Date: 2015-03-26 14:56 GMT+05:30
Subject: COMPLAIN
सर
हिंदुस्तान बरेली में 14 march शनिवार की क्यू सी मीटिंग में जो कुछ हुआ, उसकी ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूँ।
1. संपादक श्री अभिमन्यु कुमार सिंह ने कुछ साथियों को कॉलर पकड़ कर बाहर निकालने की धमकी दी।कहा कि कुत्ता बना दूंगा। हरामखोरों की यहाँ जगह नहीं है। यह भी कहा कि यहाँ गद्दार भरे हुए हैं।
2. इस घटना के बाद से तमाम साथियों में गुस्सा है। यह शब्द किसी गाली से कम नहीं हैं। कुछ लोगों ने पूरा मामला वेस्ट यूपी हेड श्री अनिल भास्कर के सामने भी मेल के जरिये रखा। 11 दिन हो गए हैं, लेकिन किसी ने पूछा तक नहीं है।
3. एक साथी चीफ रिपोर्टर पंकज मिश्र इन्हीं सब तनाव की वजह से कल से बीमार भी हो गए। उन्होंने इसकी सूचना भी भास्कर जी को दे दी है। इससे पहले भी पंकज मिश्र को इन्ही संपादक जी की प्रताड़ना से तंग आकर हार्ट अटैक पड़ा था, जो आपकी जानकारी में भी है।
सर, सभी निराश हैं और गुस्से में भी। कोई इनके साथ काम नहीं करना चाहता है। गाली गलौज इनका प्रिय शगल है, जिसके ये बहाने तलाशते रहते हैं।तमाम बार अपने से पहले के साथियों को पुराने संपादको का ‘पाप’ ढोना बताते रहते हैं।
ऑफिस में काम का कोई माहौल नहीं है। गाली खाकर कौन काम करना चाहेगा। अगर इस मामले को निपटाया नहीं गया तो कोई भी अप्रिय हालात पैदा हो सकते हैं। इस मामले की जाँच वेस्ट यूपी हेड श्री अनिल भास्कर को छोड़कर किसी अन्य या HR Department के किसी व्यक्ति से करा ली जाये।
सादर
हिंदुस्तान परिवार के कुछ कर्मचारी
बरेली
6 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- केजीएमयू की वीसी सोनिया नित्यानंद और उनके OSD अब्बास पर लगे हुए आरोपों की लिस्ट भी पढ़िए!
- 1947 के बंटवारे पर वरिष्ठ पत्रकार विवेक शुक्ला की किताब “विभाजन के शेष सवाल” जल्द आ रही है!
- आज के अखबार : मुद्दा है, संसद में काम कम हुआ; होना था, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री गायब रहे, ऐसी खबर नहीं है
- आदिवासी राज्य झारखंड के खनिज अब बीजेपी के कॉरपोरेट मित्रों के हाथ में हैं; लोकसभा में पास हुए ये 12 बिल!
- टाइम्स नाउ में एडिटोरियल और प्रोडक्शन टीम के लिए कई पदों पर वैकेंसी
- द हिंदू से केशव विनोद और पीटीआई से अपर्णा बोस के बारे में सूचनाएं!
- दैनिक जागरण के राज्य संपादक मनोज झा की माताजी का निधन!
- लोकायुक्त कार्रवाई की अनुशंसा के बावजूद डॉ. सच्चिदानंद जोशी को ऊंचे पद क्यों? सांसद ने मोदी को भेजी शिकायत
- एथनॉल जो आम आदमी पर जबरन थोपा गया है वो कैसे वाहनों के साथ-साथ खेती किसानी तक को तबाह कर रहा है, इन वैज्ञानिकों से जानिए!
- कौन हैं कुणाल प्रधान जो हिन्दुस्तान टाइम्स के एडिटर-इन-चीफ आर सुकुमार की जगह लेंगे?
- न्यूज18 इंडिया से निकाले जाने के बाद अमिश देवगन का अगला पड़ाव क्या होगा?
