कोर्ट से बहाल सैकड़ों मीडियाकर्मियों को एचटी प्रबंधन ने खाली मैदान व गोदाम में कराया ज्वाइन (देखें वीडियो)

हिंदुस्तान टाइम्स कर्मचारियों के साथ एक और बड़ा धोखा… सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 272 कर्मचारियों को हिंदुस्तान टाइम्स ने विदाउट प्रोड्यूस अप्वाइंटमेंट लेटर जारी किए हैं जिसमें कर्मचारी को 14 जनवरी से नौकरी पर रखने के लिए जिस स्थान का ऐड्रस (खसरा नंबर 629 कादीपुर विलेज दिल्ली) लिखा है, वहां गोदाम और खाली …

IFWJ and DUWJ congratulate HT employees for their legal victory

New Delhi, 29 August : Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) and Delhi Union of Working Journalists (DUWJ) have lauded the verdict of the Hon’ble Delhi High Court, which reinstated 272 employees of the Hindustan times with consequential benefits from the date of their termination on 3rd October 2004. In a joint statement, the IFWJ …

एचटी से बर्खास्त 272 मीडियाकर्मियों को काम पर रखने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट में हिन्दुस्तान टाईम्स के कर्मियों की बड़ी जीत, निकाले गये 272 कर्मचारियों को वापस बकाये वेतन के साथ काम पर रखने का आदेश…. नयी दिल्ली के हिन्दुस्तान टाईम्स से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां हिन्दुस्तान टाईम्स से वर्ष २००४ में निकाले गये २७२ कर्मचारियों को दिल्ली हाईकोर्ट ने वापस काम पर …

एचटी बिल्डिंग के सामने धरना देते हुए मरे मीडियाकर्मी का पुलिस ने लावारिस के रूप में किया अंतिम संस्कार

रविंद्र को नहीं मिल पाया अपनों का कंधा… साथियों का आरोप- HT प्रबंधन के दबाव में पुलिस ने लावारिस के रुप में किया अंतिम संस्‍कार… नई दिल्‍ली। 13 साल तक न्‍याय के लिए संघर्ष करने के बाद बुधवार की अंधेरी रात में मौत की आगोश में हमेशा-हमेशा के लिए सो जाने वाले हिंदुस्‍तान टाइम्‍स के कर्मी रविंद्र ठाकुर को ना ही परिजनों का और ना ही अपने संघर्ष के दिनों के साथियों का कंधा मिल पाया। मंगलवार धनतेरस के दिन दिल्‍ली पुलिस ने उसकी पार्थिव देह का अं‍तिम संस्‍कार कर दिया। उसके अंतिम संस्‍कार के समय न तो उसके परिजन मौजूद थे और न ही उसके संस्‍थान के साथी।

ब्रेकिंग न्यूज़ लिखते-लिखते जब हम खुद ही ब्रेक हो गए…

Ashwini Sharma :  ”ब्रेकिंग न्यूज़ लिखते लिखते जब हम खुद ही ब्रेक हो गए…, अपनों ने झाड़ा पल्ला जो बनते थे ख़ुदा वो भी किनारे हो गए..” साल 2005 में मुंबई इन टाइम न्यूज़ चैनल के बंद होने के बाद मैंने ये पंक्तियां लिखी थीं..तब मेरे साथ इन टाइम के बहुत से पत्रकार बेरोज़गार हुए थे..कुछ को तो नौकरी मिल गई लेकिन कुछ बदहाली के दौर में पहुंच गए..वैसे ये कोई नई बात नहीं है कई चैनल अखबार बड़े बड़े दावों के साथ बाज़ार में उतरते हैं..बातें बड़ी बड़ी होती हैं लेकिन अचानक गाड़ी पटरी से उतर जाती है..जो लोग साथ चल रहे होते हैं वो अचानक मुंह मोड़ लेते हैं..जो नेता अफसर कैमरा और माइक देखकर आपकी तरफ लपकते थे वो भी दूरी बना लेते हैं..

निष्ठुर एचटी प्रबंधन ने नहीं दिया मृतक मीडियाकर्मी के परिजनों का पता, अब कौन देगा कंधा!

नई दिल्ली। अपने धरनारत कर्मी की मौत के बाद भी निष्ठुर हिन्दुस्तान प्रबंधन का दिल नहीं पिघला और उसने दिल्ली पुलिस को मृतक रविन्द्र ठाकुर के परिजनों के गांव का पता नहीं दिया। इससे रविन्द्र को अपनों का कंधा मिलने की उम्मीद धूमिल होती नजर आ रही है।

बॉबी घोष के जाने के बाद सुकुमार रंगनाथन बनाए गए एचटी के नए एडिटर इन चीफ

बॉबी घोष के हिन्दुस्तान टाइम्स अखबार से अलग हो जाने के बाद सुकुमार रंगनाथन को नया एडिटर इन चीफ बनाया गया है. एस रंगनाथन अब तक इसी समूह के बिजनेस अखबार ‘मिंट’ के एडिटर के रूप में कार्य कर रहे थे. चेयरपर्सन शोभना भरतिया ने एक मेल के जरिए इसकी जानकारी सभी एचटी कर्मियों को दी. मेल में कहा गया है कि हिन्दुस्तान टाइम्स के एडिटर-इन-चीफ के रूप में 48 वर्षीय सुकुमार रंगनाथन की नियुक्ति की गई है और वह एचटी के सभी प्रिंट व डिजिटल ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालेंगे. मिंट से पहले रंगनाथन बिज़नेस टुडे मैग्जीन के मैनेजिंग एडिटर थे.

कर्मचारी एचटी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड के, वेतन अभी भी दे रही एचएमवीएल

कई कर्मचारियों से त्यागपत्र लेने के बाद भी नहीं दिया गया पुराना बकाया… शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले अखबार हिन्दुस्तान से खबर आ रही है कि यहां कर्मचारियों को पुरानी कंपनी से इस्तीफा दिलाकर नयी कंपनी में भले ही ज्वाईन करा लिया गया है मगर पटना सहित कई जगह रिजाईन लेने के बाद भी कई कर्मचारियों को उनका पुराना हिसाब नहीं दिया गया है। यही नहीं, हिंदुस्तान अखबार की कंपनी का नाम कल तक हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड था मगर अब एक नयी कंपनी खोलकर अखबार प्रबंधन ने उसका नाम रख दिया एचटी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड। इस नई कंपनी में जबरिया कर्मचारियों को पुरानी कंपनी से त्यागपत्र दिलाकर 1 जनवरी 2017 से ज्वाईन करा दिया गया है।

प्रिंट मीडिया की अब तक की सबसे बड़ी डील : रिलायंस ने हजारों करोड़ रुपये में खरीदा हिंदुस्तान टाइम्स

मुकेश अंबानी होंगे एक अप्रैल से हिंदुस्तान टाइम्स के नए मालिक : शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले हिंदुस्तान टाइम्स के बारे में चर्चा है कि इस अखबार को हजारों करोड़ रुपये में देश के सबसे बड़े उद्योगपति रिलायंस के मुकेश अंबानी को बेच दिया गया है। कुल डील कितने में हुई है, इसका पता नहीं चल पाया है। चर्चा है कि प्रिंट मीडिया की इस सबसे बड़ी डील के बाद शोभना भरतिया 31 मार्च को अपना मालिकाना हक रिलायंस को सौंप देंगी और एक अप्रैल 2017 से हिंदुस्तान टाइम्स रिलायंस का अखबार हो जाएगा। सूत्रों की मानें तो एक अप्रैल 2017 से रिलायंस प्रिंट मीडिया पर अपना कब्जा जमाने के लिए मुफ्त में ग्राहकों को हिंदुस्तान टाइम्स बांटेगा।

यह शख्स जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया!

Deshpal Singh Panwar : अगर ये खबर सच है कि हिंदुस्तान टाइम्स समूह को मुकेश अंबानी खरीद रहे हैं तो तय है कि अच्छे दिन (स्टाफ के लिए पीएम के वादे जैसे) आने वाले हैं। वैसे इतिहास खुद को दोहराता है… कानाफूसी के मुताबिक एक शख्स जो इस समूह के हिंदी अखबार में चोटी पर है वो जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया।

मुंबई के बाद अब दिल्ली एचटी को भी रिलायंस को बेचे जाने की चर्चा

देश भर के मीडियामालिकों में हड़कंप, कहीं मुफ्त में ना अखबार बांटने लगे रिलायंस…

देश के सबसे बड़े उद्योगपति रिलायंस वाले मुकेश अंबानी द्वारा मुंबई में एचटी ग्रुप के अखबार मिन्ट और फ्लैगशिप हिन्दुस्तान टाईम्स खरीदने की चर्चा के बाद अब यह चर्चा भी आज तेजी से देश भर के मीडियाजगत में फैली है कि मुकेश अंबानी ने दिल्ली में भी हिन्दुस्तान टाईम्स के संस्करण को खरीद लिया है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है। हिन्दुस्तान टाईम्स के दिल्ली संस्करण में कर्मचारियों के बीच आज इस बात की चर्चा तेजी से फैली कि रिलायंस प्रबंधन और हिन्दुस्तान टाईम्स प्रबंधन के बीच कोलकाता में इस खरीदारी को लेकर बातचीत हुयी जो लगभग सफल रही और जल्द ही हिन्दुस्तान टाईम्स पर रिलायंस का कब्जा होगा।

शोभना भरतिया ने एचटी ग्रुप को मुकेश अंबानी को बेचा!

मुंबई से एक बड़ी खबर आ रही है. हिंदुस्तान टाइम्स समूह को इसकी मालकिन शोभना भरतिया ने भारत के सबसे बड़े व्यापारी मुकेश अंबानी को बेच दिया है. हालांकि यह चर्चा कई दिनों से थी कि शोभना भरतिया एचटी समूह को बेच रही हैं लेकिन इस सूचना की पुष्टि नहीं हो पा रही थी. अब यह बात लगभग कनफर्म हो गई है कि मुकेश अंबानी सबसे बड़ा टीवी नेटवर्क खरीदने के बाद सबसे बड़ा प्रिंट नेटवर्क भी तैयार करने में लग गए हैं और इस कड़ी में एचटी ग्रुप को खरीद लिया है.

मीडियाकर्मियों ने मांगी छुट्टी तो ‘हिन्दुस्तान’ के संपादक ने दी गालियां!

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर प्रबंधन से मांगने पर स्वामी भक्त संपादकों को भी बुरा लग रहा है। सबसे ज्यादा हालत खराब हिन्दुस्तान अखबार की है। खबर है कि हिन्दुस्तान अखबार के रांची संस्करण के दो कर्मियों अमित अखौरी और शिवकुमार सिंह ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन प्रबंधन से मांगा तो यहां के स्वामी भक्त स्थानीय संपादक  दिनेश मिश्रा को इतना बुरा लगा कि उन्होंने पहले मजीठिया कर्मियों को ना सिर्फ बुरा भला कहा बल्कि एक कर्मचारी को तो गालियां भी दीं। बाद में इन दोनों कर्मचारियों ने विरोध किया तो उन्हें मौखिक रूप से स्थानीय संपादक ने कह दिया कि आप दोनों कल से मत आईयेगा।

‘हिन्दुस्तान’ और ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के साथियों से एक पत्रकार की अपील

“हिन्दुस्तान” और “हिन्दुस्तान टाइम्स” से पूरे देश में जुड़े साथियों से खुली अपील है कि आप मजीठिया वेज बोर्ड अवार्ड के लिये 17(1) के तहत जमकर क्लेम करें। अगर 11 नवम्बर 2011 के बाद कभी भी रिटायर हुये हैं या जबरन रिजाइन ली गई है तब भी आपका एरियर बनता है। एरियर बनवाने में कोई दिक्कत हो तो मुझसे सम्पर्क करें। अगर आप काम कर रहे हैं तो डरने की जरूरत नहीं है। कंपनी आपको ट्रांसफर करेगी, सस्पेंड कर सकती है, टर्मिनेट करेगी और इनके लोग धमकियां भी देंगे, जैसा कि इन दिनों पूरे देश में हो रहा है। लेकिन भरोसा रखें, ये बिगाड़ कुछ नहीं पाएंगे।

मजीठिया मांगने पर ‘हिंदुस्तान’ अखबार ने दो और पत्रकारों को किया प्रताड़ित

लगता है खुद को देश के कानून और न्याय व्यवस्था से ऊपर समझ रहा है हिंदुस्तान अखबार प्रबंधन। शुक्रवार को एक साथ उत्तर प्रदेश और झारखण्ड से तीन कर्मचारियों को प्रताड़ना भरा लेटर भेज दिए गए। इन कर्मचारियों की गलती सिर्फ इतनी थी की बिड़ला खानदान की नवाबजादी शोभना भरतिया के स्वामित्व वाले हिन्दुस्तान मैनेजमेंट से उन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और अपना बकाया मांग लिया था।

खबर से भड़के डीएम ने जारी किया आदेश : ‘हिंदुस्तान’ अखबार के इस उगाहीबाज रिपोर्टर को आफिस में घुसने न दें!

Dinesh Singh : मैं नहीं जानता कि बाका के जिलाधिकारी के दावे में कितनी सच्चाई है। बिहार में हिन्दुस्तान की स्थापना के समय से जुड़े होने के चलते मैंने देखा है कि रिमोट एरिया में ईमानदारी के साथ काम करने वाले पत्रकार भी भ्रष्ट अधिकारियों के किस तरह भेंट चढ़ जाते हैं। मैं यह नहीं कहता कि सारे पत्रकार ईमानदार हैं मगर मैं यह भी कदापि मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि सारे पत्रकार चोर और ब्लैकमेलर ही होते हैं।

पत्रकार राजदेव रंजन के हत्‍या आरोपी शूटर ने किया कोर्ट में सरेंडर

बिहार के हिंदुस्‍तान, सीवान के ब्‍यूरोचीफ राजदेव रंजन की हत्या के आरोपी शूटर मोहम्मद कैफ ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया. कैफ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या मामले में मुख्य आरोपी है. वह हत्या के बाद से फरार चल रहा था. पुलिस को उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी और कैफ खुलेआम …

मजीठिया मामला : प्रताड़ना से परेशान हिन्दुस्‍तान के पत्रकार ने की आयोग से शिकायत

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में हिन्दुस्तान प्रबंधन  द्वारा परेशान किये जाने से तंग आकर गोरखपुर के पत्रकार सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने एक पत्र मानवाधिकार आयोग को भेजा है। इस पत्र की मूल प्रति श्रम आयुक्त कार्यालय और वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक को भी भेजी गयी है। पत्र को पढ़ने के बाद साफ तौर पर लग रहा …

पत्रकार राजदेव रंजन हत्‍याकांड में सीबीआई दर्ज की नई एफआईआर

सिवान।हिंदुस्‍तान के ब्‍यूरो चीफ रहे राजदेव रंजन हत्याकांड की जांच अब जल्द ही सीबीआई करेगी. सीबीआई एक नई एफआईआर दर्ज कर ली है. वह जल्‍द ही अपनी टीम को सीवान भेजेगी. इस बीच बुधवार को राजदेव की पत्नी आशा रंजन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले का ट्रायल दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है. उधर,इस हत्याकांड …

मजीठिया मांगने का साइड इफेक्‍ट : आलोक पर लगा छेड़खानी का आरोप

हिंदुस्‍तान, लखनऊ में मजीठिया वेज बोर्ड मांगने वालों के खिलाफ साइड इफेक्‍ट शुरू हो गया है. प्रबंधन जब मनाने में नाकाम रहा तो अब साजिश में जुट गया है. प्रबंधन अब मजिठिया मांगने वालों के खिलाफ साम-दाम से पार नहीं पा सका तो दंड-भेद का रास्‍ता अपना शुरू कर दिया है. खबर है कि पूर्व चीफ रिपोर्टर आलोक उपाध्‍याय पर एक महिला स्ट्रिंगर ने छेड़खानी का आरोप लगाया है. उसने 1090 पर फोन करके आलोक उपाध्‍याय पर छेड़खानी करने का तोहमत मढ़ दिया.

एचटी मीडिया को धूल चटाने वाले 315 कर्मियों की जीत से संबंधित कोर्ट आर्डर की कापी Download करें

हिंदुस्तान टाइम्स वालों ने अपने यहां सन 1970 से परमानेंट बेसिस पर काम कर रहे करीब 362 मीडिया कर्मियों को 2 अक्टूबर 2004 को बिना किसी वजह एकाएक बर्खास्त कर दिया था.  362 में से कई कर्मियों ने तो प्रबंधन के साथ सुलह कर लिया लेकिन 315 कर्मियों ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कड़कड़डूमा में केस कर दिया. ट्रिब्यूनल ने 8 मार्च 2007 को एक अंतरिम आदेश पारित किया कि सभी 315 कर्मियों को मुकदमे के निपटारे तक एचटी मीडिया पचास फीसदी तनख्वाह गुजारे भत्ते के लिए दे. इसके खिलाफ एचटी वाले हाईकोर्ट चले गए.

बड़ी खबर : एचटी के 400 लोगों ने मुकदमा जीता, होंगे बहाल, मिलेगा बकाया

मीडिया इंडस्ट्री की बहुत बड़ी खबर आ रही है. हिंदुस्तान टाइम्स समूह के मैनेजमेंट से 400 मीडियाकर्मियों ने मुकदमा जीत लिया है. ये चार सौ लोग वर्ष 2004 में हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया लिमिटेड से निकाल दिए गए थे. इन्हें एक झटके में प्रबंधन ने निकाल बाहर किया था. श्रम कानूनों से लेकर संविधान की मूल भावना तक की धज्जियां एचटी वालों ने उड़ाई. मजेदार ये कि एचटी मैनेजमेंट की तरफ से अरुण जेटली मुकदमा लड़ रहे थे. साथ ही दर्जनों बड़े वकीलों की फौज भी थी.

हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप की मालकिन शोभना भरतिया को हाईकोर्ट में तगड़ा झटका

: प्रिंट मीडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन की एचटी के साथियों को बधाई : हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड से 272 कर्मचारियों निकाले जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली आदलत के निर्णय को बहाल रखते हुए उसमें किसी भी तरह से दखल देने से इंकार कर दिया है। 14 तारीख को दिए अपने फैसले में कोर्ट ने कर्मचारियों के हटाने के प्रबंधन के फैसले को अनुचित ठहारते हुए हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड और हिन्दुस्तान टाइम्स मीडिया लिमिटेड को दो अलग –अलग कंपनी मानने से भी इंकार कर दिया है क्योंकि दोनों की मालकिन एक ही है।

DUJ Salutes High Court Judgment As Jolt to HT Management (पढ़ें पूरा फैसला)

The Delhi Union of Journalists has broadly welcomed  as ‘somewhat belated but historic’ Hindustan Times judgment in the Delhi High Court. It has saluted the workers of Hindustan Times who are fighting the struggle in the court and outside despite various pressures. It has taken note of the fact that over 12 workers of the Hindustan Times group have unfortunately lost their lives in this long struggle for their dues.

अपनी नौकरी बचाने के लिए शशि शेखर नीचता पर उतर आये हैं

रमन सिंह : हिन्दुस्तान में साइन कराने का सिलसिला शुरू… अपनी नौकरी बचाने के लिए शशि शेखर नीचता पर उतार आये है. इसी का नतीजा है कि इन दिनों हिन्दुस्तान अखबार में कर्मचारियों से दूसरे विभाग में तबादले के कागज पर साइन कराने का दौर शुरू हो गया है. दिल्ली में तो खुद शशि शेखर जी साइन करा रहे हैं. साइन नहीँ करने वालों को निकालने की धमकी भी दी जा रही है.  मजीठिया से घबराया हिन्दुस्तान फिलहाल जिस कागज पर साइन करा रहा है उसमें भी कई फर्जीवाड़ा है. इसलिए नीचे के फोटो को आप ध्यान से पढ़िए. दो फोटो हैं, दोनों को ध्यान से देखिए. कई फर्जीवाड़े समझ में आएंगे. 

हिंदुस्तान अख़बार में आज सुबह से ही जबरन दस्तखत कराने की गहमागहमी चल रही है

मजीठिया डाल-डाल, अख़बार मालिक पात-पात। एक तरफ़ सुनाई दे रहा है कि इसी 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट पत्रकारों के पक्ष में मजीठिया वेतन आयोग लागू करने लिए दो-टूक फ़ैसला दे सकता है, तो दूसरी ओर अख़बार मालिकान एक बार फिर से इसकी तोड़ निकालने की जुगत में लग गए हैं। असल में अदालत ने राज्य सरकारों से 15 सितंबर तक रिपोर्ट माँगा है कि मजीठिया लागू करने के विषय में अख़बारों की स्थिति कहाँ तक पहुँची है।

हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स में हाहाकार, वेज बोर्ड नहीं चाहिए वाले फार्म पर प्रबंधन जबरन करा रहा हस्ताक्षर

इस वक्त हिंदुस्तान टाइम्स और हिंदुस्तान अखबार के दफ्तरों में हाहाकार मचा हुआ है. नोएडा और दिल्ली से आ रही खबरों के मुताबिक दोनों अखबारों के कर्मियों से एक फार्म पर जबरन साइन कराया जा रहा है जिस पर लिखा हुआ है कि हमें मजीठिया वेज बोर्ड से अधिक वेतन मिलता है इसलिए हम मजीठिया वेज बोर्ड के लाभ नहीं लेना चाहते. सूत्रों के मुताबिक जो लोग फार्म पर साइन करने से मना कर रहे हैं उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.

यह देखिए हरियाणा के मुख्यमंत्री की खबर हिन्दुस्तान टाइम्स, दिल्ली में विज्ञापन की शक्ल में

Sanjaya Kumar Singh : यही अच्छे दिन हैं क्या। पर किसके लिए? ना खाउंगा ना खाने दूंगा तो ठीक है। पर जायज पैसे भी नहीं देंगे और अपनी मर्जी से दान के पैसे उड़ाएंगे – यह कैसे ठीक हो सकता है। यह देखिए हरियाणा के मुख्यमंत्री की खबर हिन्दुस्तान टाइम्स, दिल्ली में विज्ञापन की शक्ल में। यह खबर है और खबर के रूप में छप सकती थी, छपनी चाहिए थी और छपवाने के लिए जारी की जानी चाहिए थी। नहीं छपती तो इसमें ऐसा कुछ नहीं है कि पैसे खर्च कर विज्ञापन के रूप में छपवाया जाए। चंदे के पैसे विज्ञापन में उड़ाने का कोई मतलब नहीं है।

सात सौ रुपये, हजार रुपये, ढाई हजार रुपये… ये है सेलरी… बदले में 50 लाख से अधिक की विज्ञापन की वसूली

दैनिक हिन्दुस्तान से जुड़े रामगढ जिला अन्तर्गत गोला संवाददाता मनोज मिश्रा ने हिंदुस्तान अखबार को अलविदा कह दिया है. श्री मिश्रा ने इस बाबत एक आवेदन प्रधान संपादक श्री शशिशेखर और झारखण्ड के वरीय संपादक श्री दिनेश मिश्र को प्रेषित किया है. मनोज ने कहा कि सन 2000 से हिन्दुस्तान से जुड़ा. पत्रकारिता में काफी उतार-चढ़ाव देखे. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले पत्रकारों का आज भी काफी शोषण किया जा रहा है. उन्हें अखबार प्रबंधन से सम्मानजनक पारिश्रमिक नहीं मिलता है. इस कारण पत्रकार आर्थिक तंगी से जूझते रहते हैं. सभी का परिवार है. खर्चे भी काफी हैं. पारिवारिक दायित्व होने और आर्थिक तंगी के कारण ही अखबार को अलविदा कह दिया.

HT, IE among 47 Delhi newspapers have dared not to implement Majithia Award

Except four newspapers namely; The Hindu, The Tribune, The Decan Herald and Bennet Coleman & Company (publishers of The Times of India, Economic Times and Navbharat Times) and one news agency i.e. the Press Trust of India no newspaper/news agency being published from Delhi has implemented the Majithia Award. This has been revealed in the affidavit of the Government of Delhi submitted by Dr. Madhu Teotia, Labour Commissioner of Government of NCT of Delhi.

आसाराम से संबंधित गलत खबर छापने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स ने मांगी माफी

3 अगस्त को कई समाचार पत्रों में ये समाचार छपा कि आसाराम की तस्वीर NCERT की कक्षा 3 की पुस्तक में महान संतों के बीच में प्रकाशित है. इस खबर की सच्चाई की पोल तब खुली जब मानव संसाधन व विकास मंत्रालय (HRD Ministry) द्वारा हिंदुस्तान टाइम्स को इस बाबत नोटिस जारी हुआ कि इस प्रकार की कोई पुस्तक NCERT द्वारा नहीं छापी गई है.

हिन्दुस्तान के पत्रकारों पर हमला करने वालो पर गैंगेस्टर एक्ट लगाया जाय : हेमंत तिवारी

लखनऊ : हिंदुस्तान अखबार के कार्यालय पर अराजक तत्वों द्वारा हमले की उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है. समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने घटना की जानकारी होते ही डीजीपी से बात की और कड़ी कार्यवाई की मांग की.    

लखनऊ में दैनिक हिंदुस्तान के दफ्तर पर भीड़ के साथ सभासद का हमला, कई घायल, फोर्स तैनात

लखनऊ : दबंग सत्ताधारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब पत्रकार ही नहीं, प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भी उनके निशाने पर आ गए हैं। लखनऊ में गोमतीनगर स्थित दैनिक हिन्दुस्तान के कार्यालय पर सभासद के भाई ने अपने समर्थकों के साथ हमला कर दिया। हमले में एचआर हेड आशीष मित्तल का सिर फट गया। कई अन्य कर्मियों को भी चोटें आई हैं। 

चुनाव से पहले हिंदुस्तान के ब्यूरो प्रमुखों पर गिर सकती है गाज

आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों से पहले हिंदुस्तान लखनऊ में बड़े फेरबदल की खबरें आ रही हैं। स्थानीय संपादक के के उपाध्याय ने लोकसभा  की तरह पंचायत चुनावों और  उसके बाद  होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहतर टीम बनने की तैयारी कर ली है। सबसे ज्यादा बदलाव ब्यूरो लेवेल पर होने की चर्चा है। 

वाह- वाह : ‘हिंदुस्तान’ की कसम, खबरें रिपीट करेंगे हम !

लगता है कि दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान ने पुराना मैटर रिपीट करने की कसम खा रखी है। हिन्दुस्तान के 31 जुलाई के अंक के पेज नंबर 11 (हेल्थ तरक्की) में जो सुडोकू 3503 नंबर से प्रकाशित किया गया है, वही सुडोकू 27 जुलाई के पेज नंबर 11 (जीने की राह) पर 3499 नंबर से पहले ही प्रकाशित किया जा चुका है। इतना ही नहीं सुडोकू नं. 3499 का जो उत्तर 28 जुलाई के पेज नं. 11 (धर्मक्षेत्रे) पर छपा है, वही उत्तर 01 अगस्त के पेज नं 11 (मनोरंजन) पर 3503 नंबर से प्रकाशित किया गया है।

टीवी पत्रकार ने जागरण और हिंदुस्तान को थमाया तीन करोड़ की मानहानि का नोटिस

 आगरा के मून टीवी चैनल के पत्रकार शशिकांत गुप्ता ने एक खबर से अपनी मानहानि होने पर दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान को तीन करोड़ रुपए अदा करने का नोटिस दिया है। शशिकांत गुप्ता के खिलाफ बीते अप्रैल माह में जागरण और हिन्दुस्तान ने एक खबर प्रकाशित की थी। एक खबर, जो 24 अप्रैल को छपी थी, उसमें एक शराबी युवक द्वारा बिजली घर पर तोड़फोड़ का उल्लेख किया गया था। अगले दिन 25 अप्रैल को फिर खबर छपी कि बिजली घर पर तोड़फोड़ करने वाला युवक शशिकांत गुप्ता है, जिसके विरुद्ध थाने में मुकदमा लिखाया गया है।

एचटी मीडिया की शुद्ध कमाई में इजाफा

हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लि. (एचएमवीएल) का एकल आधार पर शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.11 प्रतिशत बढ़कर 41.71 करोड़ रुपये रहा।

