दो धनपशुओं की लड़ाई में फ़्यूचर रिटेल के आम शेयरधारक पिस गए! 

प्रकाश के रे-

फ़्यूचर रिटेल (बिग बाज़ार), रिलायंस और एमेज़ोन का थ्रीसम दिलचस्प मोड़ पर है. अब इसे रिलायंस 24,731 करोड़ रुपए में नहीं ख़रीदेगा. माने बैंकों के 17000 करोड़ रुपए डूबंत खाते में जाने का सीन बन चुका है.

फ़्यूचर के आम शेयरधारक भी लंबे समय से टेंडर हूक पर टंगे हुए हैं. उधर बिग बाज़ार के बहुत सारे दुकानों पर रिलायंस ज़बरदस्ती अपना क़ब्ज़ा जमा चुका है. अब सवाल है कि क्या एमेज़ोन की दिलचस्पी बनी रहेगी.

यह पूरा मामला ज़ोरदार कॉर्पोरेट थ्रिलर है. दुनिया के दो सबसे अमीर लोग, दो सबसे बड़ी कंपनियां और एक बियानी, लोल्ज़… फिर ताबड़तोड़ लोन बाँटते बैंक, फिर टाईम पास मी लाड लोग… बहरहाल, इसमें अभी अधिक नहीं पढ़ना-जानना है क्योंकि कोई ना कोई इस पर किताब लिख ही रहा होगा. उसे ही पढ़ा जाएगा.

कृष्णन अय्यर-

कभी कभी लगता है कि साला अपुन इच भगवान है..2020 से लिखा कि रिलायंस बिग बाजार का लोन नही चुकाएगा और बिग बाजार को खा भी जाएगा..घोषणा हो गई

रिलायंस ने बिग बाजार को 24,000 करोड़ में खरीदने से इनकार कर दिया..इसमे बैंकों के लगभग 17,000+ करोड़ थे..बैंकों का पैसा डूब जाएगा..

रिलायंस अब बिग बाजार क्यो खरीदे? बिग बाजार के 950 स्टोर रिलायंस के कब्जे में है जो बैंकों की नोटिस के अनुसार गैरकानूनी है..कब्जा खाली नही होगा।

रिलायंस को 24,000 करोड़ की कंपनी लगभग 1000 करोड़ में मिल गई..बिग बाजार की जगह रिलायंस के स्मार्ट बाजार खुल जाएंगे..बिग बाजार के सारे ग्राहक ऑटोमैटिक रिलायंस को मिलेंगे..

सरकारी बैंक दिवालिया प्रक्रिया में जाएंगे..17,000 करोड़ का 1700 करोड़ मिलने की संभावना भी नही है..जो अनसिक्योर्ड क्रेडिटर है उनको कुछ भी नही मिलेगा..🔔

ये एक “वेल स्क्रिप्टेड प्लान” था जो मुझ जैसे लोगो को पहले दिन से समझ आ रहा था..इस पूरे प्लान में बैंकों ने भी अपना किरदार निभाया..सब मिले हुए है..

अगर इस देश के कानून में हिम्मत है तो रिलायंस को बिग बाजार के कब्जाए हुए स्टोर्स से खदेड़ दे..बैंकों को अभी 100% लोन वापस मिल जाएगा..17,000 करोड़ लूटने की शुभकामनाएं..



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