- राज्यपाल और KGMU कुलपति को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान का वरिष्ठ पत्रकार भारत सिंह ने किया समर्थन, बोले- सत्ता और विपक्ष चर्चा करें
- आज के अखबार (दो) : न्यायमूर्ति वर्मा पर लगे आरोपों के मुकाबले मुख्य न्यायाधीश पर आरोप AI से सवाल-जवाब
- आज के अखबार : न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ आरोप साबित होने का दावा और भारत के मुख्य न्यायाधीश
- पत्रकार हत्याकांड केस में बढ़ सकती हैं राम रहीम की मुश्किलें!
- डीबी कॉर्प सहित देश भर के मीडिया मालिकों को सुप्रीम झटका, कोर्ट में फेल हुआ ये बड़ा गेम प्लान
- डीडी एंकर अशोक श्रीवास्तव को विपक्ष ने बीमार कर दिया है क्या? देखें वीडियो
- रुबिका लियाकत की भाषा पर भड़के सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया को दो पत्रकारों ने दी नसीहत
- सीएचसी अधीक्षक पर पत्रकार से फोन पर गाली और धमकी का आरोप, डीएम से शिकायत
- Ghazipur SP Dr Iraj Raja Among India’s 100 Best Police Chiefs; Recognised for Crime Control and People-Centric Policing
- न्यूज़लॉन्ड्री में ये सब क्या बवाल मचा है?
- भारत24 से न्यूज24 में अदिति नागर की इस बड़े पद पर एंट्री!
- पल्लवी शुक्ला और निशांत ओझा ने दैनिक भास्कर से शुरू की नई पारी
- साक्षी ने News9 के साथ डेढ़ साल का सफर समाप्त किया!
- एनडीटीवी में प्रोमो टीम के लिए वैकेंसी, डिमांड पढ़कर सीवी भेजिए!
- कांग्रेस संगठन की समीक्षा करने बुलंदशहर पहुंचे राहुल गांधी के दूत, आगे क्या हुआ तस्वीरें देखिए!
- आज के अखबार : नहीं बताते कि अमित शाह बोल पाए या नहीं, बोले तो क्या और नहीं तो क्यों? या कब बोलेंगे?
- फेम इंडिया–एशिया पोस्ट ने जारी की देश के 100 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची, टॉप 25 होंगे सम्मानित
- क्या हेमंत तिवारी की वजह से उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने बदला अपना नाम?
- जेम प्रकरण पर उत्तर प्रदेश का शानदार प्रदर्शन, ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद और तीन राष्ट्रीय पुरस्कार
- यूपी टी-20 लीग सीजन-4 में ‘आज की खबर’ बना मीडिया पार्टनर, 14 अगस्त से शुरू होगा क्रिकेट का महाकुंभ
- ‘द कारवां’ के संपादक से दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगा जवाब, गडकरी के बेटे की बीफ कंपनी से जुड़ा है 10 करोड़ का केस!
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे धंसने के बाद नोएडा एयरपोर्ट भी झुमरी तलैया बन गया, देखें वीडियो
- आज के अखबार (दो) : 10 अखबारों की लीड और सेकेंड लीड दो ही खबरें; खबर जो होनी चाहिए थी कहीं नहीं है
- आज के अखबार : सरकार को जवाब तैयार करने में बीस दिन लग गए, लेकिन क्यों? इसकी खबर क्यों नहीं है!
- पप्पू ने गप्पू को पप्पू बना दिया!
- मीडिया, राजनीति, न्यायपालिका, कार्यपालिका तक, साख का संकट हर तरफ है!
- मार्क ज़ुक़रबर्ग पर नाव में फंसे व्यक्ति की मदद न करने का आरोप!
- सियासत को अब पत्रकार चाहिए भी नहीं, चाहिए तो सिर्फ और सिर्फ चाटुकार!
- जो गिरिराज सिंह हिंदी भी शुद्ध नहीं बोल सकते वो अंग्रेजी अखबारों में संपादकीय लिख रहे हैं!
- पुत्र और संपत्ति मोह शिवराज मामा को ले न डूबे! EOW में शिकायत
- नेटवर्क18 में अभिनय चौहान का भी प्रमोशन, अब ये भूमिका सौंपी गयी!
- 2029 वाला चुनाव मजेदार होने वाला है, देश ने ऐसा चुनाव अबतक नहीं देखा होगा!
- हॉटमेल के फाउंडर सबीर भाटिया बोले- 4 गुजराती देश को लूट रहे हैं!
