मुंबई: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) और न्याय विभाग (DOJ) गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को एक प्रतिभूति धोखाधड़ी और घूसखोरी मामले में नोटिस भेजने के लिए भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। न्यूयॉर्क की एक अदालत में दायर मामले की स्थिति रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
फरवरी में SEC ने भारत के कानून एवं न्याय मंत्रालय से अनुरोध किया था कि वह अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे को ‘नोटिस ऑफ लॉसूट’ (मुकदमे की जानकारी देने वाला नोटिस) और ‘रिक्वेस्ट फॉर वेवर ऑफ सर्विस ऑफ समन्स’ (स्वेच्छा से कानूनी दस्तावेज स्वीकार करने का अनुरोध) भेजने में मदद करें। यह सहयोग हैग सेवा संधि के तहत मांगा गया था, जो अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानूनी सहायताओं को सुविधाजनक बनाती है।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने इस अनुरोध को प्राप्त करने की पुष्टि की थी और संबंधित भारतीय न्यायिक अधिकारियों को नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, 25 अप्रैल को दायर स्थिति रिपोर्ट में SEC के वकील क्रिस्टोफर एम कोलोराडो ने अदालत को बताया कि भारत के कानून मंत्रालय से ताजा जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
रिपोर्ट के मुताबिक, SEC ने गौतम अडानी के वकीलों की पहचान कर उन्हें ‘नोटिस ऑफ लॉसूट’ और ‘रिक्वेस्ट फॉर वेवर ऑफ सर्विस ऑफ समन्स’ भेज दिया है। लेकिन अभी तक दोनों में से किसी ने भी समन्स और शिकायत पत्र की सेवा को स्वेच्छा से स्वीकार नहीं किया है।
ET की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप ने इस मामले से निपटने के लिए अमेरिका की जानी-मानी कानूनी फर्मों किर्कलैंड एंड एलिस और क्विन इमैनुएल उरक्वार्ट एंड सुलिवन को नियुक्त किया है।
भारत के कानून मंत्रालय ने शनिवार रात तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
ये भी पढ़ें…
अडानी को गुजरात की कोर्ट से समन भेजने के लिए अमेरिका ने केंद्र पर बनाया दबाव
अडानी पर 250 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने का आरोप, अमेरिका ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट


