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दिल्ली

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो, जंतर मंतर पर भारी मात्रा में जुटे काक्रोचों ने भरी हुँकार!

देश के आधा दर्जन से अधिक राज्यों में विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें…

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉक्रोचों का प्रदर्शन जारी है। कॉक्रोचों की एक सुर में मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो। दिल्ली के अलावा देश के आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों से भी प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आ रही हैं। कुल मिलाकर अब भी लोगों के सामने कॉक्रोच जनता पार्टी एक दुविधा का विषय बना हुआ है कि आखिर इस मूवमेंट के पीछे कौन है और कहां जाकर इसकी कड़ी जुड़ेगी?

बहरहाल, यह आने वाला वक्त ही बताएगा, आप अभी क्या चल रहा है बस उसपर नजर रखिए…


शीतल पी सिंह-

Left Front की पार्टियों ने काकरोच पार्टी के आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया है। सीपीआई एम एल नेता दीपांकर भट्टाचार्य धरनास्थल पर पहुंच चुके हैं और जेएनयू के भी छात्रों के जत्थे व नेता वहां दिखाई दे रहे हैं। SFI वाले ढपली बजाते भी दिखाई दे रहे हैं। एक पत्रकार ने X पर पोस्ट किया था कि दिपके ने एयरपोर्ट पर उतरकर पहला फ़ोन सीपीएम नेता वृंदा करात को किया था।

A large crowd of protesters outdoors, many raising their fists and signs; signs include 'AISA' logos and text in Hindi, with green trees in the background.

गर्मी बहुत है लेकिन अब तक जंतर मंतर पर अच्छे विज़ुअल्स पैदा करने भर की भीड़ जमा हो चुकी है जो electrifying माहौल को पैदा कर रही है।

दक्षिणपंथी यूट्यूबर्स आंदोलन को फेल साबित करने की जी जान से कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस समर्थकों की प्रोफ़ाइलों पर बी-टीम वाला दावा और गहरा हो रहा है और मीडिया मंचों के थंबनेल सुनहरे होने लगे हैं!


मुकेश कुमार-

कॉकरोच पार्टी ने अच्छी भीड़ जुटा ली है। लोगों में जोश भी है। इसे अच्छी शुरुआत कहा जा सकता है। अभिजीत दीपके जय भीम का नारा लगाकर एक मैसेज देने की कोशिश कर रहे हैं।

मैसेज ये है कि लड़ाई अंबेडकरवाद के इर्द-गिर्द होगी। लेकिन ये कहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का एजेंडा हड़पने की कोशिश तो साबित नहीं होगी?

अभी फोकस धर्मेंद्र प्रधान और परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों और धांधली पर है। धीरे-धीरे पत्ते खुलेंगे, लोग जुड़ेंगे तो समझ में आएगा कि पार्टी कौन सी राह पकड़ रही है और उसका असली या हिडेन एजेंडा क्या है।

लेकिन अभी से अच्छी या बुरी राय बनाकर चलना ठीक नहीं होगा। विपक्ष को इस ऊर्जा का इस्तेमाल करने के बारे में सोचना चाहिए।


Large crowd of protesters packed together outdoors, many holding up white placards amid green trees in the background.

ज्यादातर युवा GenZ शायद अपनी ज़िंदगी में पहली बार इतनी धूप में , बिना टेंट और पंखे के, 55 डिग्री गर्म सड़क पर बिना दरी या कारपेट पर बैठे हैं। भाजपा और कांग्रेस इनका नहीं, पूरी नौजवान पीढ़ी और GenZ का मज़ाक उड़ा रहे हैं। ये बच्चे हमारे और आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, इनका सबको साथ देना चाहिए।

-सौरभ भारद्वाज, विधायक, AAP

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