Date: 2015-03-26 14:56 GMT+05:30
Subject: COMPLAIN
सर
हिंदुस्तान बरेली में 14 march शनिवार की क्यू सी मीटिंग में जो कुछ हुआ, उसकी ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूँ।
1. संपादक श्री अभिमन्यु कुमार सिंह ने कुछ साथियों को कॉलर पकड़ कर बाहर निकालने की धमकी दी।कहा कि कुत्ता बना दूंगा। हरामखोरों की यहाँ जगह नहीं है। यह भी कहा कि यहाँ गद्दार भरे हुए हैं।
2. इस घटना के बाद से तमाम साथियों में गुस्सा है। यह शब्द किसी गाली से कम नहीं हैं। कुछ लोगों ने पूरा मामला वेस्ट यूपी हेड श्री अनिल भास्कर के सामने भी मेल के जरिये रखा। 11 दिन हो गए हैं, लेकिन किसी ने पूछा तक नहीं है।
3. एक साथी चीफ रिपोर्टर पंकज मिश्र इन्हीं सब तनाव की वजह से कल से बीमार भी हो गए। उन्होंने इसकी सूचना भी भास्कर जी को दे दी है। इससे पहले भी पंकज मिश्र को इन्ही संपादक जी की प्रताड़ना से तंग आकर हार्ट अटैक पड़ा था, जो आपकी जानकारी में भी है।
सर, सभी निराश हैं और गुस्से में भी। कोई इनके साथ काम नहीं करना चाहता है। गाली गलौज इनका प्रिय शगल है, जिसके ये बहाने तलाशते रहते हैं।तमाम बार अपने से पहले के साथियों को पुराने संपादको का ‘पाप’ ढोना बताते रहते हैं।
ऑफिस में काम का कोई माहौल नहीं है। गाली खाकर कौन काम करना चाहेगा। अगर इस मामले को निपटाया नहीं गया तो कोई भी अप्रिय हालात पैदा हो सकते हैं। इस मामले की जाँच वेस्ट यूपी हेड श्री अनिल भास्कर को छोड़कर किसी अन्य या HR Department के किसी व्यक्ति से करा ली जाये।
सादर
हिंदुस्तान परिवार के कुछ कर्मचारी
बरेली
6 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- पार्ट 2 : Asclepius Wellness Private Limited यानी AWPL का कमाई मॉडल: पहले अपनी जेब से खरीदो, फिर नेटवर्क खड़ा करो और Sales Point के जरिए कमीशन पाओ!
- पार्ट एक : Asclepius Wellness Private Limited यानी AWPL पर बड़ा सवाल : Direct Selling या नेटवर्क के जरिए कमाई का खेल?
- बंगाल में अमित शाह के दौरे पर महुआ मोइत्रा का बड़ा आरोप- मुस्लिम अफसरों को प्रोटोकॉल से हटाया गया, IPS-IAS एसोसिएशन को टैग कर पूछा सवाल
- सेना की नौकरी छोड़ जिस अखबार में सिक्योरिटी ऑफिसर बने, उसी के संपादक बनकर रिटायर हुए कैप्टन सुंदर चंद ठाकुर!
- सांध्य टाइम्स के दिनों को यूँ याद किया दीपिका सरला शर्मा ने!
- नवभारत टाइम्स मुंबई ने अपने संपादक के रिटायर होने पर दो विशेष पेज प्रकाशित किया, सुंदर चंद ठाकुर ने क्या कहा, पढ़िये!
- दैनिक भास्कर छोड़ ‘अंतिम दूत’ के जरिए स्वतंत्र पत्रकारिता की राह पर विक्रम श्रीवास्तव
- फ़लक नाज़ ने लखनऊ से संचालित ‘आज की ख़बर’ न्यूज चैनल के साथ शुरू की नई पारी
- ‘सुपर-5’ में ग़ाज़ीपुर के पुलिस कप्तान डॉ इरज राजा भी!
