तड़ी पार से तिहाड़ रिटर्न का साक्षात्कार!

तड़ी पार से तिहाड़ रिटर्न का साक्षात्कार! इनसे कोई पूछे, सोहराबुद्दीन एनकाउंटर पर सवाल करने में तेरी पैंट गीली क्यों हो जाती है?

“चमचा चौधरी” का दावा है कि जो सवाल मैं पूछता हूँ, देश के बाक़ी पत्रकार नहीं पूछ सकते. इसलिए यह इंटरव्यू सबसे हट कर है. एक ही इंटरव्यू बारम्बार चलाता-पकाता है. ये अकेला प्राणी नहीं है. अर्णव गोस्वामी, अमिश देवगन आदि-इत्यादि जो भी अमित शाह का इंटरव्यू करता है, साल का सबसे बड़ा! सबसे एक्सक्लूसिव! अद्भुत! अविस्मरणीय! ऐतिहासिक! यादगार साक्षात्कार हो जाता है.

दिसंबर 2005 का मुझे ध्यान है. राजनाथ सिंह बीजेपी अध्यक्ष बने. ज़िम्मेदारी संभालने के तुरंत बाद मैंने इंटरव्यू किया. उनके बेटे पंकज सिंह ने उसी समय मुझे फोन पर बताया था, “यह अध्यक्ष जी द्वारा दिया पहला साक्षात्कार है !”

मगर, मेरे लिए यह रूटीन सी बात थी. डायचेवेले पर बीजेपी अध्यक्ष का इंटरव्यू सिर्फ एक बार प्रसारण हुआ था. बारह मिनट. बस !

यहाँ तो देख रहा हूँ इंटरव्यू देने वाला एक पार्टी का अध्यक्ष परवरदिगार हो जाता है, और जिस पत्रकार ने लिया, उसे देखिए कैसे फुल कर कुप्पा हुआ जा रहा है.

“चमचा चौधरी” को आज इसके आका ने कई बार झिड़का. उसका सवाल था, क्या राहुल गाँधी को ट्रेनिंग कि ज़रूरत है ? अमित शाह ने हड़काया, “कांग्रेस पार्टी एक पुरानी पार्टी है, उसके अध्यक्ष के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग ठीक नहीं!”

वरिष्ठ पत्रकार पुष्परंजन की एफबी वॉल से। 

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