कोर्ट से बहाल सैकड़ों मीडियाकर्मियों को एचटी प्रबंधन ने खाली मैदान व गोदाम में कराया ज्वाइन (देखें वीडियो)

हिंदुस्तान टाइम्स कर्मचारियों के साथ एक और बड़ा धोखा… सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 272 कर्मचारियों को हिंदुस्तान टाइम्स ने विदाउट प्रोड्यूस अप्वाइंटमेंट लेटर जारी किए हैं जिसमें कर्मचारी को 14 जनवरी से नौकरी पर रखने के लिए जिस स्थान का ऐड्रस (खसरा नंबर 629 कादीपुर विलेज दिल्ली) लिखा है, वहां गोदाम और खाली …

IFWJ and DUWJ congratulate HT employees for their legal victory

New Delhi, 29 August : Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) and Delhi Union of Working Journalists (DUWJ) have lauded the verdict of the Hon’ble Delhi High Court, which reinstated 272 employees of the Hindustan times with consequential benefits from the date of their termination on 3rd October 2004. In a joint statement, the IFWJ …

एचटी से बर्खास्त 272 मीडियाकर्मियों को काम पर रखने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट में हिन्दुस्तान टाईम्स के कर्मियों की बड़ी जीत, निकाले गये 272 कर्मचारियों को वापस बकाये वेतन के साथ काम पर रखने का आदेश…. नयी दिल्ली के हिन्दुस्तान टाईम्स से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां हिन्दुस्तान टाईम्स से वर्ष २००४ में निकाले गये २७२ कर्मचारियों को दिल्ली हाईकोर्ट ने वापस काम पर …

एचटी बिल्डिंग के सामने धरना देते हुए मरे मीडियाकर्मी का पुलिस ने लावारिस के रूप में किया अंतिम संस्कार

रविंद्र को नहीं मिल पाया अपनों का कंधा… साथियों का आरोप- HT प्रबंधन के दबाव में पुलिस ने लावारिस के रुप में किया अंतिम संस्‍कार… नई दिल्‍ली। 13 साल तक न्‍याय के लिए संघर्ष करने के बाद बुधवार की अंधेरी रात में मौत की आगोश में हमेशा-हमेशा के लिए सो जाने वाले हिंदुस्‍तान टाइम्‍स के कर्मी रविंद्र ठाकुर को ना ही परिजनों का और ना ही अपने संघर्ष के दिनों के साथियों का कंधा मिल पाया। मंगलवार धनतेरस के दिन दिल्‍ली पुलिस ने उसकी पार्थिव देह का अं‍तिम संस्‍कार कर दिया। उसके अंतिम संस्‍कार के समय न तो उसके परिजन मौजूद थे और न ही उसके संस्‍थान के साथी।

ब्रेकिंग न्यूज़ लिखते-लिखते जब हम खुद ही ब्रेक हो गए…

Ashwini Sharma :  ”ब्रेकिंग न्यूज़ लिखते लिखते जब हम खुद ही ब्रेक हो गए…, अपनों ने झाड़ा पल्ला जो बनते थे ख़ुदा वो भी किनारे हो गए..” साल 2005 में मुंबई इन टाइम न्यूज़ चैनल के बंद होने के बाद मैंने ये पंक्तियां लिखी थीं..तब मेरे साथ इन टाइम के बहुत से पत्रकार बेरोज़गार हुए थे..कुछ को तो नौकरी मिल गई लेकिन कुछ बदहाली के दौर में पहुंच गए..वैसे ये कोई नई बात नहीं है कई चैनल अखबार बड़े बड़े दावों के साथ बाज़ार में उतरते हैं..बातें बड़ी बड़ी होती हैं लेकिन अचानक गाड़ी पटरी से उतर जाती है..जो लोग साथ चल रहे होते हैं वो अचानक मुंह मोड़ लेते हैं..जो नेता अफसर कैमरा और माइक देखकर आपकी तरफ लपकते थे वो भी दूरी बना लेते हैं..

निष्ठुर एचटी प्रबंधन ने नहीं दिया मृतक मीडियाकर्मी के परिजनों का पता, अब कौन देगा कंधा!

