अखबारों के मालिकों का नाम, पता, मेल आईडी भड़ास को बताएं ताकि नोटिस भेजा जा सके

दोस्तों, मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर आर-पार के जंग की तैयारी तेजी से चल रही है. दर्जनों साथियों ने बतौर फीस छह छह हजार रुपये जमा करा दिए हैं और सैकड़ों लोग इस काम में लगे हुए हैं. आप सभी को कई सूचनाएं देनी और लेनी हैं. सबसे पहली सूचना तो ये कि जिन-जिन साथियों ने खुली लड़ाई का ऐलान किया है, यानि अपने नाम पहचान के साथ मालिकों से लड़ने की ठानी है, वे 27 जनवरी या 31 जनवरी को दिल्ली में रहें. जो लोग 27 को नहीं आ पाएं वो 31 को जरूर आ जाएं.

इन्हीं दो दिनों में खुलेआम लड़ने वालें के हस्ताक्षर याचिका और वकालतनामा पर कराए जाएंगे. ये सभी लोग जब आएं तो अपने सारे डाक्यूमेंट्स (नौकरी, सेलरी, आंतरिक चिट्ठी पत्री, मेल, पत्राचार, नोटिस से संबंधित जो कुछ भी डाक्यूमेंट हो, उन सबकी फोटोकापी) ले आएं. डाक्यूमेंट्स की फोटोकापी की एक फाइल बनाकर ले आएं. 27 और 31 को मुलाकात के बारे में जगह-समय मेल से बता दिया जाएगा. आप सभी खुलेआम लड़ाई लड़ने को तैयार हो चुके साथी, जो वकील साहब के फीस के छह हजार रुपये जमा करा चुके हैं, अपना अपना ट्रेन टिकट रिजरवेशन दिल्ली के लिए करा लें, 27 का या 31 का. जो लोग गोपनीय तरीके से लड़ रहे हैं, उन्हें दिल्ली आने की जरूरत नहीं है. उनके द्वारा भरकर भेजा गया अथारिटी लेटर ही हमारे काम आएगा.

आप सभी साथियों को यह बताना है कि उन उन अखबारी घरानों को नोटिस भेजने के लिए नोटिस तैयार करने का काम पूरा हो चुका है जिन जिन घरानों के कर्मचारियों ने भड़ास के साथ खुलकर या गोपनीय रहकर लड़ाई लड़ने का इरादा बनाया है. अब आपको नीचे कमेंट बाक्स के जरिए या मुझे मेल करके यह बताना है कि आप लोगों के अखबारों के मालिकों का नाम, घर का पता, आफिस का पता, उनकी मेल आईडी क्या है, ताकि इन्हें डाक से और मेल से नोटिस सर्व कराया जा सके. वैसे तो नाम पता हम लोगों के पास हैं लेकिन एक बार आप लोगों से मांग कर डबल क्रासचेक कर लेना चाह रहे हैं ताकि कोई गल्ती ना रह जाए. अगर आप नीचे कमेंट बाक्स में मालिकों के नाम पता बताने के लिए कमेंट कर रहे हों तो अपना नाम व मेल फर्जी लिखिएगा.

यशवंत सिंह
संपादक
भड़ास4मीडिया
yashwant@bhadas4media.com



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Comments on “अखबारों के मालिकों का नाम, पता, मेल आईडी भड़ास को बताएं ताकि नोटिस भेजा जा सके

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code