भास्कर छोड़ मतिकांत, गुंजेश गए हिंदुस्तान, लोकेंद्र ने दबंग दुनिया को ठुकराया

बिहार में भास्कर की लांचिंग से हिंदुस्तान ने भास्कर रांची यूनिट के कई शीर्ष पत्रकारों को अपने खेमे में शामिल कर लिया है। आठ साल से भास्कर का साथ निभा रहे और भास्कर के फाउंडर मेंबर में से एक मतिकांत सिंह ने भास्कर को बाय-बाय कर दिया। मतिकांत सिंह भास्कर के उन चुने गिने पत्रकारों में हैं, जिन्होंने झारखंड में अखबार को मजबूती प्रदान की। झारखंड के सभी संस्करणों के लिए झारखंड और बिहार डेस्क इंचार्ज रहे।

जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान ने महेंद्र मोहन और संजय गुप्ता के खिलाफ समन नहीं छापा

मुरादाबाद  : दूसरों के बारे में बड़ी बड़ी हांकने वाले प्रमुख मीडिया घराने अपनी करतूतें छापने से कैसे कतराने लगते हैं, इसकी ताजा मिसाल है मुरादाबाद के इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह राना का मामला। कोर्ट में दैनिक जागरण के मालिक महेंद्र मोहन गुप्ता और प्रधान संपादक संजय गुप्ता के खिलाफ एक गलत खबर प्रकाशित करने का मामला चल रहा है। गत दिनो जब राना के वकील उस केस का समन प्रकाशित कराने जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान और आज अखबारों के दफ्तर पहुंचे तो चारो ने उसे प्रकाशित करने से साफ मना कर दिया। अंत में सिर्फ दैनिक केसरी ने समन को प्रकाशित किया।   

मुलायम-अमिताभ प्रकरण : दैनिक हिन्‍दुस्‍तान लखनऊ ने पहली खबर दबा दिया, दूसरी खिलाफ खबर छाप दिया!

अच्‍छा, इस हालत को क्‍या कहा-माना जाए कि एक खबर को दबा लिया गया है। इतना ही नहीं, इस असल खबर से जुड़ी एक दूसरी खबर उस खबर के खिलाफ छाप दी गयी। इतना भी होता तो बर्दाश्‍त कर लिया जाता। सम्‍पादक ने उससे जुड़ा एक साक्षात्‍कार छाप दिया है। सम्‍पादक है। यह कमाल किया है दैनिक हिन्‍दुस्‍तान के सम्‍पादक केके उपाध्‍याय ने। अरे जनाब, यह करने से पहले आप जरा इतना तो सोच लेते कि आप सम्‍पादन कर रहे हैं या तेल-चटाई का धन्‍धा खोले बैठे हैं। 

वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर

नोएडा हिंदुस्‍तान में एक और विकेट चटका, दो और के अखबार छोड़ने की अटकलें

दैनिक हिंदुस्‍तान नोएडा कार्यालय में इन दिनों हताशा का माहौल है। इन्‍क्रीमेंट में उपेक्षा और भेदभाव का शिकार हुए लोग लगातार संस्‍थान का दामन छोड़ रहे हैं। इस माह अब तक तीन लोग संस्थान छोड़ चुके हैं, जिनमें विनीत राय, प्रभात उपाध्‍याय और मनोज द्विवेदी शामिल हैं। 

रामपुर हिन्दुस्तान ब्यूरो चीफ बने विपिन शर्मा

हिन्दुस्तान ने रामपुर में एक बार फिर फेरबदल किया है। यहीं स्टि्ंगर रहे विपिन कुमार शर्मा को उनकी मेहनत को देखते हुए मार्च माह में ऑनरोल लेते हुए स्टाफर बना दिया गया। अब बीते दिन उन्हें रामपुर में ही ब्यूरो चीफ बनाकर प्रोन्नति दे दी। जबकि पूर्व में ब्यूरो चीफ रहे संतोष सिंह के बाद आए संजय सिंह को फिर से मुरादाबाद रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा बना दिया गया।

हिंदुस्‍तान नोएडा को छोड़ प्रभात और मनोज पहुंचे दैनिक जागरण

हिंदुस्‍तान प्रबंधन की भेदभाव पूर्ण नीतियों और दमनकारी माहौल से खफा होकर दो कर्मियों ने जागरण का दामन थाम लिया है। दैनिक हिंदस्‍तान नोएडा में कार्यरत प्रभात उपाध्‍याय एजुकेशन बीट देखते थे। प्रभात ने स्‍थानीय संपादक के बेहूदापूर्ण व्‍यवहार से नाराज होकर पिछले दिनों दैनिक जागरण का दामन थाम लिया। 

खबर का खंडन छापने के बाद हिंदुस्तान के रिपोर्टर ने माफी भी मांगी

पाकुड़ (झारखण्ड): पाकुड़ में हिन्दुस्तान समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ कार्तिक कुमार रजक ने पहले तो गलत खबर छापी लेकिन, खबर गलत होने के बाद वकील द्वारा प्लीडर नोटिस मिलते ही रिपोर्टर महोदय ने न सिर्फ खबर का खंडन निकाला बल्कि हाथ से लिख कर माफ़ी भी मांगी ।

जागरण के जिंदा और हिन्दुस्तान-अमर उजाला के मुर्दा पत्रकार

दैनिक जागरण नोएडा में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन इन दिनों मीडिया कर्मियों के बीच सबसे बड़ी खबर है। जागरण कर्मियों ने जो तेवर, उत्साह प्रबंधन के दमनात्मक रवैये के खिलाफ दिखाया है, वह दर्शाता है कि वाकई जागरण के कर्मी जर्नलिस्ट हैं, अन्यथा हिंदी अखबारी मीडिया में हिंदुस्तान  अखबार के भड़ैत पत्रकार भी हैं, जिनकी शशि शेखर के आगे बोली नहीं निकलती। कमोबेश यही हाल अमर उजाला के भी ज्यादातर पत्रकारों का हैं, जो सिर्फ पेट पाल रहे हैं। 

मजीठिया वेतनमान के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे एचटी मीडिया के पांच कर्मियों की सेवा समाप्त