नई दिल्ली। अपने धरनारत कर्मी की मौत के बाद भी निष्ठुर हिन्दुस्तान प्रबंधन का दिल नहीं पिघला और उसने दिल्ली पुलिस को मृतक रविन्द्र ठाकुर के परिजनों के गांव का पता नहीं दिया। इससे रविन्द्र को अपनों का कंधा मिलने की उम्मीद धूमिल होती नजर आ रही है।

बॉबी घोष के जाने के बाद सुकुमार रंगनाथन बनाए गए एचटी के नए एडिटर इन चीफ

बॉबी घोष के हिन्दुस्तान टाइम्स अखबार से अलग हो जाने के बाद सुकुमार रंगनाथन को नया एडिटर इन चीफ बनाया गया है. एस रंगनाथन अब तक इसी समूह के बिजनेस अखबार ‘मिंट’ के एडिटर के रूप में कार्य कर रहे थे. चेयरपर्सन शोभना भरतिया ने एक मेल के जरिए इसकी जानकारी सभी एचटी कर्मियों को दी. मेल में कहा गया है कि हिन्दुस्तान टाइम्स के एडिटर-इन-चीफ के रूप में 48 वर्षीय सुकुमार रंगनाथन की नियुक्ति की गई है और वह एचटी के सभी प्रिंट व डिजिटल ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालेंगे. मिंट से पहले रंगनाथन बिज़नेस टुडे मैग्जीन के मैनेजिंग एडिटर थे.

कर्मचारी एचटी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड के, वेतन अभी भी दे रही एचएमवीएल

कई कर्मचारियों से त्यागपत्र लेने के बाद भी नहीं दिया गया पुराना बकाया… शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले अखबार हिन्दुस्तान से खबर आ रही है कि यहां कर्मचारियों को पुरानी कंपनी से इस्तीफा दिलाकर नयी कंपनी में भले ही ज्वाईन करा लिया गया है मगर पटना सहित कई जगह रिजाईन लेने के बाद भी कई कर्मचारियों को उनका पुराना हिसाब नहीं दिया गया है। यही नहीं, हिंदुस्तान अखबार की कंपनी का नाम कल तक हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड था मगर अब एक नयी कंपनी खोलकर अखबार प्रबंधन ने उसका नाम रख दिया एचटी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड। इस नई कंपनी में जबरिया कर्मचारियों को पुरानी कंपनी से त्यागपत्र दिलाकर 1 जनवरी 2017 से ज्वाईन करा दिया गया है।

प्रिंट मीडिया की अब तक की सबसे बड़ी डील : रिलायंस ने हजारों करोड़ रुपये में खरीदा हिंदुस्तान टाइम्स

मुकेश अंबानी होंगे एक अप्रैल से हिंदुस्तान टाइम्स के नए मालिक : शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले हिंदुस्तान टाइम्स के बारे में चर्चा है कि इस अखबार को हजारों करोड़ रुपये में देश के सबसे बड़े उद्योगपति रिलायंस के मुकेश अंबानी को बेच दिया गया है। कुल डील कितने में हुई है, इसका पता नहीं चल पाया है। चर्चा है कि प्रिंट मीडिया की इस सबसे बड़ी डील के बाद शोभना भरतिया 31 मार्च को अपना मालिकाना हक रिलायंस को सौंप देंगी और एक अप्रैल 2017 से हिंदुस्तान टाइम्स रिलायंस का अखबार हो जाएगा। सूत्रों की मानें तो एक अप्रैल 2017 से रिलायंस प्रिंट मीडिया पर अपना कब्जा जमाने के लिए मुफ्त में ग्राहकों को हिंदुस्तान टाइम्स बांटेगा।

यह शख्स जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया!

Deshpal Singh Panwar : अगर ये खबर सच है कि हिंदुस्तान टाइम्स समूह को मुकेश अंबानी खरीद रहे हैं तो तय है कि अच्छे दिन (स्टाफ के लिए पीएम के वादे जैसे) आने वाले हैं। वैसे इतिहास खुद को दोहराता है… कानाफूसी के मुताबिक एक शख्स जो इस समूह के हिंदी अखबार में चोटी पर है वो जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया।

