दैनिक जागरण नोएडा के प्रबंधकों ने गायब कराया डेढ़ लाख रुपये का सामान!

मजीठिया मंच : दैनिक जागरण में चमचागीरी का आसान सा तरीका है मजीठिया वेतनमान का विरोध करो। इसी तरीके को अपना कर कई चमचे प्रबंधन के खास बन गए हैं और दैनिक जागरण को दोनों हाथों से लूट रहे हैं। प्रबंधन उन्‍हें ऐसा करने के लिए मौन सहमति दे रहा है। ताजा मामले की बात करें, तो हाल ही में प्रसार व्‍यवस्‍थापक कप्‍तान ने अखबार वेंडरों को बांटने के लिए डेढ़ लाख रुपये का सामान एक वाहन में लोड करके सोनीपत भेज दिया।

सोनीपत के एजेंट सैनी ने सामान यह कहकर लेने से इनकार कर दिया कि वह वेंडरों को गिफ्ट दीपावली से ठीक पहले बांटेंगे। उन्‍होंने सामान नोएडा वापस ले जाने के लिए कहा तो वाहन वाला सामान वापसी का भाड़ा मांगने लगा। यह जानकारी ट्रांसपोर्ट का काम काज देख रहे व्‍यक्ति को दी गई। उसने भाड़ा देने की बात मान ली और सामान नोएडा के लिए रवाना कर दिया गया। इसी बीच सर्कुलेशन मैनेजर के मन में यह बात आई कि क्‍यों न इस माल को खुर्दबुर्द कर दिया जाए। कप्‍तान के इशारे पर सामान खोड़ा के एक मकान में उतार दिया गया। वाहन चालक और दूसरे लोगों ने इस हरकत का विरोध किया तो जानकारी एक प्रबंधक को दी गई। फिर भी सामान नोएडा नहीं पहुंचा। सूत्र बता रहे हैं कि मैनेजर भी इन्‍हीं लोगों के साथ मिला हुआ है।

बता दें कि अब दैनिक जागरण में अयोग्‍य लोगों की टीम हावी है, जो मजीठिया विरोध के नाम पर दैनिक जागरण की गुणवत्‍ता लगातार गिरा रही है। यही वजह है कि अखबार की प्रसार संख्‍या दिनोंदिन गिर रही है। इसी पर नियंत्रण पाने के लिए प्रबंधन गिफ्ट का लालच देकर पाठकों को बांधे रखने का उपक्रम कर रहा है, लेकिन कंपनी के तथाकथित चमचे प्रबंधन की इस योजना को भी पलीता लगाने में लगे हैं। देखना यह होगा कि सीजीएम नीतेंद्र श्रीवास्‍तव कोई कार्रवाई करते हैं या वह भी चमचों को बहती गंगा में हाथ धोने देते हैं। इससे पहले भी प्रसार विभाग के घपले सामने आते रहे हैं। जम्‍मू, पंजाब और हरियाणा में गिफ्ट कूपन के नाम पर पाठकों को बेवकूफ बनाया जाता है। गिफ्ट महाप्रबंधकों के चहेते झाड़ ले जाते हैं और पाठक कूपन भर कर मूर्ख बन जाता है।

फेसबुक पर पत्रकार श्रीकांत सिंह द्वारा संचालित ‘मजीठिया मंच’ पेज से साभार.

उपरोक्त स्टेटस पर Rakesh Pandey की त्वरित टिप्पणी यूं है: ”जागरण के मालिकों के पास विज्ञापन से आई कमाई के नोट गिनने से फुर्सत नहीं है सरकुलेशन मैनेजर काकस बना कर संस्थान को चूना लगाने में जुटे है रोजाना हजारों कापियां रद्दी के भाव बिकवाकर मालिकों को झूठी सेल रिपोर्ट भेजी जा रही है सरकुलेशन का नेशनल हेड भी इसमें शामिल हो सकता है।”

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Comments on “दैनिक जागरण नोएडा के प्रबंधकों ने गायब कराया डेढ़ लाख रुपये का सामान!

  • अमित says:

    इस मामले मे कप्तान के साथ कमल शर्मा भी मिला हुआ हैं। लेकिन दिपक पाडें का हाथ होने के कारण कुछ नही हो रहा।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *