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आयोजन

दो दिनी अलीगढ़ यात्रा : जिया, मनोज, प्रतीक जैसे दोस्तों से मुलाकात और विनय ओसवाल के घर हर्ष देव जी का साक्षात्कार

पिछले दिनों अलीगढ़ जाना हुआ. वहां के छात्रनेता और पत्रकार ज़ियाउर्रहमान ने अपनी पत्रिका ‘व्यवस्था दर्पण’ के एक साल पूरे होने पर आईटीएम कालेज में मीडिया की दशा दिशा पर एक सेमिनार रखा था. सेमिनार में सैकड़ों इंजीनियरिंग और एमबीए छात्रों समेत शहर के विशिष्ट जन मौजूद थे. आयोजन में शिरकत कर और युवाओं से बातचीत कर समझ में आया कि आज का युवा देश और मीडिया की वर्तमान हालत से खुश नहीं है. हर तरफ जो स्वार्थ और पैसे का खेल चल रहा है, वह सबके लिए दुखदायी है. इससे आम जन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. सेमिनार में मैंने खासतौर पर मीडिया में आए भयंकर पतन और न्यू मीडिया के चलते आ रहे सकारात्मक बदलावों पर चर्चा की. बड़े मीडिया घरानों के कारपोरेटीकरण, मीडिया में काले धन, मीडिया में करप्शन जैसे कई मामलों का जिक्र उदाहरण सहित किया. 

पिछले दिनों अलीगढ़ जाना हुआ. वहां के छात्रनेता और पत्रकार ज़ियाउर्रहमान ने अपनी पत्रिका ‘व्यवस्था दर्पण’ के एक साल पूरे होने पर आईटीएम कालेज में मीडिया की दशा दिशा पर एक सेमिनार रखा था. सेमिनार में सैकड़ों इंजीनियरिंग और एमबीए छात्रों समेत शहर के विशिष्ट जन मौजूद थे. आयोजन में शिरकत कर और युवाओं से बातचीत कर समझ में आया कि आज का युवा देश और मीडिया की वर्तमान हालत से खुश नहीं है. हर तरफ जो स्वार्थ और पैसे का खेल चल रहा है, वह सबके लिए दुखदायी है. इससे आम जन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. सेमिनार में मैंने खासतौर पर मीडिया में आए भयंकर पतन और न्यू मीडिया के चलते आ रहे सकारात्मक बदलावों पर चर्चा की. बड़े मीडिया घरानों के कारपोरेटीकरण, मीडिया में काले धन, मीडिया में करप्शन जैसे कई मामलों का जिक्र उदाहरण सहित किया. 

अलीगढ़ शहर में पहली बार गया था. वहां शहर में सेंट्रल प्वाइंट स्थित मीनार होटल में मुझे ठहराया गया था. प्रोग्राम के बाद अलीगढ़ के जाने माने फोटो जर्नलिस्ट मनोज अलीगढ़ी के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) देखने के लिए निकला. मनोज ने एक बेहतरीन गाइड की तरह अपनी कार में बिठाकर न सिर्फ एएमयू घुमाया बल्कि शहर के चर्चित स्थलों, इमारतों, सड़कों आदि से भी परिचय कराया. मनोज अलीगढ़ी इन दिनों आगरा के ऐतिहासिक स्थलों पर काम कर रहे हैं और उनकी फोटो स्टोरी अमर उजाला में प्रकाशित हो रही है. साथ ही उनके चर्चित फोटो अन्य दूसरे बड़े स्थानीय और राष्ट्रीय अखबारों में छपते रहते हैं. मनोज अलीगढी का फोटोग्राफी के प्रति जुनून देखने लायक था. वे हर पल कुछ नया करने, कुछ नया क्लिक करने, कुछ नया रचने के बारे में सोचते रहते हैं.

