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उत्तर प्रदेश

हरदोई आत्महत्या प्रकरण: सातों पत्रकारों को अरेस्टिंग से बचाएगा हाईकोर्ट का ये आदेश!

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हरदोई आत्महत्या मामले में बड़ी राहत देते हुए सात पत्रकारों (Journalist) की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने पत्रकारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अरेस्ट स्टे जारी किया है, जिससे अब सभी आरोपी पत्रकारों को फिलहाल गिरफ्तारी का डर नहीं रहेगा।

यह मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई (Hardoi) जिले से जुड़ा है, जहां 27 मई को अरविंद गुप्ता नामक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि एक खबर में अरविंद को 21 किलो सोना गायब करने के मामले में आरोपी बताया गया था, जबकि पुलिस जांच में उसका नाम सामने नहीं आया था। इसी मानसिक दबाव और बदनामी के चलते उसने अपनी जान दे दी।

परिजनों की शिकायत पर हरदोई कोतवाली पुलिस ने पत्रकार फैजी खान (दैनिक भास्कर) समेत कुल सात लोगों पर धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। अन्य नामजद पत्रकार हैं:-

  • उमेद खान (सोशल मीडिया)
  • आलोक श्रीवास्तव (A9 सांग)
  • मयंक टंडन (बाहुबली न्यूज़)
  • राजेश करनपुर (स्वराजिनी न्यूज़)
  • अमित त्रिवेदी (तेजस्व टूडे हिंदी दैनिक)
  • रवि किशोर (जी टेन न्यूज़)

एफआईआर (FIR) में इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने बिना पुष्टि किए अरविंद गुप्ता का नाम खबरों में प्रमुखता से चलाया, जिससे उसकी सामाजिक छवि धूमिल हुई और वह डिप्रेशन में चला गया।

पत्रकारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी पर रोक की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने सभी सातों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट के इस फैसले को पत्रकारिता जगत के लिए अहम माना जा रहा है, जो फिलहाल जांच लंबित रहने तक पत्रकारों को गिरफ्तारी से बचाएगा।

अब देखना होगा कि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।

मूल खबर…

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