आओ बेटा, पब्लिक अप्राकृतिक इलाज करने को तैयार बैठी है….

Ajit Singh :  मेरी साली साहिब …..छोटी वाली …..एक बार विपासना कर आई । और कर क्या आई भैया , एकदम आशिक हो गयी । जब देखो तब विपासना । सोते जागते उठते बैठते खाते पीते बस विपासना । विपासना ये विपासना वो ……और मैं …..जस जस सुनूं मेरा खून खौले ……अबे साले पागल हो बे ? सुबह 4 बजे आँख मून के बैठ जाओ और रात 10 बजे तक बैठे रहो ……ध्यान करो …..और सबसे बड़ी बात …..10 दिन मौन …..

खैर साहब ……मेरे घर में भी विपासना का माहौल बनने लगा । धर्म पत्नी बोली हम भी जाउंगी बिपासना करने । मैंने कहा ,अबे तेरा दिमाग खराब है? अबे हम कोई रोगी हैं? हमको कौन tension है …..वहाँ तो रोगी जाते हैं जो ख़ुदकुशी की कगार पे बैठे हैं ……पर अंततः 4 साल बाद वो समय आ ही गया जब हम दोनों पति पत्नी पहुंचे Mclaudganj Dharmshala …. पहले तो फोन रखवा लिए ……. 100 में 95 अंग्रेज थे …..पूरे 10 दिन का मौन व्रत …..noble sielence ……किसी से कोई बातचीत नहीं । eye contact तक नहीं । एकदम सादा खाना ……almost boiled food ……आधा पेट वो भी दिन में दो बार ……एक वहाँ गुरु जी थे ,कोई ब्रिगेडियर साहब थे …..नागपाल साहब …… सबको बैठने के लिए सीट allot हुई । बस ठाकुर ने यही गलती कर दी …..हमारी सीट धर्मपत्नी के एकदम बगल में आ गयी गलती से ….. इश्वर को ही मंजूर न था ……किसी तरह 3 दिन बीते । 4थे दिन अपना सब्र का प्याला भरने लगा । सुबह 3.30 उठ के 4 बजे से 10 बजे तक करो बेटा ध्यान …. साले सारे कमीने दोस्त और पुरानी सहेलियां याद आने लगी …….इधर उधर निगाह दौड़ाई …..देखा कि 90 % ऊंघ रहे हैं ध्यान के नाम पे …..एक दिन तो देखा कि गरू जी भी …….अपन पहुँच गए और उनको जोर से हिलाया ……सो रहे हैं गुरु जी ?

लंच में हमने नोबल sielence तोड़ दिया । वैसे नयन मटक्का तो चल ही रहा था । चलो बहुत हो गया । धर्म पत्नी ने बहुत समझाया की नहीं पार्थ ….पूरा गीता का ज्ञान दिया पर अपन ने धर दिया गांडीव …… ब्रिगेडियर साहब तक बात पहुंची । उन ने कहा रुको ….. समझाया । अच्छा आज शाम तक देखो । कल बात करेंगे । अगले दिन तक किसी तरह गुजारा किया । लंच में फिर हाजिर । उन ने कहा एक दिन और ……मैंने हाथ जोड़ दिए । मैंने कहा अरे भैया मैं मर जाऊंगा ……पागल हो जाऊंगा ……तुमरा ये ढोंग अपने बस का नहीं । कृष्ण जी ने बी हार मान ली …..जा भैया ….. बीवी हो तो मेरी बीवी जैसी आज्ञाकारी …..चल पड़ी बैग काँधे पे लाद के आगे आगे ……प्रोग्राम तो 10 दिन का था । हम निकल आये थे 5वे दिन । बाकी 5 दिन Mclaudganj में फुल मस्ती काटी । 5 दिन का noble sielence का तनाव भगाया । घर आ गए एकदम तरोताजा । वहाँ रह जाते तो मर ही जाते । वो दिन और आज का दिन एकदम मस्त …… fit हैं ।

His honesty Mr Kejriwal फोन फान जमा करा के वहाँ बाहरी दुनिया से बेखबर प्राकृतिक चिकित्सा करा रहे हैं । आओ बेटा …..पब्लिक अप्राकृतिक इलाज करने को तैयार बैठी है …… Naturopathy ……शरीर शोधन चल रहा है वहाँ His Honesty Sir kejriwal जी का । Dr कहता है कि हम उनका शोधन कर रहे हैं । अबे डा. …….शरीर तो मान लिया कि तुम anema दे के शुद्ध कर दोगे । पर इसका मन इसकी आत्मा इसकी गन्दी सोच इसकी सफ़ेद झूठ बोलने की आदत इसका बगुला चरित्र इसका ढोंग ढकोसला इसको कैसे सुधारोगे ? बेटा डाक्टर ऑफ़ नेचुरोपैथी ……इसके लिए कोई दवाई नहीं बनी है न कोई क्रिया …….. रोगी का कमीनापन चला जाए इसकी दवा बनना अभी बाकी है । युगपुरुष का रोग लाइलाज है । देखना आते ही खो खो करके खांसना शुरू करेगा ।

