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महाराष्ट्र में 121 अखबार समूहों ने नहीं लागू किया मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को महाराष्ट्र में समाचार पत्र मालिक बिलकुल गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इस आदेश को साफ तौर पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। यह राज खुला है एक आरटीआई के जरिये। खुद इस आरटीआई में मुंबई के कामगार आयुक्त कार्यालय ने बताया है कि मुंबई और आसपास में सिर्फ 27 समाचार पत्र प्रबंधन ने अपने यहां मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिश लागू किया है। पत्रकार शशिकांत सिंह द्वारा कामगार आयुक्त कार्यालय से आरटीआई के जरिये मांगी गयी सूचना में मुंबई के कामगार आयुक्त कार्यालय ने शशिकांत सिंह को सूचना उपलब्ध करायी है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को महाराष्ट्र में समाचार पत्र मालिक बिलकुल गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इस आदेश को साफ तौर पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। यह राज खुला है एक आरटीआई के जरिये। खुद इस आरटीआई में मुंबई के कामगार आयुक्त कार्यालय ने बताया है कि मुंबई और आसपास में सिर्फ 27 समाचार पत्र प्रबंधन ने अपने यहां मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिश लागू किया है। पत्रकार शशिकांत सिंह द्वारा कामगार आयुक्त कार्यालय से आरटीआई के जरिये मांगी गयी सूचना में मुंबई के कामगार आयुक्त कार्यालय ने शशिकांत सिंह को सूचना उपलब्ध करायी है।

इसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र में कुल 756 समाचार पत्र प्रतिष्ठान हैं जिसमें से मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश पूर्ण रूप से सिर्फ 27 समाचार पत्र प्रतिष्ठान में लागू हुआ है जबकि आंशिक रूप से सात समाचार पत्र प्रतिष्ठानों ने मजीठिया वेज वोर्ड की सिफारिश लागू की। महाराष्ट्र में 121 समाचार पत्र प्रतिष्ठान ऐसे हैं जिन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं की है। यह सूचना कामगार आयुक्त ने अपने छमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट (अप्रैल २०१५ से जून २०१५ के बीच के आकड़ों पर आधारित) के आधार पर पत्रकार शशिकांत सिंह को उपलब्ध कराया है। मजे की बात यह है कि यूएस17 एक्ट का उल्लेख करते हुये कामगार आयुक्त ने बताया है कि इस मामले में एक भी शिकायत नहीं आयी है।

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