- कोलकाता में आनंदबाजार पत्रिका (एबीपी) मीडिया समूह के दफ्तर की दीवारों पर भगवा पेंट, पुलिस की मौजूदगी में लगे नारे
- अमर उजाला डिजिटल लखनऊ के पत्रकार उत्कर्ष चतुर्वेदी दुर्घटना के बाद मेदांता में भर्ती
- बलरामपुर के वरिष्ठ पत्रकार राकेश सिंह का निधन
- पत्रिका को बाय-बाय, नया ठिकाना अब ग्वालियर; प्रवीण मिश्रा बने दैनिक हृदय स्तंभ के स्थानीय संपादक
- दैनिक जागरण के देवरिया, संतकबीर नगर और बस्ती के जिला प्रभारी बदले
- मोतिहारी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने मांगी जांच
- सुभाष चंद्रा केस में NCLT के 6.5 करोड़ वाले आदेश पर रोक, पांच सदस्यीय पीठ करेगी दोबारा सुनवाई
- आज के अखबार : राहुल गांधी की शिकायत, FIR न होने और होने पर सन्नाटा, प्रचार वाली खबरों को प्राथमिकता
- नवभारत टाइम्स मुंबई के संपादक सुन्दरचंद ठाकुर सेवानिवृत्त हो गए, ललित वर्मा को नया संपादक बनाया गया
- संपादक नाम की संस्था प्रभाष जोशी के बाद से ही विदा होने लगी थी!
- अख़बार ख़रीद कर शायद ही अब कोई GenZ पढ़ता हो, न ही वो न्यूज़ चैनल्स देखते हैं, ‘सांध्य टाइम्स’ का हमेशा के लिए संध्यावसान दिल को दु:खा गया…
- मोदी विरोधी होने का खामियाजा? सेंसर ने रद्द कर दी 4पीएम वाले संजय शर्मा की फ़िल्म ‘सहिया’
- टाइम्स ग्रुप का ‘सांध्य टाइम्स’ अख़बार आज शाम आख़िरी बार छपा!
- एआई के दौर में ‘आज की खबर’ ने रिस्पॉन्सिबल जर्नलिज्म को लेकर न्यूज़ रूम में दी वेरिफिकेशन पर स्पेशल ट्रेनिंग!
- वरिष्ठ पत्रकार नगमा सहर भी 23 साल बाद NDTV से अलग हो गईं!
- इंडिया टीवी उन्नाव के पत्रकार नवीन सिंह समेत कई पर नाबालिग की पहचान उजागर करने पर मुकदमा!
- एक्सिडेंट की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ लखनऊ पुलिस ने खेल कर दिया, वीडियो देखें
- बीजेपी की नई आईटी सेल पहले से ज़्यादा आक्रामक और हिंसक है, देखें ये वीडियोज
- आज के अखबार : ‘शुद्धीकरण’* को जातिगत रंग देने का राहुल गांधी का ‘अपराध’ और उस पर FIR दिलचस्प है
- जिस पत्रकार के सवालों से बचते रहे रामदेव, उसने दैनिक भास्कर छोड़कर चुनी नई राह!
- भारतीय पत्रकार संघ अमेठी में सामूहिक त्यागपत्र से हड़कंप!
- रितिका पात्रा इंडिया न्यूज़ राजस्थान से जुड़ीं, ये जिम्मेदारी संभाली!
- जी न्यूज़ ने तानी तेंदुए के शूट एन साइट की खबर, डीएम मुराबाद ने खंडन कर दिया!
- पत्रकार संदीप शुक्ला ने छोड़ा IBC24, इस प्लेटफॉर्म से की नई शुरूआत!
- सुभाष चंद्रा बनाम मुकेश अंबानी : मतलब अब सच में संपादक नहीं बचे!
- हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट में FIR
- हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या करने में असफल रहे अखबार और चैनल
- जितनी भी उम्र हो, कमा लिए हो तो रिटायर होने की तैयारी करो, फिर ऐसा जीवन जियो! देखें वीडियो
- सोचिए.. एक पत्रकार कैंसर से लड़ रहा था, उसे मालूम है कि किसी भी समय मृत्यु हो सकती है, फिर भी उसे चिंता किसी और बात की थी, आज वह कलंक मिट गया रवि भाई!
- जाने माने पत्रकार विनोद शर्मा से बातचीत : मेरे में भड़ास नहीं, आह भरी है… मैं एंटी बीजेपी हूँ लेकिन कांग्रेस समर्थक नहीं हूँ, मैं फ्री थिंकर हूँ!
- आज के अखबार : कइयों में ‘शुद्धिकरण’ पर कुछ नहीं लेकिन हिन्दुत्व और ‘मानवता’ पर भागवत ज्ञान है
- आईआईएमसी अमरावती में जब पत्रकारिता छात्र ही नहीं हैं तो सरकार कैंपस बनाने के लिए करोड़ों रुपये क्यों स्वाहा कर रही है?