मुंबई के बाद अब दिल्ली एचटी को भी रिलायंस को बेचे जाने की चर्चा

देश भर के मीडियामालिकों में हड़कंप, कहीं मुफ्त में ना अखबार बांटने लगे रिलायंस…

देश के सबसे बड़े उद्योगपति रिलायंस वाले मुकेश अंबानी द्वारा मुंबई में एचटी ग्रुप के अखबार मिन्ट और फ्लैगशिप हिन्दुस्तान टाईम्स खरीदने की चर्चा के बाद अब यह चर्चा भी आज तेजी से देश भर के मीडियाजगत में फैली है कि मुकेश अंबानी ने दिल्ली में भी हिन्दुस्तान टाईम्स के संस्करण को खरीद लिया है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है। हिन्दुस्तान टाईम्स के दिल्ली संस्करण में कर्मचारियों के बीच आज इस बात की चर्चा तेजी से फैली कि रिलायंस प्रबंधन और हिन्दुस्तान टाईम्स प्रबंधन के बीच कोलकाता में इस खरीदारी को लेकर बातचीत हुयी जो लगभग सफल रही और जल्द ही हिन्दुस्तान टाईम्स पर रिलायंस का कब्जा होगा।

शोभना भरतिया ने एचटी ग्रुप को मुकेश अंबानी को बेचा!

मुंबई से एक बड़ी खबर आ रही है. हिंदुस्तान टाइम्स समूह को इसकी मालकिन शोभना भरतिया ने भारत के सबसे बड़े व्यापारी मुकेश अंबानी को बेच दिया है. हालांकि यह चर्चा कई दिनों से थी कि शोभना भरतिया एचटी समूह को बेच रही हैं लेकिन इस सूचना की पुष्टि नहीं हो पा रही थी. अब यह बात लगभग कनफर्म हो गई है कि मुकेश अंबानी सबसे बड़ा टीवी नेटवर्क खरीदने के बाद सबसे बड़ा प्रिंट नेटवर्क भी तैयार करने में लग गए हैं और इस कड़ी में एचटी ग्रुप को खरीद लिया है.

मीडियाकर्मियों ने मांगी छुट्टी तो ‘हिन्दुस्तान’ के संपादक ने दी गालियां!

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर प्रबंधन से मांगने पर स्वामी भक्त संपादकों को भी बुरा लग रहा है। सबसे ज्यादा हालत खराब हिन्दुस्तान अखबार की है। खबर है कि हिन्दुस्तान अखबार के रांची संस्करण के दो कर्मियों अमित अखौरी और शिवकुमार सिंह ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन प्रबंधन से मांगा तो यहां के स्वामी भक्त स्थानीय संपादक  दिनेश मिश्रा को इतना बुरा लगा कि उन्होंने पहले मजीठिया कर्मियों को ना सिर्फ बुरा भला कहा बल्कि एक कर्मचारी को तो गालियां भी दीं। बाद में इन दोनों कर्मचारियों ने विरोध किया तो उन्हें मौखिक रूप से स्थानीय संपादक ने कह दिया कि आप दोनों कल से मत आईयेगा।

‘हिन्दुस्तान’ और ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के साथियों से एक पत्रकार की अपील

“हिन्दुस्तान” और “हिन्दुस्तान टाइम्स” से पूरे देश में जुड़े साथियों से खुली अपील है कि आप मजीठिया वेज बोर्ड अवार्ड के लिये 17(1) के तहत जमकर क्लेम करें। अगर 11 नवम्बर 2011 के बाद कभी भी रिटायर हुये हैं या जबरन रिजाइन ली गई है तब भी आपका एरियर बनता है। एरियर बनवाने में कोई दिक्कत हो तो मुझसे सम्पर्क करें। अगर आप काम कर रहे हैं तो डरने की जरूरत नहीं है। कंपनी आपको ट्रांसफर करेगी, सस्पेंड कर सकती है, टर्मिनेट करेगी और इनके लोग धमकियां भी देंगे, जैसा कि इन दिनों पूरे देश में हो रहा है। लेकिन भरोसा रखें, ये बिगाड़ कुछ नहीं पाएंगे।

मजीठिया मांगने पर ‘हिंदुस्तान’ अखबार ने दो और पत्रकारों को किया प्रताड़ित

लगता है खुद को देश के कानून और न्याय व्यवस्था से ऊपर समझ रहा है हिंदुस्तान अखबार प्रबंधन। शुक्रवार को एक साथ उत्तर प्रदेश और झारखण्ड से तीन कर्मचारियों को प्रताड़ना भरा लेटर भेज दिए गए। इन कर्मचारियों की गलती सिर्फ इतनी थी की बिड़ला खानदान की नवाबजादी शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले हिन्दुस्तान मैनेजमेंट से उन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और अपना बकाया मांग लिया था।

खबर से भड़के डीएम ने जारी किया आदेश : ‘हिंदुस्तान’ अखबार के इस उगाहीबाज रिपोर्टर को आफिस में घुसने न दें!

