Connect with us

Hi, what are you looking for?

आयोजन

पत्रकार डॉ लीना की पुस्तक ‘बिहार में 1970 का दशक – राजनीति और मीडिया’ का लोकार्पण

जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं शोध संस्थान, पटना के रीडिंग सेंटर में ‘मीडियामोरचा’ की संपादक डॉ लीना की अतुल्य पब्लिकेशन, नई दिल्ली से सद्य प्रकाशित पुस्तक “बिहार में 1970 का दशक राजनीति और मीडिया” का लोकार्पण संस्थान के निदेशक श्रीकांत, वरिष्ठ पत्रकार प्रणव चौधरी, अमरनाथ तिवारी, सीटू तिवारी, पूनम उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। लोकार्पण के दौरान वक्ताओं ने डॉ लीना के प्रयास को सराहनीय कहा। ऐसे विषय पर एक महिला पत्रकार द्वारा शोधपरक पुस्तक लिखा जाना ही अपने आप में सराहनीय है।

पत्रकार सीटू तिवारी ने ‘राजनीति और मीडिया’ पुस्तक की चर्चा करते हुये कहा कि राजनीति और मीडिया पर पुस्तक लिखने वाली महिलाओं की संख्या नहीं के बराबर है।

Advertisement. Scroll to continue reading.

वहीं वरिष्ठ पत्रकार प्रणव चौधरी ने 1970 के दशक के दौर की पत्रकारिता की चर्चा करते हुये कहा कि बिहार में कभी भी पत्रकारिता का सुनहरा वक्त नहीं रहा। 1970 के दशक में ग्रास रूट की चर्चा पत्रकारिता में नहीं दिखती थी। खबरों के साथ भेदभाव किया जाता था।

लोकार्पण समारोह में वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ तिवारी ने कहा कि 1970 के दशक को लेकर इस पुस्तक में चर्चा है लेकिन हालिया राजनीति और मीडिया पर भी इसमें चर्चा होने से बेहतर होता।

Advertisement. Scroll to continue reading.

इस अवसर पर जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं शोध संस्थान के निदेशक श्रीकांत ने कहा कि डॉ लीना का यह बहुत अच्छा प्रयास है लेकिन और गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों को लेकर ज्यादा से ज्यादा शोध की आवश्यकता है। शोध में स्थानीय अखबारों की और अधिक चर्चा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उस दशक में जे पी भी कहते थे कि अख़बार उनकी बातें नहीं छापते और अख़बार उलटा लिखते थे।

मौके पर पुस्तक की चर्चा करते हुये लेखिका डॉ. लीना ने कहा कि 1970 के दशक में बिहार की राजनीति जेपी आंदोलन और आपातकाल सहित काफी उथल पुथल वाली रही थी। अपने झुकावों के बावजूद पत्र पत्रिकाओं ने सूचनाओं को छुपाया नहीं और लोगों तक खबरें पहुंचती रहीं। लेकिन सवाल भी उठते रहे। पुस्तक लोकार्पण के मौके पर नीरज कुमार, प्रभात सरसिज, हेमंत, संजय कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे ।

Advertisement. Scroll to continue reading.
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

भड़ास को मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप ग्रुप से जुड़ें- Bhadasi_Group_one

Advertisement

Latest 100 भड़ास

व्हाट्सअप पर भड़ास चैनल से जुड़ें : Bhadas_Channel

वाट्सअप के भड़ासी ग्रुप के सदस्य बनें- Bhadasi_Group

भड़ास की ताकत बनें, ऐसे करें भला- Donate

Advertisement