- टीवी TRP पर क्यों लगा ब्रेक? BARC रेटिंग सिस्टम से विज्ञापन के रिश्ते तक पूरी कहानी
- भीड़ भी नाराज़, सत्ता भी सख्त — पत्रकारिता जाए तो जाए कहां?
- अफसरों के खेल में ‘फुटबाल’ बना दिव्यांग पत्रकार
- गौतम अदाणी पर अमेरिका में चल रहा क्रिमिनल केस डिसमिस!
- दैनिक जागरण के सीनियर फोटो जर्नलिस्ट मदन मौर्य की माताजी का निधन!
- मोदी सत्ता ने छात्रों को जंतर-मंतर में पीटा, राहुल गांधी समर्थित सत्ता ने छात्रों को रांची में पिटवाया!
- नेटवर्क18 समूह में आराध्य दुबे का प्रमोशन, मिली ये बड़ी जिम्मेदारी!
- जिला मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की दोबारा एलआईयू जाँच नहीं होगी : सूचना निदेशक
- सुप्रीम कोर्ट ने TV Today की याचिका खारिज की, नाबालिग यौन उत्पीड़न पीड़िता की निजता भंग करने पर ₹5 लाख मुआवजा बरकरार
- ओह.. तो इसलिए अमन चोपड़ा को टांग ले गई झारखंड पुलिस, देखें दस्तावेज
- यूट्यूब पर 32वें सप्ताह हिंदी और अंग्रेजी न्यूज चैनलों की पोजीशन देखिए!
- यमुनानगर में डॉक्टर को ब्लैकमेल करने के आरोप में छह यूट्यूबर्स पर केस!
- आज के अखबार : सीजेआई के विरोध की खबर पी गए जबकि यह पहला ऐसा मामला नहीं है, 2018 से जारी है
- खाने की टेबल से अमन चोपड़ा को उठा ले गई झारखंड पुलिस! वीडियो देखें
- न्यूज़24 के मानक गुप्ता को सीजेपी प्रवक्ता से इस जवाब की उम्मीद न होगी, देखें वीडियो
- सौगंध राम की खाते हैं कि मंदिर यही चंपत राय जी चलायेंगे!
- आकाशवाणी से PIB पहुंचे आनंद पाठक, प्रफुल शर्मा ने ज़ी मीडिया ज्वाइन किया!
- इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के इन चार सवालों पर “मेटा” ने चुप्पी साधी!
- मुल्क के आजाद होने के बाद ऐसा पहली दफ़ा है, जब मौजूदा राजनीतिक हलचल के केंद्र में युवा हैं!
- आकाशवाणी न्यूज दिल्ली से अलग हुए पत्रकार चिराग झा
- टाइम्स ऑफ इंडिया से शैल्वी तिवारी, दैनिक भास्कर से शिवानी गुप्ता के बारे में सूचनाएं!
- भारत ने चीन से बढ़ाया आयात, चीन ने अरुणाचल प्रदेश में बढ़ाया दखल, देखें वीडियो
- ‘द टेलीग्राफ’ की वेबसाइट से गायब हुई IIT दिल्ली में मोदी के कार्यक्रम की न्यूज़!
- फोटोग्राफर, संपादक, अनुवादक से कहीं ज्यादा आत्मा में उतर जाने वाले शख्स प्रभात सिंह फिर चर्चाओं में हैं!
- अमर उजाला के एक ही पेज पर मोदी और राहुल के कार्यक्रम की कवरेज का फर्क देखिए!
- आज के अखबार : पत्रकारिता के सामान्य सिद्धांतों का भी पालन नहीं कर रहे मोदी ज्ञान का प्रचार करने वाले
- भारत24 से हटाए गये पत्रकार कृष्णा राजभर ने शशिकेश रंजन एवं परमेश्वर सिंह पर लगाए गंभीर आरोप!
- मुरादाबाद में HNN न्यूज़ के रिपोर्टर पर रंगदारी मांगने का आरोप, देखें वीडियो
- ‘फ़ास्ट न्यूज़ हरदोई’ के 50 हजार फेसबुक फॉलोवर हुए!
