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आम्रपाली वाले चोर बिल्डरों अनिल शर्मा, शिव प्रिय और अजय शर्मा की गिरफ्तारी के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा और दो निदेशकों की एक आपराधिक मामले में होगी गिरफ्तारी… सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तार करने की दिल्ली पुलिस को अनुमति दे दी है…. आम्रपाली के निदेशक शिव प्रिय और अजय कुमार भी होंगे गिरफ्तार… दोनों निदेशकों की निजी संपत्तियां भी जब्त करने का निर्देश… निदेशकों ने जमानत की गुहार लगाई, कोर्ट ने साफ मना कर दिया…

नई दिल्ली : आम्रपाली मामले में कंपनी के सीएमडी अनिल शर्मा व दो निदेशकों शिवप्रिय और अजय कुमार को गिरफ्तार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को इजाजत दे दी. कोर्ट ने कहा पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ करे. कोर्ट ने कहा कि इन तीनों की कस्टडी दिल्ली पुलिस को दी जा रही है. अब पुलिस पर निर्भर है कि पूछताछ कैसे की जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आम्रपाली समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा और दो निदेशकों को एक आपराधिक मामले में तुरंत गिरफ्तार करने की अनुमति दिल्ली पुलिस को दे दी.जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस उदय यू ललित की पीठ ने शर्मा और दोनों निदेशकों की निजी संपत्तियां भी जब्त करने का निर्देश दिया है.

पीठ ने कहा कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा आम्रपाली के निदेशकों-शिव प्रिय और अजय कुमार को गिरफ्तार भी कर सकती है. पीठ ने कहा, ‘हमने एक होटल में उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में इन निदेशकों को गिरफ्तार करने से किसी भी एजेंसी को कभी नहीं रोका.’

सुप्रीम कोर्ट आम्रपाली समूह की विभिन्न परियोजनाओं में करीब 42,000 फ्लैट बुक कराने वाले खरीदारों को कब्जा दिलाने के लिए खरीदारों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. इस समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा दो निदेशक शीर्ष अदालत के निर्देश पर अभी तक यूपी पुलिस की हिरासत में थे. सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज धोखाधड़ी के एक अलग मामले में दिल्ली पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ करने की इजाजत दे दी है.

पहले कोर्ट ने सीएफओ चन्द्र वाधवा और अनिल मित्तल को भी गिरफ्तार करने का मौखिक ऑर्डर दिया था. फिर उनको पहले दिए हलफनामा के मुताबिक जांच में शामिल होने को कहा. कोर्ट ने आम्रपाली के सीएमडी और अन्य निदेशकों की निजी सम्पदा और उनके घर अटैच करने का आदेश दिया. उनकी सम्पदा का ब्यौरा लाहोटी और फोरेंसिक ऑडिटरों ने कोर्ट को दिया. कोर्ट के इस आदेश के बाद यह सिविल मामला अब क्रिमिनल प्रोसीजर की ओर मुड़ गया है.

आम्रपाली के निदेशकों ने ज़मानत की गुहार लगाई लेकिन कोर्ट ने दो टूक मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि हमने आप लोगों को अपनी कस्टडी से पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. हमने सारी बात और माजरा समझकर यह कदम उठाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के साथ डील करने वाली कम्पनियों के 40 लोगों को फोरेंसिक ऑडिटर्स के सामने पेश होने को कहा. यह लोग पांच और छह मार्च को ऑडिटर्स के सामने पेश होकर उनके सवालों के जवाब देंगे. फोरेंसिक ऑडिटर आम्रपाली से डील करने वाली कम्पनियों से पूछताछ कर 22 मार्च तक अपनी रिपोर्ट कोर्ट को देंगे. 26 मार्च को आम्रपाली निदेशकों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना मामले में सुनवाई होगी.

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