शीतल पी सिंह-
कांग्रेस समर्थक प्रोफ़ाइलों…
NEET और CBSE घोटालों के खिलाफ यूथ कांग्रेस (IYC) & NSUI देशव्यापी “हल्ला बोल” आंदोलन चला रही है । गूगल से पूछे जाने पर उसने निम्न कुछ रेफरेंस शेयर किये ।
भारतीय युवा कांग्रेस और NSUI ने 29 मई 2026 से पूरे देश में “हल्ला बोल” अभियान शुरू किया। मांगें साफ हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NTA पर बैन, JPC जांच और छात्रों को न्याय!
प्रमुख प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई:
- दिल्ली:16 मई 2026 को Teen Murti Circle से शिक्षा मंत्री के आवास की ओर मार्च। IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार। NTA ऑफिस के बाहर NSUI का भी विरोध, कई डिटेंशन।
- जयपुर (राजस्थान): 21 मई 2026 — BJP मुख्यालय की ओर मार्च पर पुलिस ने पानी की बौछारें (water cannons) चलाईं। शहीद स्मारक पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश में कई कार्यकर्ता घायल।
- भोपाल (मध्य प्रदेश): NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर पुलिस ने water cannons का इस्तेमाल किया, भीड़ को तितर-बितर किया। NEET लीक, Agniveer और फीस वृद्धि के खिलाफ जोरदार विरोध।
- मुंबई (महाराष्ट्र): 2 जून 2026 — Chaityabhoomi से Shivaji Park मार्च। पुलिस ने बीच में रोका और कई Youth Congress कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया।
- रांची (झारखंड): 2 जून 2026 — Lok Bhavan के बाहर Youth Congress का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।



अन्य राज्य:
- बेंगलुरु (कर्नाटक) — 21 मई को Freedom Park पर प्रदर्शन।
- गोवा (Margao) — 29 मई से Halla Bol शुरू, बड़े नेताओं की मौजूदगी।
- चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद आदि में भी गिरफ्तारियां और विरोध प्रदर्शन।
(सभी जानकारी ANI, The Hindu, Times of India, PTI, Reuters, National Herald आदि विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।)
तो भाई लोग अपने काम का प्रचार क्यों नहीं करते? अभिजीत दिपके किसकी B टीम है किसकी नहीं, यह साबित करने में क्यों जान खपा रहे हो?
सौमित्र राय-
जय श्रीराम वालों की दुकान चालू होते ही बंद हो गई। पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया।
आज कॉकरोच जनता पार्टी की जंतर–मंतर रैली से जुड़ी पोस्ट करते हुए मुझे वह बात साफ़ नज़र आई, जो मैं बीते 2 दिन से महसूस कर रहा था।
वह यह कि बीजेपी/आरएसएस की बी और सी टीम–आप और कांग्रेस, दोनों इस प्रदर्शन पर इसलिए सवाल उठा रहे थे, ताकि सत्ता से सवाल पूछने वालों को पहले ही बदनाम किया जाए।
यही काम हमारे घरों में भी होता है। बड़े होते बच्चे जब परिवार के अंकिल लोगों की गंदी, दकियानूसी और ओछी मानसिकता पर सवाल करते हैं तो उन्हें चुप करा दिया जाता है।
जवाबदेही से बचने का यह आसान रास्ता है। सत्ता से सवाल पूछना देशविरोध है। देश को करप्शन, भाई–भतीजावाद, अपराध और अत्याचार, तानाशाही से आज़ाद कराने की मांग देशद्रोह है।
सनातन भारत को यही सिखाया गया है। इसे बदलना मतलब सिस्टम को बदलना–जो ये लोग चाहते नहीं।
लिहाज़ा, पाकिस्तान चले जाओ, बांग्लादेश चले जाओ–जैसे आसान जवाब दिए जाते हैं।
ऐसे जवाब कांग्रेसी ट्रोल मुसलमान भी दे रहे हैं, जिन्हें भारत में दोयम दर्जे से भी ऐतराज नहीं।
कॉकरोचों का गुस्सा अभी गैर राजनीतिक है। जिस दिन यह सियासत में बदलेगा, तब तूफान में ये सब उड़ जाएंगे। असल डर उसी बात का है।
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