- हैलो मेटा, आप मोदीजी के आगे झुक गए, लेकिन मेरा अकाउंट क्यों बंद कर दिया?- केजरीवाल
- मीडिया पर मोदी सरकार के भारी दबाव ने लाखों मीडियाकर्मियों की जिंदगी उजाड़ दी!
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के भ्रष्टाचार का रायता जब सरकार समेट नहीं पाई तब पीएनसी इंफ्राटेक को ब्लैकलिस्ट करने का दिखावा शुरू कर दिया गया!
- ‘तिलचट्टा’ उपन्यास के लेखक और वरिष्ठ पत्रकार तड़ित कुमार चटर्जी (तड़ित दा) नहीं रहे!
- सूर्य की ज़िंदगी में अब सिर्फ 22 बड़े चक्कर बाकी हैं, और हम उसी के साथ सफर कर रहे हैं!
- खामोशी के साथ डॉक्टर मनमोहन सिंह खिचड़ी सरकार के भरोसे भारत के लिए जो कर गए, उसका दशांश भी मोदी जी इतिहास की सबसे सशक्त सरकार चलाकर नहीं कर पाए!
- ‘तहलका’ के तरुण तेजपाल की सजा पर केए शाजी की यह टिप्पणी पढ़ने लायक है!
- सिस्टम खत्म, टाटा, बाय-बाय, पप्पू बन गया पप्पा!
- सुधीर चौधरी के अवार्ड की खुशी पर नार्वे की इस पत्रकार ने पानी छिड़क दिया!
- ‘टेलीग्राफ’ का दावा: IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में मोदी से मेडल लेते समय छात्रों को सिर कितना झुकाना है, इसके भी मिले निर्देश!
- दैनिक भास्कर समूह (DB Corp) और रिपब्लिक बांग्ला से एक साथ चार बड़ी सूचनाएं!
- आज के अखबार : डबल इंजन वाली दिल्ली NCR का बरसाती हाल हिन्दुस्तान टाइम्स और नवोदय टाइम्स में
- दैनिक जागरण जालंधर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश सोनकर नहीं रहे!
- प्लॉट कब्जा कर मांगी सात लाख की रंगदारी, यू-ट्यूबर समेत 10 पर FIR
- केंद्र का दावा : पत्रकार कल्याण योजना से 456 पत्रकारों के परिवारों को मिली ₹19.41 करोड़ की मदद
- पंजाब केसरी के विज्ञापन का रुपया पी गया आगरा का एडवरटाइजर्स, कोर्ट पहुंचा मामला!
- नेहा की इस तस्वीर को संभाल कर रख लीजिएगा, हो सकता है कुछ साल बाद आपको इसकी कीमत समझ आए!
- लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे लीक होने के बाद जैन बंधुओं की PNC का एक और गुनाह पढ़िए!
- विधान परिषद प्रमुख सचिव की भर्ती शुरू, राजेश सिंह की विदाई तय, प्रदीप दुबे कब जाएंगे?
- डिजिटल नैरेटिव : यूट्यूब पर कांग्रेस का दबदबा बीजेपी से आगे बढ़ता ही जा रहा है, देखें लेटेस्ट डेटा!
- राष्ट्रीय सहारा देहरादून का दफ्तर भी सील किया गया!
- बॉम्बे हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अधिवक्ता विशाल कृष्णा की दमदार पैरवी से कोर्ट में दैनिक भास्कर चारों खाने चित, पढ़ें आदेश
- सलाम नेहा बोरा : जो डरपोक कायर और घटिया लोग होते हैं वही स्त्री को इस तरह बेइज्जत करते हैं!
- स्याही फेंकने वाले स्याही और गोबर को एक बराबर ही मानते हैं!
- आज के अखबार : राज्यसभा में गृहमंत्री की उपस्थिति पर सभापति ने जो कहा कइयों के लिए ‘खबर’ नहीं
- मुख्यमंत्री तक पहुँचा ‘एक देश-एक पत्रकार पहचान’ का मुद्दा!
- जी मीडिया में कई पदों पर मीडिया प्रोफेशनल्स की जरूरत!