- सिद्धार्थनगर में ANI, हिंदी खबर और जनसंदेश के पत्रकारों पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एंड टीम का बड़ा आरोप, देखें पत्र
- सरकारी नौकरियों में बहुत तनाव और दबाव है, इसे कर पाना अब सबके वश की बात नहीं!
- माधुरी तिवारी बतौर एंकर India News के साथ जुड़ीं!
- जौनपुर में सोना बेचने का झांसा देकर लूट करने वाले गैंग का पर्दाफाश, DIG वैभव कृष्ण ने पाँच पुलिसवालों को भी सस्पेंड किया!
- देवरिया की डीएम दिव्या मित्तल (आईएएस) ने इस्तीफ़ा दिया, पढ़ें उनकी पोस्ट
- मेरी पत्रकारिता यात्रा (12) : दैनिक भास्कर की उस शर्त से दैनिक चौथा संसार की अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी थी!
- शब्दचर्चा 97 : जिसने सोनिया गाँधी की किताब नहीं छापी, वह पेंगुइन है या पेंग्विन?
- दलित दस्तक यू-ट्यूब चैनल ने 15 लाख सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा छुआ!
- सुभाष चंद्रा के कर्ज लूट पर भड़के बैंक, NCLT के आदेश को चुनौती देंगे, पढ़ें स्टेटमेंट!
- सुभाष चंद्रा जी, जो भस्मासुर आपने पाला पोसा, उसने आपको भी भस्म कर दिया है!
- आज के अखबार : रक्षाबंधन पर सड़कें जाम रहीं, भीड़ की खबर नहीं है लेकिन पेंगुइन का ‘स्पष्टीकरण’ है
- सट्टा कारोबार की खबर चलाने पर पत्रकार को धमकी, तीन के खिलाफ FIR
- बरेली मेयर के कार्यक्रम में भगदड़ से महिला की मौत की खबर अमर उजाला ने कायदे से छापी है, दैनिक जागरण ने देखा नहीं, अमृत विचार गोल कर गया!
- वैदिक ग्रंथों में मांसाहार के 30 संदर्भ गिनाकर देवदत्त पटनायक का दावा- ‘इतिहास से मांसाहार के प्रमाण मिटा रहे हैं सनातनी’
- सुभाष चंद्र की नेट वर्थ 2017 में ₹45,888 करोड़ से अब मात्र ₹31.79 करोड़ कैसे रह गई?
- सुभाष चंद्रा और मुकेश अंबानी के बीच गुपचुप चल रहा आपसी द्वंद्व अब चौराहे पर आ गया है!
- झारखंड में रिम्स और सदर अस्पताल के बाद प्रोजेक्ट भवन में भी पत्रकारों की एंट्री पर रोक
- केंद्रीय मंत्री जुअल ओराम ने BJP नेताओं पर लगाया छवि खराब करने का आरोप, कहा- ‘मुझे मंत्रिमंडल से हटाने की साजिश’
- जागरण प्रकाशन पर ₹21.73 लाख के बकाये का दावा, GST ने भेजा कारण बताओ नोटिस!
- ग़ाजीपुर को RSS अपने रजिस्टर में गाधिपुरी लिखता है, लेकिन यह नाम अब तक सरकारी रजिस्टर में क्यों नहीं उतर पाया?
- सुभाष चंद्रा की 22,000 करोड़ की क़र्ज़ माफ़ी ने मोदीजी के व्यापारी मित्रों में फूट पैदा कर दी है!
- लूट की बाइक का विवाद सुलझाने का 20 हजार मांग रहा था नशेबाज सिपाही, पत्रकारों की शिकायत पर हुआ सस्पेंड!
- डीआईजी वैभव कृष्ण ने ग़ाज़ीपुर में पंचरवाले से कराया पुलिस ऑफिस का शिलान्यास और भूमिपूजन! देखें फोटो व वीडियो
- सोनिया गांधी की किताब पर पेंगुइन की सफाई लीपापोती ज्यादा लग रही है!
- 4PM न्यूज नेटवर्क को मुंबई में पत्रकारों की तलाश!
- मुंबई प्रेस क्लब में नेहा बोरा ने जो कहा नहीं वो महाराष्ट्र टाइम्स ने छापा, अब सफाई दी है!
