राजेश साहू-
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के लिए कुल 50 कर्मचारियों की मौजूदगी उस गुप्त कमरे में रहती थी जहां गिनती होती थी। ये कर्मचारी 3 तरह के हैं-
- 24 कर्मचारी: नोट गिनकर उनके बंडल बनाते हैं। ये कर्मचारी प्राइवेट एजेंसी के जरिए ट्रस्ट ने रखे हैं।
- 12 कर्मचारी: ये ट्रस्ट के हैं, जो इन 24 कर्मचारियों पर नजर रखते हैं। यानी 1 कर्मचारी के हिस्से में निगरानी के लिए 2 कर्मचारी थे।
- 14 कर्मचारी : इनमें SBI के कर्मचारी और TCS की ऑडिट टीमों के सदस्य होते हैं।
अब ये सभी 50 कर्मचारी और इनको नियुक्त करने वाले जांच के दायरे में हैं। चोरी की रकम अब 200 करोड़ तक बताई जा रही।
राम मंदिर में जिन 5 लोगों से पूछताछ चल रही है, उसमें टिन्नू यादव के भतीजे मनीष यादव भी शामिल हैं, मनीष भी रुपए की गिनती करता था। स्वर्गद्वार इलाके में पुश्तैनी घर में रहता था। चर्चा है कि उसकी बताई जगह से 36 लाख रुपए कैश मिला है।
राम मंदिर में दान में चढ़ने वाले सोने-चांदी के जेवरों को केडी तिवारी संभालते हैं,वह भी अब संदेह के घेरे में हैं। इन्होंने 1.5 करोड़ की जमीन खरीदी है, ये भी जांच के दायरे में है। आरोप यह भी है कि केडी तिवारी ने 5 करोड़ रुपए की संपत्ति जुटाई है।

उत्तरप्रदेश- अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरीकांड-
दैनिक भास्कर के रिपोर्टर राजेश साहू ने चोरीकांड की रकम 200 करोड़ रुपये की बताई है. उनकी रिपोर्ट के मुताबिक चढ़ावे की रकम की गिनती का काम एक गुप्त कमरे में 50 कर्मचारी करते है. इतनी बड़ी चोरी के बाद उन सबकी भूमिका और उन्हें नौकरी देने वाले का इंटेन्शन शक के दायरे में है.
-नरेंद्र प्रताप
दिनेश डांगी-
अय़ोध्या के राम मंदिर में 150 से 200 करोड़ रुपए का चढावा चोरी होने का अंदेशा है….कार मैकेनिक और ऑटो चलाने वाले पैसे गिनती के काम में लगा रखे थे…
महज 15 हजार रुपए की नौकरी पर काम रहे इनमें से कुछ लोगों के पास अब 50 करोड़ की चल-अचल प्रोपर्टी है…रेस्टोरेंट,जमीन,फार्म हाउस औऱ लग्जरी गाड़ियों के मालिक बन चुके है….
ताज्जुब की बात है कि इतने बड़े पैमाने पर चोरी बिना बड़े लोगों की शह के बिना संभव ही नहीं है…लगता है या तो मामला दबा दिया जाएगा या फिर गिनती करने वाले छोटे लोगों पर सब थोप दिया जाएगा….
दिव्य कुमार सोती-
कल खबर चलवाई गई थी कि चढ़ावे की चोरी अभी कुछ महीने से शुरू हुई। आज अमर उजाला लिख रहा है कि महाकुंभ के समय से चल रही है। ₹10-15 लाख रोज गायब किए जा रहे थे। इतने समय बाद ये पैसा कैसे बरामद होगा?
क्या पता राज्य की सीमा और देश की सीमा भी पार कर गया हो? क्या पता किस काले धंधे में खप गया हो? इतने समय तक इतने बड़े पैमाने पर चोरी चलती रही और राम मंदिर के अंदर खूंटा गाड़ कर बैठे मूर्धन्यों को कुछ पता नहीं चला?
इसकी जांच तो अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ जैसी कोई संस्था ही कर सकती है। वो भी सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की मॉनीटरिंग में। एफआईआर ना दर्ज कराने की कोई वजह नहीं बची है अब।

सचिन गुप्ता-
राम मंदिर चंदा चोरी मामला –
सुप्रीम कोर्ट के वकील अनूप अवस्थी ने CJI को लेटर लिखकर राम मंदिर चंदा चोरी मामले का स्वयं संज्ञान लेने की मांग की है। अवस्थी ने मांग करते हुए कहा है कि इस मामले में पहले FIR दर्ज हो, फिर कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच हो।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार– राम मंदिर अयोध्या में चंदा चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। नोट गिनती से जुड़े करीब 50 कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं।
5 कर्मचारियों से अब तक करीब 2 करोड रुपए, एक कार और 3 आईफोन बरामद हो चुके हैं। कई कमचारियों के नाम अयोध्या में करोड़ों की प्रॉपर्टी मिली है।
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