स्टिंगरों से अब खबर की जगह सरपंचों के फ़ोन नंबर मांगे जा रहे हैं

ज़ी मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के नए चैनल हेड दिलीप तिवारी न जाने कौन सी दुश्मनी अपने ही चैनल के स्टिंगरों से निकाल रहे हैं. खबर तो दूर, चैनल में न्यूज़ स्क्रॉल तक नहीं चलाये जा रहे हैं. गिनती की स्टोरी पकड़ कर तीन-तीन दिनों तक रगड़ी जा रही हैं और कई मामलों में तो मीडिया ट्रायल तक किया जा रहा है. वो चाहे खंडवा के कलेक्टर द्वारा नरेंद्र मोदी के आगमन पर किये गए खर्च का मामला हो या बैतूल में एक व्यक्ति द्वारा एड्स की आशंका में परिवार की हत्या का फॉलोअप.

स्टिंगरों से अब खबर की जगह सरपंचों के फ़ोन नंबर मांगे जा रहे हैं और न देने पर चैनल से निकाल देने की धमकी दी जा रही है. ज़ी मीडिया के लिए अब तक लोग यही जानते थे कि यह बड़ा ग्रुप है और यहां शोषण नहीं होता. लेकिन जिस प्रकार से नए चैनल हेड अपनी गतिविधि अंजाम दे रहे हैं, वे निश्चित रूप से ग्रुप की पालिसी के विरूद्ध है. कई लोग अब परेशान हो कर चैनल के मालिक सुभाष चंद्रा तक बात पहुंचाने की कोशिस कर रहे हैं.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code