संज्ञान लेते हुए, मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को आदेश दिया है कि वे मंत्री के खिलाफ चार घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करें। अदालत ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी न केवल एक महिला अधिकारी का अपमान है, बल्कि यह भारतीय सेना की गरिमा और सामाजिक सौहार्द पर भी आघात है।
विवादित बयान का मूल प्रसंग
मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था, “हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों से उनकी ही बहन ने बदला लिया,” जो कि कर्नल सोफिया कुरैशी की ओर संकेत करता था। इस बयान को कई लोगों ने कर्नल कुरैशी को ‘आतंकवादियों की बहन’ कहने के रूप में देखा, जिससे व्यापक विरोध हुआ।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और माफी
विवाद बढ़ने पर विजय शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि उनका आशय गलत समझा गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे कर्नल कुरैशी का सम्मान करते हैं और यदि आवश्यक हो तो दस बार माफी मांगने को तैयार हैं।
भाजपा नेतृत्व ने स्थिति को संभालने के लिए अपने नेताओं को कर्नल कुरैशी के परिवार से मिलने भेजा और उन्हें ‘देश की बेटी’ बताया।
विपक्ष और जनता की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी सेना के सम्मान के खिलाफ है और भाजपा को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
यह घटना दर्शाती है कि सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को अपने बयानों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, विशेषकर जब बात देश की सुरक्षा और सेना के सम्मान की हो। हाई कोर्ट का त्वरित हस्तक्षेप इस बात का संकेत है कि न्यायपालिका इस प्रकार के मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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