मजीठिया मामले में एफिडेविट तैयार कराते समय इन बातों का रखे ख्याल

पत्रकारों के लिये गठित मजिठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उत्पीड़न के शिकार पत्रकारों को दो सप्ताह के भीतर एफिडेविट देने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के जारी होने के बाद  भड़ास4मीडिया डाट काम पर जो फार्मेट एडवोकेट उमेश शर्मा जी के सौजन्य से डाला गया है उसको लेकर महाराष्ट्र सहित देश के कई पत्रकारों में कुछ कन्फ्यूजन हो रहा है। लगातार मन में आते सवाल और उसके उत्तर खोजते खोजते कई बार मैंने भड़ास4मीडिया के यशवंत सर को भी तंग किया और हम पत्रकारों की तरफ से इस मामले की माननीय सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश शर्मा सर का फोन भी खड़खड़ाने से बाज नहीं आया। जाहिर सी बात है कि पूरे देश के पत्रकार इस एफीडेविट को लेकर गजब के उत्साह में हैं। इसके लिये मैं  भड़ास4मीडिया के यशवंत सर और हम सबकी तरफ से मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश शर्मा जी को धन्यवाद देता हूं।

दोस्तों आपको बता दें कि एफिडेविट बनाते समय इन बातों का ख्याल रखें। अगर आप भड़ास के यशवंत सिंह सर के साथ गुप्त रूप से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में केस लड़ रहे हैं और आपका केस आपकी जगह यशवंत सर लड़ रहे हैं तो आपको फार्मेट में जहां IN THE MATTER OF:Prem Chand Sinha & Ors …..Petitioner लिखा है वहां आपको यशवंत सिंह & Ors …..Petitioner लिखना पड़ेगा और प्रेमचंद सिन्हा नहीं लिखा जायेगा। ये उन्हीं लोगों को लिखना है जो गुप्त रुप से यशवंत सिंह जी के साथ मुकदमा लड़ रहे हैं।

दूसरी ध्यान देने वाली बात ये है कि एफिडेविट में आपको ………Petitioner के जगह यशवंत सिंह एंड अदर लिखने के बाद जहां CONTEMPT PETITION NO.129 OF 2015  लिखा है वहां CONTEMPT PETITION NO 128 OF 2015 लिखना है क्योकि 128 नंबर ही यशवंत सिंह जी द्वारा दायर कंटेप्ट पिटिशन नंबर है। एक सवाल और आया कि पेज के एक नंबर कालम में जहां डब्लू ई एफ लिखा है वहां क्या लिखा जायेगा। इस पर आपको डेट आफ ज्वाईनिंग लिखना है। एक सवाल यह भी आया कि एफिडेविट स्टांप पेपर पर होगा क्या। इस पर जब मैंने वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश शर्मा जी से पूछा तो उन्होंने बताया कि किसी तरह का स्टांप पेपर नहीं लगेगा। आप सिर्फ इस फार्मेट को भरकर एफिडेविट बनवा लीजिये।

इसी तरह एक सवाल और आया जो काफी महत्वपूर्ण था कि हम टर्नओवर और अपना बकाया कैसे जानेंगे। इसके बारे में उमेश शर्मा सर ने बताया है कि इसके लिये आप किसी सीए की मदद लीजिये। वो आपकी मदद कर देंगे। दोस्तों साफ कर दूं कि एफिडेविट बनवाते समय अपने पड़ोस के किसी खास अधिवक्ता से इसका ड्राफ्ट एक बार चेक करा लें तो आपको एक अच्छी मदद मिल जायेगी। एक बात और, इस फार्मेट को जल्द से जल्द भरकर उमेश शर्मा जी के पास भेज दें क्योकि 14 दिनों के अंदर इसे जमा करना है माननीय सर्वोच्च न्यायालय में और उपर से 25 तथा 26 जनवरी को छुट्टी भी है। इसलिये सावधानी का ध्यान रखते हुये जल्द से जल्द कार्य को अंजाम दें। अगर फिर भी कोई दिक्कत हो तो आप सीधे उमेश शर्मा सर या यशवंत सर को भी मेल कर सकते हैं। कोई परेशानी हो तो मीडियाकर्मी मुझसे मेरे फोन नंबर 9322411335 पर संपर्क कर सकते हैं.

लेखक शशिकांत सिंह मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया एक्टिविस्ट हैं.

मूल पोस्ट>

मजीठिया वेज बोर्ड : शपथ पत्र के इस प्रारूप को डाउनलोड कर सही विवरण भरें और दस्तखत करके भेजें



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Comments on “मजीठिया मामले में एफिडेविट तैयार कराते समय इन बातों का रखे ख्याल

  • shashikant singh says:

    दोस्तों एफिडेविट को नोटरी कराना या या नोटरी करने वाले वकील से अटेस्टेड भी कराना है।
    शशिकांत सिंह

    Reply

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