- आज के अखबार : जज की खबर का फॉलोअप नहीं है; अब सोनिया गांधी की किताब भी नहीं छापेगा पेंगुइन
- सोनिया गांधी की किताब छापने से पेंगुइन ने किसके इशारे पर इनकार कर दिया!
- सुभाष चंद्रा कर्ज कांड: प्रधानमंत्री मोदी जो भी रिश्ता निभाते हैं, दिल से निभाते हैं!
- बरेली मेयर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिला की मौत, विज्ञापन तले दबे पत्रकारों का खेल पढ़िए!
- सुभाष चंद्रा के बचाव में बीजेपी आईटी सेल सक्रिय, HDFC ने NCLT के फैसले का विरोध किया!
- विजय माल्या, मेहुल चौकसी, जतिन मेहता, नीरव मोदी, संदेसरा बंधु, पारेख परिवार और ललित मोदी को आखिर सुभाष चंद्रा वाली फैसिलिटी क्यों नहीं मिली?
- भगोड़ा माल्या भी दुखी है कि मेरा तो आज भी पीछा कर रहे हैं और सुभाष चंद्रा हजारों करोड़ दबाकर भी कर्जफ्री हो गए!
- रिपब्लिक वर्ल्ड से जुड़े सौरभ अधिकारी, मोहम्मद मोहसिन का अमर उजाला में प्रमोशन
- मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर आयोजक संस्था का एक्स अकाउंट सस्पेंड!
- मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD ने मीडिया संस्थानों और टेक कंपनियों को भेजा कानूनी नोटिस!
- वरिष्ठ पत्रकार रोहित पुनेठा ने न्यूज इंडिया 24×7 को कहा अलविदा!
- मोदी सरकार के दौर में भारत आर्थिक और लोकतांत्रिक मोर्चों पर पिछड़ा : रिपोर्ट
- मोदी के PM बनने से पहले ही Zee News मोदी भक्ति में डूबकर पहला गोदी चैनल बन चुका था!
- PCI में पेंग्विन स्वदेश द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रामचंद्र गुहा से यह सवाल करने से खुद को रोक ना पाया!
- ज्यादातर महिमामंडित संत मुझे औसत किस्म के आदमी लगे!
- अमृत काल का 22 हज़ार करोड़ रुपये वाला हेयरकट : एक विश्लेषण ये भी!
- कर्ज माफी का असली सिनेमा चंद्रा ब्रो के प्लान में है!
- नये भारत में मोदीजी ने एक नया सैलून खोला है जिसमें देश के खरबपतियों का हेयर कट होता है!
- न्यूज़24 छोड़ने वाली गरिमा सिंह ने अपना यूट्यूब चैनल लांच किया!
- सुभाष चंद्रा की लोन माफी ही BJP का असली ‘सबका साथ, सबका विकास’ योजना है!
- दूरदर्शन पर खुलेआम नफरत फैला रहे हैं कंगना रनौत और सुधीर चौधरी, देखें वीडियो
- न्यूज़24 MPCG तो दूसरे चैनल के रिपोर्टर की खबर अपने चैनल पर चला रहा है!
- आज के अखबार : प्रधानमंत्री बच्चों को रिझाने के अभियान पर और CJI छवि बचाने की कोशिश में
- हमारी सरकारों और मीडिया ने असली भारत की जो तस्वीरें छिपा रखी थीं, वह अमेरिकी अखबार WSJ ने छापी है!
- शब्दचर्चा (96) : Gen ALPHA का उच्चारण जेन अल्फ़ा नहीं है!
- कमला पसंद ग्रुप और एमएलसी वागीश पाठक पर कोबरा पोस्ट की पड़ताल : ‘गुटखा काउंसिलर’
- जी मीडिया समूह के मुखिया का कर्ज माफ होने पर विजय माल्या का ट्वीट- ‘मेरे दोस्त सुभाष को बधाई’
- फर्स्टपोस्ट से अनुजा पाराशर और नेटवर्क18 से दीपिका कपूर के बारे में सूचनाएं!
- सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज 6.5 करोड़ रुपये में रफा-दफा, बैंक झेलेंगे 99.9% नुकसान!
- टाइम्स ऑफ इंडिया से प्रतीक रक्षित और पीआईबी से प्रियांशी रस्तोगी की नई पारी!
- प्रभात खबर के देवघर संस्करण ने रचा इतिहास, 160 पेज का निकाला विशेष परिशिष्ट!