प्राकृतिक चिकित्सा ……. मनुष्य की प्रकृति के द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा । इसमें आदमी को गीली मिट्टी का लेप लगाते हैं । स्टीम बाथ भी देते हैं । भोजन भी ज़्यादातर प्राकृतिक ही । कच्चे फल सब्जियां दूध शहद इत्यादि । इसके अलावा एक काम और करते हैं । पेट साफ़ करते हैं । अब एलोपैथी वाले तो पेट साफ़ करने का एक ही तरीका जानते हैं । उलटा लिटा के पिछवाड़े में पानी भर दो ……एनिमा देना कहते हैं । पर ये आधा अधूरा तरीका है । यूँ बताते हैं कि छोटी और बड़ी आंत मिला के कुल लम्बाई 36 फुट होती है । अनीमा अधिक से अधिक एक फुट की आंत की आधी अधूरी सफाई करता है ।

digestive system को पूरी तरह cleanse करने का तरीका योग में है । इसे योग की भाषा में शंख प्रक्षालन कहते हैं । किसी पाइप लाइन को साफ़ करने का एक ही तरीका है । एक तरफ से पानी डालो और दूसरी तरफ से निकले । पर सामान्य परिस्थिति में हमारे शरीर में ऐसा नहीं होता । यदि हम ज़रूरत से ज़्यादा पानी पीते हैं तो वो मलद्वार से न निकल कर मूत्र नलिका से मूत्र बन कर निकलता है । शंख प्रक्षालन में रोगी को धीरे धीरे 8 – 10 लीटर पानी पिलाते हैं । साथ साथ उसे आसन करवाते हैं । इस से वो पानी उसकी आंत में उतर जाता है और धीरे धीरे मल द्वार से नलका सा खुल जाता है । सारा मल निकल जाता है और फिर एक स्थिति आ जाती है जब रोगी जैसा पानी पीता है वैसा ही स्वच्छ जल निकलने लगता है ।

केजरीवाल बंगलौर गए हैं naturopathy कराने । अभी तो यहां दिल्ली में sting कर के युगपुरुष के पिछवाड़े में anema दिया है जोगिन्दर जादब और भुक्खन ओकील ने । वापस आने दो । कायदे से शंख प्रक्षालन होगा युग पुरुष का । दिल्ली की पब्लिक ऊपर से दिल्ली जल बोर्ड का पाइप लगा देगी मुंह में । नीचे से स्वच्छ जल निकलेगा । 21000 लीटर …….बिलकुल फिरी …..

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खड्ग सिंह ने जब बाबा भरती का घोड़ा लूट लिया तो बाबा भारती को चिंता अपने घोड़े की नहीं थी। उनने खड्ग सिंह से यही request की कि घोड़े की कोई टेंशन नहीं ……ले जा। पर इस घटना का ज़िक्र किसी से मत करना की तूने गरीब दुखियारे का भेस बना के मदद मांगी और फिर घोड़ा लूट लिया। केजरी का स्टिंग कर दिया गर्ग साब ने। केजरी की चिंता नहीं है मुझे। आगे से कौन किस से बात करेगा? गर्ग केजरी से अंतरंग क्षणों में बतिया रहे थे। राजनीति की अंतरंगता यही होती है। उसको फांस लो। फलानी पटा लो। तीसरी मान जायेगी। 5वी नकचढ़ी है। 6ठीं पैसे बहुत मांगती है। केजरी और गर्ग का प्रेमालाप था। यूँ ही तो बनती हैं सरकारें ……ऐसे ही तो होते हैं काम धंदे …..बिज़नस ……..बताओ ……उसकी रिकॉर्डिंग कर ली। ऐसे भी कोई करता है भला? अब कौन किसी पे विश्वास करेगा? पति पत्नी हो या यार दोस्त …..या फिर सहेलियां …..कितना कुछ बतिया लेते हैं आपस में ……अब कौन भरोसा करेगा किसी पे? इन आपियों ने कहीं का न छोड़ा। अब कोई किसी पे भरोसा न करेगा। पति पत्नी पे …..दोस्त दोस्त पे …..भाई भाई पे?

सोशल एक्टिविस्ट अजीत सिंह के फेसबुक वॉल से.


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