न्यूयॉर्क/नई दिल्ली, 29 जून — अमेरिकी शेयर बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की एक अदालत को जानकारी दी कि वह भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को कानूनी समन भेजने की प्रक्रिया में अब भी जुटा हुआ है। SEC ने यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय हेग सेवा संधि (Hague Service Convention) के तहत भारत सरकार के सहयोग से किया है।
मामला क्या है?
यह केस 26.5 करोड़ डॉलर (लगभग 2200 करोड़ रुपये) के संदिग्ध भुगतान से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर एक रिन्यूएबल पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए किया गया था। SEC ने 20 नवंबर 2024 को अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिसमें आरोप है कि गौतम अडानी और सागर अडानी ने 2021 में जारी बॉन्ड्स के संबंध में भ्रामक और झूठे बयान दिए, जिससे अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया गया।
समन अब तक क्यों नहीं पहुंचा?
SEC ने कोर्ट को बताया कि वह भारत में निवास कर रहे इन दोनों डिफेंडेंट्स को समन और शिकायत की कॉपी कूटनीतिक माध्यमों से भेजने की प्रक्रिया में है। अमेरिकी एजेंसियां सीधे विदेशी नागरिकों को समन नहीं भेज सकतीं, इसलिए उन्हें भारत के कानून मंत्रालय और केंद्रीय प्राधिकरण से विधिक सहायता लेनी पड़ रही है।
भारत से सहयोग की अपील
SEC पहले भी भारत सरकार को औपचारिक अनुरोध भेज चुका है कि वह अडानी समूह के प्रमुखों को समन तामील कराने में मदद करे। अदालत ने SEC से 11 अगस्त 2025 तक इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
अडानी समूह की प्रतिक्रिया?
फिलहाल, अडानी समूह या उसके प्रवक्ताओं की ओर से इस मुकदमे पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। अतीत में अडानी समूह ऐसे आरोपों को “राजनीतिक प्रेरित और बेबुनियाद” बता चुका है, खासकर जब से 2023 में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद उस पर वैश्विक दबाव बढ़ा।
प्रशांत भूषण-
So, Modi govt is not assisting in Serving US SEC summons on Adani, despite binding obligations under The Hague Convention. Surprised? Is it a case of Adani in the lap of the govt or the govt in the lap of Adani?

अशोक कुमार पांडेय-
कीनिया के विसल ब्लोअर नेल्सन अमेन्या ने अदानी पर दबाव डालने और धमकी का आरोप लगाया है। अमेन्या वही हैं जिनकी पहल के कारण कीनिया में अदानी का धंधा बंद हुआ था।

मुकेश गर्ग-
इन्हीं हरकतों की वजह से आज कोई भी महत्वपूर्ण मुल्क भारत के साथ खड़ा नहीं दिखता … पूरे विश्व में भारत की विदेश नीति को “हम दो हमारे दो” की वजह से बर्बाद करके रख दिया है.
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