- यूपी टी-20 लीग सीजन-4 के लखनऊ चरण का समापन, बेल बजाकर डॉ. चंद्रसेन वर्मा ने किया शुभारंभ
- नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने की शिरकत!



Sanjeev Sharma
March 26, 2015 at 7:42 pm
शशि जी के साथ एक गजब की दिक्कत शुरू से ही है. ये किसी भी नई टीम के साथ कभी नहीं खेल सकते. हर समय-हर जगह हुजूर के हुजरे में चतुर चाटुकारों की चाह रहती है. दरबार में वही दरबान बना रह सकता है, जो वही देखे जो शशि दादा दिखाना चाहते हैं और ऐसी ही रवायत चेलों की भी हो गई है, वे भी वही दिखाते हैं जो दादा देखना चाहते हैं. मेरी पीढ़ा इसलिए भी मौजूं है क्योंकि मैं बरेली की बोली पिछले 20 बरस से बोल रहा हूं. रुहेलखंड की भाषाई रूह आज भी, अच्छे से महसूस करती है कि कैसे ये युवा अखबार कभी बरेली में शीर्ष पर जा जमा था, और फिर कैसे कामचोरों की करतूत ने इसे कोडि़यों के मोल में ला खड़ा किया. फर्श पर लाने या आने की बहस के केंद्र में हैं मौजूदा संपादक अभिमन्यु. ये क्यों ऐसे हैं, ये कब तक ऐसे रहेंगे, इसका इल्म खुदा को भी नहीं होगा. लेकिन, हम चौंक इसलिए जाते हैं कि आंख वाले शशि कुमार शेखर को क्यों ये दिखाई नहीं दे रहा. बरेली में हिन्दुस्तान कब तक नंबर 01 था, अभिमन्यु ने ऐसा क्या चक्रव्यूह बनाया जिसमें आंख वाले शशि कुमार शेखर फंस गए. भगवान भला करे श्री अमित चोपड़ा जी का जिन्होंने हिन्दुस्तान छोड़ दिया नहीं तो बरेली की दुर्दशा पर आज आंख वाले शशि कुमार शेखर को हिन्दुस्तान छोड़ना पड़ता, क्योंकि नए मेनेजमेंट को तो पता नहीं है लेकिन आज अगर अमित जी होते तो मेरठ से बरेली तक सबकुछ मथ देते. मेरठ में अजेय राज कर रहे अरोड़ा जी आप भी तो कुछ करो, एक तुलनात्मक रिपोर्ट ही बना लो. भाई शशि जी ने अब हिन्दुस्तान का खेल समझ लिया है अपने चेलों को बचाने में वे जी-जान लगा देंगे, अब इस कीमत पर अगर अखबार गर्त में चला जाए तो उनकी बला से. वैसे भी आंख वाले शशि कुमार शेखर को गधों को पालने, चापलूसी के टेस्ट में पास होने के बाद उन्हें खच्चर बनाने और फिर कोई माने या ना माने लेकिन उन्हें घोड़ा साबित करने में महारत हासिल है. इनकी प्रयोगशाला में तैयार ऐसे कई जंतु आगरा से पटना होकर अब लखनउ के नवाब बन बैठे हैं. आंख वाले अब जाग, गधे मत पाल. अगर आजमाए अरबी घोड़े पालोगे तो वे आपको भी पार लगा देंगे. और वैसे आपके लाड़ले नवाब की नई कहानी जल्द सामने आ रही है आप तो अभी से पूरी ताकत उसे बचाने में लगाओ क्योंकि हो सकता है इस बार तीर निशाने पर लगे.
