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मजीठिया वेज बोर्ड : नयी दुनिया प्रबंधन के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी

इंदौर से एक बड़ी खबर आ रही है. यहां नई दुनिया अखबार प्रबंधन के खिलाफ अदालत की अवमानना संबंधी नोटिस जारी की गयी है. पूरा मामला नयी दुनिया में एक्जीक्यूटिव विपणन पद पर कार्यरत दिव्या सेंगर के रायपुर में हुये ट्रांसफर पर सिवील कोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद भी नयी दुनिया प्रबंधन द्वारा उन्हें अब तक वापस पुराने स्थान पर ज्वाइन ना कराने से जुड़ा है। दिव्या सेंगर के अधिवक्ता मनीष पाल ने खुद इस खबर की पुष्टि की है। मनीष पाल के मुताबिक नई दुनिया समाचार पत्र के प्रधान संपादक, संपादक, कमलेश पांडेय, संजय शुक्ल आदि सभी के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का वाद प्रस्तुत किया गया. इस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए सभी विपक्षीगण को नोटिस जारी कर दिया. ऐसे मामलों में जेल और जुर्माने की सजा का प्रावधान है.

इंदौर से एक बड़ी खबर आ रही है. यहां नई दुनिया अखबार प्रबंधन के खिलाफ अदालत की अवमानना संबंधी नोटिस जारी की गयी है. पूरा मामला नयी दुनिया में एक्जीक्यूटिव विपणन पद पर कार्यरत दिव्या सेंगर के रायपुर में हुये ट्रांसफर पर सिवील कोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद भी नयी दुनिया प्रबंधन द्वारा उन्हें अब तक वापस पुराने स्थान पर ज्वाइन ना कराने से जुड़ा है। दिव्या सेंगर के अधिवक्ता मनीष पाल ने खुद इस खबर की पुष्टि की है। मनीष पाल के मुताबिक नई दुनिया समाचार पत्र के प्रधान संपादक, संपादक, कमलेश पांडेय, संजय शुक्ल आदि सभी के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का वाद प्रस्तुत किया गया. इस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए सभी विपक्षीगण को नोटिस जारी कर दिया. ऐसे मामलों में जेल और जुर्माने की सजा का प्रावधान है.

बता दें कि दैनिक जागरण की इकाई नईदुनिया अखबार में मजीठिया वेज बोर्ड के निर्देशों के तहत कर्मचारियों को वेतन और बकाया ना देना पड़े, इसके लिये कंपनी प्रबंधन ने स्टाफ का तेजी से ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है. मजीठिया वेज बोर्ड के तहत वेतन-बकाया मांगने के कारण नयी दुनिया की इंदौर कार्यालय की दिव्या सिंह सेंगर का स्थानांतरण इंदौर से १४ जनवरी को छत्तीसगढ़ के रायपुर कर दिया गया और रिलीविंग आदेश 18 जनवरी को जारी कर दिया गया.

दिव्या सिंह सेंगर के अधिवक्ता मनीष पाल के द्वारा माननीय सिविल न्यायालय की शरण में जाकर स्थगन व स्थाई निषेधाज्ञा हेतु एक वाद प्रस्तुत किया गया और अदालत को बताया गया कि वादिनी दिव्या सेंगर को मजीठिया वेतन बोर्ड के लाभों के लिए श्रम आयुक्त के समक्ष ३० दिसंबर २०१६ की शिकायत प्रस्तुत करने के बाद दुर्भावना के कारण उसका ट्रांसफर किया गया. माननीय न्यायालय द्वारा वादी अधिवक्ता मनीष पाल के तर्कों से सहमत होते हुए वाद का संतुलन प्रथम दृष्टया वादी के पक्ष में होना मानते हुए दिव्या के विरुद्ध स्थान्तरण और रिलीविंग आदेश पर अंतिम आदेश होने तक स्थगन दे दिया गया. इसके संबंध में आदेश दिनांक तीन फरवरी २०१७ को पारित किया. लेकिन अखबार प्रबंधन दिव्या को अदालती आदेश के बाद भी अखबार में ज्वाईन कराने के मूड में नहीं दिख्रा.

बार बार दिव्या अखबार के दफ्तर गयी मगर अदालती आदेश के बाद भी उन्हें पुराने स्थान पर ज्वाईन नहीं कराया गया और बहाना बनाया गया कि मुख्यालय से आपके बारे में आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. इसके बाद दिव्या सेंगर के अधिवक्ता मनीष पाल ने इंदौर में नयी दुनिया अखबार के प्रबंधन और प्रधान संपादक के खिलाफ अदालत की अवमानना की शिकायत की जिसके बाद अदालत ने अखबार प्रबंधन और प्रधान संपादक को नोटिस भेजा है. अब इस मामले की अगली सुनवाई २० फरवरी को होगा जिसमें नयी दुनिया अखबार प्रबंधन को हाजिर होकर अपना पक्ष रखना होगा.

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट
मुंबई
९३२२४११३३५


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