Dinesh Singh : मैं नहीं जानता कि बाका के जिलाधिकारी के दावे में कितनी सच्चाई है। बिहार में हिन्दुस्तान की स्थापना के समय से जुड़े होने के चलते मैंने देखा है कि रिमोट एरिया में ईमानदारी के साथ काम करने वाले पत्रकार भी भ्रष्ट अधिकारियों के किस तरह भेंट चढ़ जाते हैं। मैं यह नहीं कहता कि सारे पत्रकार ईमानदार हैं मगर मैं यह भी कदापि मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि सारे पत्रकार चोर और ब्लैकमेलर ही होते हैं।

पत्रकार राजदेव रंजन के हत्‍या आरोपी शूटर ने किया कोर्ट में सरेंडर

बिहार के हिंदुस्‍तान, सीवान के ब्‍यूरोचीफ राजदेव रंजन की हत्या के आरोपी शूटर मोहम्मद कैफ ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया. कैफ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या मामले में मुख्य आरोपी है. वह हत्या के बाद से फरार चल रहा था. पुलिस को उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी और कैफ खुलेआम …

मजीठिया मामला : प्रताड़ना से परेशान हिन्दुस्‍तान के पत्रकार ने की आयोग से शिकायत

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में हिन्दुस्तान प्रबंधन  द्वारा परेशान किये जाने से तंग आकर गोरखपुर के पत्रकार सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने एक पत्र मानवाधिकार आयोग को भेजा है। इस पत्र की मूल प्रति श्रम आयुक्त कार्यालय और वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक को भी भेजी गयी है। पत्र को पढ़ने के बाद साफ तौर पर लग रहा …

पत्रकार राजदेव रंजन हत्‍याकांड में सीबीआई दर्ज की नई एफआईआर

सिवान।हिंदुस्‍तान के ब्‍यूरो चीफ रहे राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच अब जल्द ही सीबीआई करेगी. सीबीआई एक नई एफआईआर दर्ज कर ली है. वह जल्‍द ही अपनी टीम को सीवान भेजेगी. इस बीच बुधवार को राजदेव की पत्नी आशा रंजन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले का ट्रायल दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है. उधर,इस हत्याकांड …

मजीठिया मांगने का साइड इफेक्‍ट : आलोक पर लगा छेड़खानी का आरोप

हिंदुस्‍तान, लखनऊ में मजीठिया वेज बोर्ड मांगने वालों के खिलाफ साइड इफेक्‍ट शुरू हो गया है. प्रबंधन जब मनाने में नाकाम रहा तो अब साजिश में जुट गया है. प्रबंधन अब मजिठिया मांगने वालों के खिलाफ साम-दाम से पार नहीं पा सका तो दंड-भेद का रास्‍ता अपना शुरू कर दिया है. खबर है कि पूर्व चीफ रिपोर्टर आलोक उपाध्‍याय पर एक महिला स्ट्रिंगर ने छेड़खानी का आरोप लगाया है. उसने 1090 पर फोन करके आलोक उपाध्‍याय पर छेड़खानी करने का तोहमत मढ़ दिया.

एचटी मीडिया को धूल चटाने वाले 315 कर्मियों की जीत से संबंधित कोर्ट आर्डर की कापी Download करें

हिंदुस्तान टाइम्स वालों ने अपने यहां सन 1970 से परमानेंट बेसिस पर काम कर रहे करीब 362 मीडिया कर्मियों को 2 अक्टूबर 2004 को बिना किसी वजह एकाएक बर्खास्त कर दिया था.  362 में से कई कर्मियों ने तो प्रबंधन के साथ सुलह कर लिया लेकिन 315 कर्मियों ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कड़कड़डूमा में केस कर दिया. ट्रिब्यूनल ने 8 मार्च 2007 को एक अंतरिम आदेश पारित किया कि सभी 315 कर्मियों को मुकदमे के निपटारे तक एचटी मीडिया पचास फीसदी तनख्वाह गुजारे भत्ते के लिए दे. इसके खिलाफ एचटी वाले हाईकोर्ट चले गए.