Sanjeev Sharma
March 26, 2015 at 7:42 pm
शशि जी के साथ एक गजब की दिक्कत शुरू से ही है. ये किसी भी नई टीम के साथ कभी नहीं खेल सकते. हर समय-हर जगह हुजूर के हुजरे में चतुर चाटुकारों की चाह रहती है. दरबार में वही दरबान बना रह सकता है, जो वही देखे जो शशि दादा दिखाना चाहते हैं और ऐसी ही रवायत चेलों की भी हो गई है, वे भी वही दिखाते हैं जो दादा देखना चाहते हैं. मेरी पीढ़ा इसलिए भी मौजूं है क्योंकि मैं बरेली की बोली पिछले 20 बरस से बोल रहा हूं. रुहेलखंड की भाषाई रूह आज भी, अच्छे से महसूस करती है कि कैसे ये युवा अखबार कभी बरेली में शीर्ष पर जा जमा था, और फिर कैसे कामचोरों की करतूत ने इसे कोडि़यों के मोल में ला खड़ा किया. फर्श पर लाने या आने की बहस के केंद्र में हैं मौजूदा संपादक अभिमन्यु. ये क्यों ऐसे हैं, ये कब तक ऐसे रहेंगे, इसका इल्म खुदा को भी नहीं होगा. लेकिन, हम चौंक इसलिए जाते हैं कि आंख वाले शशि कुमार शेखर को क्यों ये दिखाई नहीं दे रहा. बरेली में हिन्दुस्तान कब तक नंबर 01 था, अभिमन्यु ने ऐसा क्या चक्रव्यूह बनाया जिसमें आंख वाले शशि कुमार शेखर फंस गए. भगवान भला करे श्री अमित चोपड़ा जी का जिन्होंने हिन्दुस्तान छोड़ दिया नहीं तो बरेली की दुर्दशा पर आज आंख वाले शशि कुमार शेखर को हिन्दुस्तान छोड़ना पड़ता, क्योंकि नए मेनेजमेंट को तो पता नहीं है लेकिन आज अगर अमित जी होते तो मेरठ से बरेली तक सबकुछ मथ देते. मेरठ में अजेय राज कर रहे अरोड़ा जी आप भी तो कुछ करो, एक तुलनात्मक रिपोर्ट ही बना लो. भाई शशि जी ने अब हिन्दुस्तान का खेल समझ लिया है अपने चेलों को बचाने में वे जी-जान लगा देंगे, अब इस कीमत पर अगर अखबार गर्त में चला जाए तो उनकी बला से. वैसे भी आंख वाले शशि कुमार शेखर को गधों को पालने, चापलूसी के टेस्ट में पास होने के बाद उन्हें खच्चर बनाने और फिर कोई माने या ना माने लेकिन उन्हें घोड़ा साबित करने में महारत हासिल है. इनकी प्रयोगशाला में तैयार ऐसे कई जंतु आगरा से पटना होकर अब लखनउ के नवाब बन बैठे हैं. आंख वाले अब जाग, गधे मत पाल. अगर आजमाए अरबी घोड़े पालोगे तो वे आपको भी पार लगा देंगे. और वैसे आपके लाड़ले नवाब की नई कहानी जल्द सामने आ रही है आप तो अभी से पूरी ताकत उसे बचाने में लगाओ क्योंकि हो सकता है इस बार तीर निशाने पर लगे.