mithilesh
March 27, 2015 at 5:39 pm
abhimnyu sir ko mai 2009 se janta hu. ve apne karmchari kya kisi anjan ko bhi gali nahi de sakate hai.yah sab unki salin chhabi ko kharab karne ke liye kiya ja raha hai…
सुमित
March 27, 2015 at 5:39 pm
गाज़ियाबाद के ब्लैक लिस्टेड लोगों को दो दो प्रमोशन देकर अपने साथ लाये थे अभिमन्यु कुमार । सपना दिखाया था अखबार को फिर से नयम्बर वन बना देंगे पर हुआ क्या सर्कुलेशन और गिर गया। ऐसा संपादक मिला जिसको न बोलने की तमीज है न लिखने की। कभी कोई अभियान चलाया भी तो कमाने के लिए।खनन के खिलाफ अभियान छाप। अच्छा था पर डील के साथ ख़त्म। दुबारा तब शुरू हुआ जब सिटी चीफ के बन रहे मकान के लिए रेत मुफ़्त नहीं मिली। यहाँ आते ही गैंग ऑफ़ गाज़ियाबाद के कुछ सदस्य तो 20 लाख के प्लाट ले लिए तो कई लोगों के घर ‘उपहारों’ से भर गए। इन तीन साल में इन सभी के इनकम की जाँच होनी चाहिए।
raj
March 27, 2015 at 10:55 pm
अभिमन्यु की तारीफ में कसीदे पढने वाले तू भी इसी गिरोह का लगता है तुझे पता होना चाहिए जो आदमी चपरासी की जेब से पैसे निकलवाकर समोसा खा ले, वह कितना ईमानदार होगा
Sandeep
March 27, 2015 at 11:19 pm
सोमवार 23 मार्च को बरेली के संपादक श्री अभिमन्यु कुमार सिंह ने प्रेस नोट न छपने पर जानकारी लेने आए पी आर कंपनी के प्रतिनिधि को पीट दिया। इसमें उनका साथ सिटी इंचार्ज अनुरोध भारद्वाज ने दिया।
दरअसल दो दिन पहले दुर्गेश नाम का यह युवक वीएलसीसी का एक प्रेस नोट दे गया था। इसकी जानकारी करने वह सुबह की मीटिंग के दौरान आया था। कुछ बातचीत के दौरान संपादक जी उसे पीटने लगे। फिर सिटी इंचार्ज ने भी उसे पीटा और स्टाफ रिपोर्टर अखिलेश अवस्थी ने भी। इस दौरान वहां विज्ञापन समेत तमाम लोग थे। सभी यह देखकर चौंक गए।
इतने पर भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो संपादक जी ने पुलिस बुलवाकर उस बेचारे को थाने भिजवा दिया। जहाँ से वह शाम के बाद में किसी तरह छूट सका।
इस तरह से बेमतलब में ऑफिस में पुलिस का आना अशोभनीय है। अंदाज लगाया जा सकता है कि प्रेस नोट लेकर आये आदमी को पीटने वाले संपादक का क्या मानसिक स्तर होगा और इनका ऑफिस में अपने अधीनस्थों से क्या व्यव्हार रहता होगा। वीएलसीसी से बात करके दुर्गेश के बारे में पता किया जा सकता है, जो अपने साथ हुई मारपीट की जानकारी दे देगा। सिटी ऑफिस के गार्ड से पता किया जा सकता है।सवाल यह है कि सिटी ऑफिस में बैठकर हर काम में दखल देने वाले संपादक जी अपनी मर्यादा कैसे भूल गए। अपने पद की गरिमा तो रखी होती।
Sudeep Sharma
March 28, 2015 at 12:13 pm
भाइयों मजमून अब भी मुकम्मल नहीं है. आप लोग जड़ में जमी जकड़न पर जोर क्यों नहीं लगा रहे हैं. क्यों नहीं असली परेशानी समझ रहे हैं. आंख वाले शशि शेखर जी क्यों पूरी अराजकता को लेकर अंधे बनने का नाटक कर रहे हैं. जैसे सर्वर बंद होते ही सिस्टम बंद हो जाते हैं ठीक वैसे ही आंख वाले शशि शेखर जी का समर्थन हटते ही ऐसे तमाम जंतु अपने आप जंगल में लौट जाएंगे. आप सभी वर्तमान में हो रहे दर्द-दिक्कतों से रूबरू हैं लिहाजा बार-बार वही-वही बताया और दोहराया जा रहा है. जबकि मूल मसले में जो मूली फंसी है तमाम दुर्गंध की असली वजह वही है. सीधी सी बात है दो साल से ये गुंडाराज चल रहा है, बार-बार खुलेआम सभी को बताया जा रहा है, फिर क्यों अभिमन्यु और उसका अभिमान कायम है. आंख वाले शशि शेखर जी को अपने सूचना तंत्र पर बड़ा गुमान रहता है, यदि ये सच है तो जरा पता तो लगाइए कि लखनउ के नवाब साहब कैसे अभिमन्यु के आंख और … में मिर्च डलवा रहे हैं. आंख वाले शशि शेखर जी उठो, अपनी आंख पानी से धो लो, अपना मुंह खोलो, फिर गधों को बोलो – बड़े भइया बहुत हो गया, अब बाहर जाएं.