यशवंत सिंह-
प्रयागराज में इस बार एक ऐसे व्यक्ति से मिला जिनके जुनून को सुनकर आप दंग रह जाएँगे। शैलेंद्र सिंह गौर दो दशक से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने किराए के अपने एक घर को ही लैब में तब्दील कर दिया है। खेत मकान दुकान सब बेच कर पैसा अपने जुनून को पूरा करने में लगा दिया। रिजल्ट अब सामने है। एक लीटर पेट्रोल से पौने दो सौ किमी चलने वाली बाइक तैयार कर चुके हैं। कई पेटेंट भी हासिल कर चुके हैं। उनकी तकनीक से कार, ट्रक, बस, पानी के जहाज की इंजिन क्षमता बहुत बढ़ाई जा सकती है। ये इनका दावा है।

लेकिन अब इनके आगे सबसे बड़ी समस्या फण्ड और उच्च संपर्क की है। बड़े ऑटोमोबाइल घरानों से इन्हें कनेक्ट करना होगा और इनके शोध को प्रोडक्शन में उतारना होगा।
गौर साहब के शोध को समझने के लिए कुछ बिंदु-
मौजूदा पारंपरिक इंजन की स्थिति : पारंपरिक आंतरिक दहन (I.C.) इंजन शुरू से ही डिज़ाइन की खामी के कारण अक्षम रहे हैं। ईंधन से प्राप्त कुल ऊर्जा में से पेट्रोल इंजनों में केवल लगभग 30% और डीज़ल/गैस इंजनों में 40% से भी कम ऊर्जा कार्य (वर्क) में परिवर्तित होती है। शेष ऊर्जा गर्मी और प्रदूषक (जैसे कार्बन) के रूप में व्यर्थ चली जाती है।
समाधान: प्रस्तावित नया इंजन
विकसित किए गए नए इंजन के प्रोटोटाइप में अब तक लगभग 70% से अधिक दक्षता प्राप्त की गई है, जो पारंपरिक पेट्रोल इंजन की तुलना में दोगुने से अधिक है।
अब तक किए गए परीक्षण
- टीवीएस स्पोर्ट स्टार 100 सीसी (2017 मॉडल) बाइक पर परीक्षण में 176 किमी/लीटर का माइलेज प्राप्त हुआ।
- 50 मिलीलीटर ईंधन में बाइक ने 35 मिनट (Idle) तक लगातार चली, जबकि इसी बाइक ने नए हाल में 12 मिनट 40 सेकंड तक ही चल सकी थी।
- टीवीएस की ही दूसरी 2018 मॉडल बाइक ने बिना किसी मॉडिफिकेशन के 12 मिनट 28 सेकंड (Idle) और 70 किमी/लीटर का औसत माइलेज दिया।
इसका मतलब है कि नए इंजन में माइलेज और दक्षता में अत्यधिक सुधार हुआ है।
भविष्य की संभावनाएँ : इस तकनीक से बाइक में 200 किमी/लीटर से अधिक का माइलेज संभव है। इसी अनुपात में कार, बस, ट्रक, जहाज व अन्य वाहनों की कार्यक्षमता में भी तीव्र वृद्धि होगी।
निर्माण में लगा समय : इस प्रोटोटाइप को सड़क किनारे की साधारण वर्कशॉप में 18 वर्षों की मेहनत से तैयार किया गया है।
उपयोगिता : यह तकनीक किसी भी आकार या ईंधन वाले इंजन में लागू की जा सकती है — यह एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है।
मुख्य विशेषताएँ (USPs) :
- अधिक टिकाऊ (Durable)
- अत्यंत पर्यावरण-अनुकूल — लगभग शून्य कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य प्रदूषक
- पारंपरिक इंजनों की तुलना में तीन गुना प्रदर्शन
सुरक्षा एवं पेटेंट
- इस तकनीक के लिए दो पेटेंट प्राप्त हो चुके हैं।
- कुछ और पेटेंट प्रक्रिया में हैं।
शैलेंद्र सिंह गौर ने अपनी पूरी जमा पूंजी रिसर्च में लगा दी है। उनकी परिवार की गाड़ी कुछ एक मित्रों की मदद से चल रही है। इन्हें फ़िलवक़्त आर्थिक मदद और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के बड़े प्लेयर्स के साथ कनेक्ट किए जाने की ज़रूरत है ताकि इनके शोध का लाभ पूरी मानवता को मिल सके। शैलेंद्र जी का मोबाइल नंबर : 7007396530
शैलेंद्र सिंह गौर जी की स्टोरी अब फैलने लगी है। बिल्कुल ऊपर देखें, हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित हुई है। वे दिल्ली आए हुए हैं। कल एक शुरुआती प्रेजेंटेशन है। हम लोग इनकी आर्थिक मदद जितना भी कर सकें, करें। क्योंकि घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। मैं ख़ुद देखकर आया हूँ। यथा संभव मदद करें। शैलेंद्र जी के बेटे का ये नंबर है जिस पर paytm gpay आदि है : 7007396530
(कृपया जेन्युइन नीडी व्यक्ति की मदद करने में हिचकें नहीं, थोड़ा सा देने का सुख हासिल करें, मदद की भावना ज़िंदा रखें।)

