Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

एचटी मीडिया को धूल चटाने वाले 315 कर्मियों की जीत से संबंधित कोर्ट आर्डर की कापी Download करें

हिंदुस्तान टाइम्स वालों ने अपने यहां सन 1970 से परमानेंट बेसिस पर काम कर रहे करीब 362 मीडिया कर्मियों को 2 अक्टूबर 2004 को बिना किसी वजह एकाएक बर्खास्त कर दिया था.  362 में से कई कर्मियों ने तो प्रबंधन के साथ सुलह कर लिया लेकिन 315 कर्मियों ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कड़कड़डूमा में केस कर दिया. ट्रिब्यूनल ने 8 मार्च 2007 को एक अंतरिम आदेश पारित किया कि सभी 315 कर्मियों को मुकदमे के निपटारे तक एचटी मीडिया पचास फीसदी तनख्वाह गुजारे भत्ते के लिए दे. इसके खिलाफ एचटी वाले हाईकोर्ट चले गए.

हिंदुस्तान टाइम्स वालों ने अपने यहां सन 1970 से परमानेंट बेसिस पर काम कर रहे करीब 362 मीडिया कर्मियों को 2 अक्टूबर 2004 को बिना किसी वजह एकाएक बर्खास्त कर दिया था.  362 में से कई कर्मियों ने तो प्रबंधन के साथ सुलह कर लिया लेकिन 315 कर्मियों ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कड़कड़डूमा में केस कर दिया. ट्रिब्यूनल ने 8 मार्च 2007 को एक अंतरिम आदेश पारित किया कि सभी 315 कर्मियों को मुकदमे के निपटारे तक एचटी मीडिया पचास फीसदी तनख्वाह गुजारे भत्ते के लिए दे. इसके खिलाफ एचटी वाले हाईकोर्ट चले गए.

बाद में यह मामला पटियाला हाउस कोर्ट ट्रांसफर किया गया जहां सभी कर्मियों की बहाली और बकाया भत्ते देने के आदेश पारित हुए. इसके खिलाफ एचटी मीडिया हाईकोर्ट गया तो हाईकोर्ट ने निचली आदेश के फैसले को सही ठहराया और मामला सेटल करने को वहीं जाने के लिए कहा. अब इस मामले में फाइनल फैसला आ गया है जिसमें एचटी मीडिया को अपने इन सैकड़ों कर्मियों को बहाल करने से लेकर सभी बकाया देने के आदेश हैं और ऐसा न करने पर एचटी मीडिया की संपत्ति जब्त करने के निर्देश है. इस प्रकरण से संबंधित खबर भड़ास पर पहले ही छप चुकी है. अब कोर्ट आर्डर की कापी भी आप डाउनलोड कर पढ़ सकते हैं. नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर कोर्ट आर्डर की कापी डाउनलोड करें:

Court Order Copy Download

इस प्रकरण से संबंधित भड़ास पर छपी शुरुआती खबर यूं है…

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन