भूकंप की कवरेज में रिपोर्टरों की सांसत

भारतीयु वायुसेना का पहला एयरक्राफ्ट शनिवार रात दस बजे 55 भारतीयों का पहला जत्था लेकर पालम एयरपोर्ट पर उतरा। उनमें से एक वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर भी थे। उन्होंने मीडिया को बताया कि वह बड़ी मुश्किल से गुजरते हुए पहुंच सके हैं। भूकंप के बाद इंटरनेट में भी कुछ गड़बड़ियां आ रही थी, तभी बाबा रामदेव शनिवार देर शाम अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए अपनी सलामती का मैसेज ट्वीट कर पाए।

दोपहर में जब ये पता चला कि माउंट एवरेस्ट के दोनों बेसकैम्प भी भूकंप के चलते तबाह हो गए हैं, तो एनडीटीवी ग्रुप में बैचेनी बढ़ गई। एनडीटीवी प्राइम की एक बड़ी टीम माउंट एवरेस्ट के बेसकैम्प में शूट के लिए गई हुई थी। फिर आई खबर वहां एक के बाद एक लाशें मिलने का सिलसिला शुरू होने के बाद, कुल 18 लाशें शाम तक मिल चुकी थीं। एनडीटीवी के लोगों ने अपनी टीम की सुध ली तो पता चला कि कुछ लोग मामूली घायल हैं, लेकिन टीम सेफ है, तब विक्रम चंद्रा ने ट्वीट करके सबको उनकी सलामती का मैसेज दिया।

भूकंप आने के बाद नोएडा के फिल्म सिटी में भी अफरातफरी का आलम था, आधे से ज्यादा लोग फिल्म सिटी की गलियों में ऑफिस छोड़कर उतर आए, बहुत से तो आफ्टर शॉक की खबरों के चलते देर तक वापस गए ही नहीं। चैनल्स ने तो वहीं का मंजर दिखाना शुरू कर दिया। उसके बाद एक-एक करके सारे चैनल्स ने अपने रिपोर्टर्स को नेपाल भेजना शुरू कर दिया, लेकिन सीएनएन-आईबीएन का दावा है कि उनकी टीम ने सबसे पहले नेपाल और एपीसेंटर पोखरा पहुंचकर सबसे पहले ही ग्राउंड रिपोर्ट दी।

इधर जो भी पत्रकार या पूर्व पत्रकार जहां भी मौजूद था, वहां से मोबाइल पर शूट करके अपने-अपने वॉट्सऐप ग्रुप पर फोटोज और विडियोज भेजना शुरू कर दिया। पत्रकार ये शेयर कर रहे थे कि चाचाजी ने बताया कि फलां शहर में भी भूकंप आया है। कुछ पूर्व पत्रकार जो ऑफिशियल ग्रुप में नहीं थे वो अपने ट्विटर या फेसबुक अकाउंट पर विडियो शेयर करने लगे।

इंडिया टीवी के पूर्व संपादक विनोद कापड़ी ने अपनी फिल्म पीहू के सेट पर भूकंप के बाद मची अफरातफरी का विडियो अपलोड किया तो टीवी टुडे ग्रुप के पूर्व इनपुट एडिटर ने जनता का रिपोर्टर के ऑफिस का विडियो शेयर किया।

वहीं कमर वहीद नकवी या देबांग जैसे सीनियर पत्रकार अपने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अलग अलग राज्यों और एमईए आदि के हैल्प लाइन नंबर भी शेयर कर रहे थे, कुछ पत्रकार जो नेपाल के अपने पत्रकार मित्रों से टच में थे वो उनके फोटो और वीडियोज भी शेयर कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर सूचना कितनी तेजी से फैलती है, उसका नजारा भी इस क्राइसिस में देखने को मिला, जब बिहार के रिपोर्टर से पहले मुंबई के रिपोर्टर चैनल्स के वॉट्सऐप ग्रुप में ये बता रहे थे कि सीतामढ़ी में कितने और दरभंगा में कितने लोगों की भूकंप से मौत हुईं। कुल मिलाकर दो दिन के बाद लोगों ने दौसा के किसान गजेन्द्र की खबरों से इतर कुछ खबरें देखीं।

समाचार4मीडिया से साभार

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