बड़ी खबर : एचटी के 400 लोगों ने मुकदमा जीता, होंगे बहाल, मिलेगा बकाया

मीडिया इंडस्ट्री की बहुत बड़ी खबर आ रही है. हिंदुस्तान टाइम्स समूह के मैनेजमेंट से 400 मीडियाकर्मियों ने मुकदमा जीत लिया है. ये चार सौ लोग वर्ष 2004 में हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया लिमिटेड से निकाल दिए गए थे. इन्हें एक झटके में प्रबंधन ने निकाल बाहर किया था. श्रम कानूनों से लेकर संविधान की मूल भावना तक की धज्जियां एचटी वालों ने उड़ाई. मजेदार ये कि एचटी मैनेजमेंट की तरफ से अरुण जेटली मुकदमा लड़ रहे थे. साथ ही दर्जनों बड़े वकीलों की फौज भी थी.

हिंदुस्तान अखबार के रिपोर्टर अजय शर्मा ने आरटीआई एक्टिविस्ट आरती सिन्हा के बारे में गंदी बातें छाप दी

Dear Sir, Please read the attached newspaper to find out how the media is insulting women openly. Case has been filed against Hindustan. I am a noted RTI activists and a social worker. from Jharkhand, I am carrying on fight against corruption in which i am successful also. One of the reporter from Hindustan named Ajay Sharma from Mihijam Dist Jamtara has published dirty things for me to malign my image in the society.

हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप की मालकिन शोभना भरतिया को हाईकोर्ट में तगड़ा झटका

: प्रिंट मीडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन की एचटी के साथियों को बधाई : हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड से 272 कर्मचारियों निकाले जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली आदलत के निर्णय को बहाल रखते हुए उसमें किसी भी तरह से दखल देने से इंकार कर दिया है। 14 तारीख को दिए अपने फैसले में कोर्ट ने कर्मचारियों के हटाने के प्रबंधन के फैसले को अनुचित ठहारते हुए हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड और हिन्दुस्तान टाइम्स मीडिया लिमिटेड को दो अलग –अलग कंपनी मानने से भी इंकार कर दिया है क्योंकि दोनों की मालकिन एक ही है।

DUJ Salutes High Court Judgment As Jolt to HT Management (पढ़ें पूरा फैसला)

The Delhi Union of Journalists has broadly welcomed  as ‘somewhat belated but historic’ Hindustan Times judgment in the Delhi High Court. It has saluted the workers of Hindustan Times who are fighting the struggle in the court and outside despite various pressures. It has taken note of the fact that over 12 workers of the Hindustan Times group have unfortunately lost their lives in this long struggle for their dues.

अपनी नौकरी बचाने के लिए शशि शेखर नीचता पर उतर आये हैं

रमन सिंह : हिन्दुस्तान में साइन कराने का सिलसिला शुरू… अपनी नौकरी बचाने के लिए शशि शेखर नीचता पर उतार आये है. इसी का नतीजा है कि इन दिनों हिन्दुस्तान अखबार में कर्मचारियों से दूसरे विभाग में तबादले के कागज पर साइन कराने का दौर शुरू हो गया है. दिल्ली में तो खुद शशि शेखर जी साइन करा रहे हैं. साइन नहीँ करने वालों को निकालने की धमकी भी दी जा रही है.  मजीठिया से घबराया हिन्दुस्तान फिलहाल जिस कागज पर साइन करा रहा है उसमें भी कई फर्जीवाड़ा है. इसलिए नीचे के फोटो को आप ध्यान से पढ़िए. दो फोटो हैं, दोनों को ध्यान से देखिए. कई फर्जीवाड़े समझ में आएंगे. 

हिंदुस्तान अख़बार में आज सुबह से ही जबरन दस्तखत कराने की गहमागहमी चल रही है

मजीठिया डाल-डाल, अख़बार मालिक पात-पात। एक तरफ़ सुनाई दे रहा है कि इसी 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट पत्रकारों के पक्ष में मजीठिया वेतन आयोग लागू करने लिए दो-टूक फ़ैसला दे सकता है, तो दूसरी ओर अख़बार मालिकान एक बार फिर से इसकी तोड़ निकालने की जुगत में लग गए हैं। असल में अदालत ने राज्य सरकारों से 15 सितंबर तक रिपोर्ट माँगा है कि मजीठिया लागू करने के विषय में अख़बारों की स्थिति कहाँ तक पहुँची है।