mithilesh
March 27, 2015 at 5:39 pm
abhimnyu sir ko mai 2009 se janta hu. ve apne karmchari kya kisi anjan ko bhi gali nahi de sakate hai.yah sab unki salin chhabi ko kharab karne ke liye kiya ja raha hai…
सुमित
March 27, 2015 at 5:39 pm
गाज़ियाबाद के ब्लैक लिस्टेड लोगों को दो दो प्रमोशन देकर अपने साथ लाये थे अभिमन्यु कुमार । सपना दिखाया था अखबार को फिर से नयम्बर वन बना देंगे पर हुआ क्या सर्कुलेशन और गिर गया। ऐसा संपादक मिला जिसको न बोलने की तमीज है न लिखने की। कभी कोई अभियान चलाया भी तो कमाने के लिए।खनन के खिलाफ अभियान छाप। अच्छा था पर डील के साथ ख़त्म। दुबारा तब शुरू हुआ जब सिटी चीफ के बन रहे मकान के लिए रेत मुफ़्त नहीं मिली। यहाँ आते ही गैंग ऑफ़ गाज़ियाबाद के कुछ सदस्य तो 20 लाख के प्लाट ले लिए तो कई लोगों के घर ‘उपहारों’ से भर गए। इन तीन साल में इन सभी के इनकम की जाँच होनी चाहिए।
raj
March 27, 2015 at 10:55 pm
अभिमन्यु की तारीफ में कसीदे पढने वाले तू भी इसी गिरोह का लगता है तुझे पता होना चाहिए जो आदमी चपरासी की जेब से पैसे निकलवाकर समोसा खा ले, वह कितना ईमानदार होगा
Sandeep
March 27, 2015 at 11:19 pm
सोमवार 23 मार्च को बरेली के संपादक श्री अभिमन्यु कुमार सिंह ने प्रेस नोट न छपने पर जानकारी लेने आए पी आर कंपनी के प्रतिनिधि को पीट दिया। इसमें उनका साथ सिटी इंचार्ज अनुरोध भारद्वाज ने दिया।
दरअसल दो दिन पहले दुर्गेश नाम का यह युवक वीएलसीसी का एक प्रेस नोट दे गया था। इसकी जानकारी करने वह सुबह की मीटिंग के दौरान आया था। कुछ बातचीत के दौरान संपादक जी उसे पीटने लगे। फिर सिटी इंचार्ज ने भी उसे पीटा और स्टाफ रिपोर्टर अखिलेश अवस्थी ने भी। इस दौरान वहां विज्ञापन समेत तमाम लोग थे। सभी यह देखकर चौंक गए।
इतने पर भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो संपादक जी ने पुलिस बुलवाकर उस बेचारे को थाने भिजवा दिया। जहाँ से वह शाम के बाद में किसी तरह छूट सका।
इस तरह से बेमतलब में ऑफिस में पुलिस का आना अशोभनीय है। अंदाज लगाया जा सकता है कि प्रेस नोट लेकर आये आदमी को पीटने वाले संपादक का क्या मानसिक स्तर होगा और इनका ऑफिस में अपने अधीनस्थों से क्या व्यव्हार रहता होगा। वीएलसीसी से बात करके दुर्गेश के बारे में पता किया जा सकता है, जो अपने साथ हुई मारपीट की जानकारी दे देगा। सिटी ऑफिस के गार्ड से पता किया जा सकता है।सवाल यह है कि सिटी ऑफिस में बैठकर हर काम में दखल देने वाले संपादक जी अपनी मर्यादा कैसे भूल गए। अपने पद की गरिमा तो रखी होती।
Sudeep Sharma
March 28, 2015 at 12:13 pm
भाइयों मजमून अब भी मुकम्मल नहीं है. आप लोग जड़ में जमी जकड़न पर जोर क्यों नहीं लगा रहे हैं. क्यों नहीं असली परेशानी समझ रहे हैं. आंख वाले शशि शेखर जी क्यों पूरी अराजकता को लेकर अंधे बनने का नाटक कर रहे हैं. जैसे सर्वर बंद होते ही सिस्टम बंद हो जाते हैं ठीक वैसे ही आंख वाले शशि शेखर जी का समर्थन हटते ही ऐसे तमाम जंतु अपने आप जंगल में लौट जाएंगे. आप सभी वर्तमान में हो रहे दर्द-दिक्कतों से रूबरू हैं लिहाजा बार-बार वही-वही बताया और दोहराया जा रहा है. जबकि मूल मसले में जो मूली फंसी है तमाम दुर्गंध की असली वजह वही है. सीधी सी बात है दो साल से ये गुंडाराज चल रहा है, बार-बार खुलेआम सभी को बताया जा रहा है, फिर क्यों अभिमन्यु और उसका अभिमान कायम है. आंख वाले शशि शेखर जी को अपने सूचना तंत्र पर बड़ा गुमान रहता है, यदि ये सच है तो जरा पता तो लगाइए कि लखनउ के नवाब साहब कैसे अभिमन्यु के आंख और … में मिर्च डलवा रहे हैं. आंख वाले शशि शेखर जी उठो, अपनी आंख पानी से धो लो, अपना मुंह खोलो, फिर गधों को बोलो – बड़े भइया बहुत हो गया, अब बाहर जाएं.