पिछले सप्ताह हिन्दुस्तान टाइम्स नोएडा-दिल्ली में इंकऱीमेंट के लैटर सबको बांट दिए गए, लेकिन साथ ही यहां के एचटी आफिस दिल्ली से 4-5 लोगों को तुरंत प्रभाव से नौकरी से टरमिनेट भी कर दिया गया। इन लोगों का एक कसूर था कि इन बेचारे भोले कर्मचारियों ने पिछले दिनों यहां प्रबंधन के खिलाफ मजीठिया वेतनमान न देने पर सुप्रीम कोर्ट में शिकायत कर दी थी, जो कि यहां कि उच्च प्रबंधकीय वर्ग को कतई पसंद नहीं। 

नहीं सम्‍पादक जी, नहीं, ऐसा मत कीजिए

वैसे भी आपकी विश्‍वसनीयता पिछले कई बरसों से बुरी तरह खतरे में हैं, इसके बावजूद अगर आपने अपना रवैया नहीं सुधारा तो अनर्थ ही हो जाएगा। अब देख लीजिए ना, कि आपके संस्‍थान में क्‍या-क्‍या चल रहा है। राजधानी से प्रकाशित अखबारों पर एक नजर डालते ही हर पाठक को साफ पता चल जाता है कि मामला क्‍या है और खेल किस पायदान पर है। 

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : शोभना भरतिया और शशि शेखर को शर्म मगर नहीं आती… देखिए इनका कुकर्म…

हिंदुस्तान अखबार और हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की मालकिन हैं शोभना भरतिया. सांसद भी हैं. बिड़ला खानदान की हैं. पैसे के प्रति इनकी भूख ऐसी है कि नियम-कानून तोड़कर और सुप्रीम कोर्ट को धता बताकर कमाने पर उतारू हैं. उनके इस काम में सहयोगी बने हैं स्वनामधन्य संपादक शशि शेखर. उनकी चुप्पी देखने लायक हैं. लंबी लंबी नैतिक बातें लिखने वाले शशि शेखर अपने घर में लगी आग पर चुप्पी क्यों साधे हैं और आंख क्यों बंद किए हुए हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए. आखिर वो कौन सी मजबूरी है जिसके कारण वह अपने संस्थान के मीडियाकर्मियों का रातोंरात पद व कंपनी जबरन बदले जाने पर शांत बने हुए हैं.

Newspapers readership IRS 2014 Download

Download Topline Newspapers Readership numbers… देश के बड़े अखबारों, मैग्जीनों आदि की लैटेस्ट या बीते वर्षों की प्रसार संख्या जानने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों या लिंक्स पर क्लिक करें…

मजीठिया वेज बोर्ड : सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई, भविष्य की रणनीति और लड़ने का आखिरी मौका… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : सुप्रीम कोर्ट से अभी लौटा हूं. जीवन में पहली दफे सुप्रीम कोर्ट के अंदर जाने का मौका मिला. गेट पर वकील के मुहर लगा फार्म भरना पड़ा जिसमें अपना परिचय, केस नंबर आदि लिखने के बाद अपने फोटो आईडी की फोटोकापी को नत्थीकर रिसेप्शन पर दिया.

Dainik Hindustan 200 cr Government Advt Scam : SC to hear SLP of Shobhana Bharatia on 24 March

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement scandal, the Supreme Court of India(New Delhi) has listed the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 / 2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for hearing on March, twenty four 2015 next. Meanwhile, the Superintendent of Police, Munger (Bihar), Mr. Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013. Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh has to file the Counter-Affidavit in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

हिंदुस्तान टाइम्स् ने आरटीआई एक्टिविस्ट की इज्जत उछाल दी

हेलो सर, नमस्‍कार, मेरा नाम सुमेर लाल शर्मा है. मेरा मोबाइल नंबर 09983148394 है. मैं एक आरटीआई एक्‍टीविस्‍ट हूं. हिन्‍दुस्‍तान टाईम्‍स ने दिनांक 18 दिसम्‍बर 2014 को जयपुर एडिशन में मुख्‍य पेज पर मेरे खिलाफ अपुष्‍ट, मुझ से बिना किसी व‍िषय पर बात किये, निराधार, झूठी व मेरी इज्‍जत तार तार करने वाली खबर छाप दी. इस अंग्रेजी अखबार ने मेरी व उन सभी लोगों की जो आरटीआई एक्‍टीविस्‍ट एवं व्हिसल ब्लोअर्स हैं, की इज्‍जत सरेआम नीलाम कर दी.

Dainik Hindustan Advt Scam : next hearing date 13 January

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement  scandal, the Supreme Court has listed the Special Leave Petition (Criminal) No.1603/2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for  hearing on January thirteen, 2015 next. Meanwhile, the  Superintendent of Police,Munger(Bihar), Mr.Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel  for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013 .Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh  has to  file the Counter-Affidavit  in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

सड़क हादसे में हिंदुस्‍तान के पत्रकार अमरेश मिश्र की मौत

इलाहाबाद यूनिट के अंतर्गत आने वाले प्रतापगढ़ जिले में तैनात हिन्दुस्तान’ के पत्रकार अमरेश मिश्र की सोमवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा प्रतापगढ़ के लालगंज अझारा में रात तकरीबन आठ बजे हुआ। अमरेश प्रतापगढ़ कार्यालय से काम निपटाकर बाइक से कौशाम्बी स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अमरेश काफी समय पर सड़क पर ही पड़े रहे। बाद में सड़क किनारे तड़प रहे अमरेश को एक एंबुलेंस चालक ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई।

फर्जी बिल लगाने पर हिंदुस्‍तान ने अनिल के. अंकुर को फोर्स लीव पर भेजा

हिंदुस्‍तान, लखनऊ में कार्यरत एक पत्रकार को गलत तरीके से फर्जी बिल-बाउचर लगा‍कर प्रबंधन से पैसा ऐंठने की कोशिश महंगी पड़ गई. प्रबंधन ने शक होने पर पूरे मामले की जांच अपने स्‍तर से कराई और लगभग साठ हजार का घपला सामने आने के बाद उक्‍त पत्रकार को फोर्स लीव पर भेज दिया गया है. यह पत्रकार लंबे समय से हिंदुस्‍तान से जुड़ा हुआ था. यह भी खबर आ रही है कि प्रबंधन ने उससे इस्‍तीफा भी मांग लिया है. 

हिंदुस्‍तान, अलीगढ़ में फाइनेंस अधिकारी ने महिला कर्मचारी से की छेड़छाड़, जांच की तैयारी

हिंदुस्‍तान, अलीगढ़ में एक महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के मामले को लेकर घमासान मचा हुआ है. अखबार के फाइनेंस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी की हरकत ने पूरे समूह को शर्मसार किया है. इसकी सूचना आगरा, मेरठ होते हुए दिल्‍ली तक पहुंच चुका है, लेकिन अभी तक आरोप अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. खबर आ रही है कि मामले की जांच के लिए टीम गठित किए जाने की तैयारी है.

हिन्दुस्तान टाइम्स गाजियाबाद संस्करण की दों खबरें : ऐसी खबरों को हम लोग प्लांटेशन कहते हैं

Sanjaya Kumar Singh : ये कैसी खबर… काफी समय से मेरा मानना रहा है कि अखबारों में (और चैनलों पर भी) कैसी खबरें की जाएं, कब की जाएं और क्यों की जाएं या न की जाएं इस संबंध में योजना बनाने और सोचने समझने का काम नहीं के बराबर होता है या बहुत कम होता है। मीडिया का उद्देश्य अब पैसे कमाने रह गया है और इसमें किसी को शक नहीं है। पर पैसे खर्च करने में कटौती का असर यह है ऐसी खबरें भी छप जाती हैं जिनका कोई मतलब नहीं होता है। इसी क्रम में दों खबरें पेश है।

पेंशन : एचटी वाले को 1400 रुपये, डीडीए के माली को 1800!

Vivek Shukla : अभिषेक भाई, पत्रकारों की हालत को बताने के लिए खराब से बढ़कर भी कोई शब्द हो तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ दिन पहले अपने हिन्दुस्तान टाइम्स के एक पुराने साथी मिले। बताने लगे कि उन्हें हर माह 1400 रुपये पेंशन मिलती हैं। उससे पहले मुझे डीडीए के दफ्तर में एक माली मिले,जो वहां पर अपने साथियों से मिलने आए थे, बातों-बातों में बताने लगे कि उन्हें 1800 हजार रुपये पेंशन मिलती हैं।

एचटी मैनेजमेंट के खिलाफ ऐतिहासिक जीत, हाईकोर्ट ने 272 एचटी कर्मचारियों को काम पर रखने का आदेश दिया

एक ऐतिहासिक फैसला आया है. हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ लड़ रहे 272 मीडियाकर्मियों को न्याय मिल गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इन 272 कर्मियों को फिर से काम पर रखने का आदेश हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन को दिया है. कोर्ट के पूरे आदेश को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है: goo.gl/b2KE9i

दिल्ली यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स ने इस ऐतिहासिक जीत पर कर्मियों को बधाई दी है. डीयूजे की तरफ से जारी प्रेस रिलीज इस प्रकार है….

हिन्दुस्तान मीडिया का दूसरी तिमाही में 43.89 करोड़ रुपये का लाभ

हिन्दुस्तान मीडिया का सितंबर 2014 में समाप्त तिमाही के दौरान 43.89 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ हुआ है, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 24.56 प्रतिशत कम है। इससे पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान कंपनी को 58.18 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ हुआ था। एचटी मीडिया ने बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में यह जानकारी दी। आलोच्य तिमाही में कंपनी की कुल आय 4.90 प्रतिशत बढ़कर 560.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 534.65 करोड़ रुपये थी।

अशोक पांडेय की हिंदुस्‍तान में वापसी की चर्चा, कई और बदलाव भी

दैनिक हिंदुस्‍तान से बड़ी खबर आ रही है. शशि शेखर अपने पुराने साथी अशोक पांडेय की हिंदुस्‍तान में वापसी की तैयारी कर रहे हैं. संभावना है कि उन्‍हें लखनऊ में स्‍थानीय संपादक बनाया जाएगा. केके उपाध्‍याय स्‍टेट एडिटर की भूमिका निभाते रहेंगे. अशोक पांडेय लंबे समय तक हिंदुस्‍तान को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वे हिंदुस्‍तान रांची, कानपुर समेत कई एडिशनों के संपादक रह चुके हैं. अशोक पांडेय की गिनती शशि शेखर के खास लोगों में की जाती है.

इतनी बड़ी खबर को क्यों पी गया दैनिक जागरण? इतनी बड़ी खबर को क्यों अंडरप्ले किया अमर उजाला और हिंदुस्तान ने?

: क्या बिका हुआ है भारतीय लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ? : चंदौली (यूपी) :11 अक्टूबर, 2001 को ऋचा सिंह नाम की एक वर्षीय बच्ची को बुख़ार की वजह से अलीनगर, मुग़लसराय के जे.जे. नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. यहाँ इलाज़ शुरू हुआ. बच्ची के पैर में ड्रिप लगाकर दवा चढ़ाई गई. कुछ ही देर में पैर में सूजन हो गया. तब डॉक्टर ने अपनी गलती को भांप बच्ची को बी.एच.यू. भेज दिया. बी.एच.यू. के डॉक्टरों ने परिवार वालों को बताया कि गलत दवा ड्रिप के माध्यम से चढ़ा दी गयी है. बच्ची की ज़िन्दगी बचाने के लिए पैर काटना ही एक मात्र विकल्प है. इसके बाद पिता बच्ची को ले कर इस उम्मीद के साथ मुंबई चले गए की शायद बच्ची का पैर बचाया जा सके.