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जिस युवा और उत्साही पत्रकार ज़ियाउर्रहमान उर्फ ज़िया ने मीडिया पर केंद्रित सेमिनार का आयोजन किया था, वे खुद अपने आप में एक संस्थान की तरह दिखे. छोटी उम्र में उन्होंने छात्र राजनीति और पत्रकारिता के क्षेत्र में जिस सक्रिय नेतृत्वकारी भूमिका में काम किया, वह सराहनीय है. बेहद कम उम्र से ही वह अपने आसपास के अंतरविरोधों और उलटबांसियों से दो-दो हाथ करते हुए आज अनुभवों का पिटारा अपने पास रखे हैं. इस आयोजन में उन्होंने बहुत सारे बड़े लोगों, नेताओं, मंत्रियों, अफसरों आदि को बुलाया था लेकिन उनमें से कोई नहीं आया. ज़ियाउर्रहमान ने मंच से कहा कि इस आयोजन ने उनको बहुत सारे सबक दिए हैं. जिया की सक्रियता के कारण उनके ढेर सारे विरोधी भी अलीगढ़ में पैदा हो गए हैं जिनने कार्यक्रम असफल करने की पूरी कोशिश की लेकिन हुआ उल्टा. प्रोग्राम जबरदस्त रूप से सफल रहा. हां, जिन जिन ने आने का वादा किया था और उनके नाम होर्डिंग्स बैनर पर छापे गए थे, उनके न आने से जिया को थोड़ा झटका तो जरूर लगा दिख रहा था. पर वह इस अनुभव का इस्तेमाल आगे के जीवन, आयोजन में करने को तत्पर दिख रहे थे. वो कहते हैं न कि कोई भी युवा अपने जोश जज्बे के कारण समय के साथ व्यावहारिक पहलुओं-अनुभवों से वाकिफ होता जाता है और इस प्रकार पहले से ज्यादा मेच्योर होता जाता है.

बुके देकर सम्मानित करते सीनियर फोटो जर्नलिस्ट मनोज अलीगढ़ी

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तस्वीर में सबसे बाएं सोशल मीडिया के चर्चित चेहरे वसीम अकरम त्यागी दिख रहे हैं और कार्यक्रम के आयोजक जियाउर्रहमान खड़े होकर श्रोताओं की तरफ जाने को उन्मुख दिख रहे हैं.

तस्वीर में खचाखच भरा हाल दिख रहा है और कार्यक्रम आयोजक जियाउर्रहमान खड़े कुछ चिंतन मनन करते दिख रहे हैं. 

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सबसे दाएं गोरखपुर से आए पत्रकार साथी राशिद और बाएं से दूसरे एडवोकेट प्रतीक चौधरी संग कार्यक्रम की याद सहेजने के वास्ते फोटोग्राफी. 

जिया के एक साथी हैं एडवोकेट प्रतीक चौधरी. वकालत के क्षेत्र में प्रतीक ने अपने जन सरोकारी रवैये के कारण कम समय में अच्छा खासा नाम कमाया है. उन्होंने गरीबों को न्याय दिलाने के वास्ते तरह तरह से लड़ाई छेड़ रखी है और उनके साथ बहुत सारे लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं. प्रतीक ने अलीगढ़ शहर में प्रदूषण से लेकर पुलिस उत्पीड़न तक के मामलों में लंबी लड़ाई लड़ी और उद्यमियों, अफसरों, नेताओं को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

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कार्यक्रम के अगले दिन अलीगढ़ निवासी वरिष्ठ पत्रकार विनय ओसवाल जी के घर दोपहर के खाने पर जाने का कार्यक्रम बना. मैं, जिया और प्रतीक एक एक कर विनय ओसवाल जी के घर पहुंचने लगे. विनय ओसवाल जी नवभारत टाइम्स में लंबे समय तक हाथरस के संवाददाता रहे. उन्होंने पत्रकारिता को कभी कमाई का जरिया नहीं बनाया. पैसे कमाने के लिए उन्होंने बतौर उद्यमी कई काम शुरू किए और आज वह अपनी फैक्ट्रीज का संचालन करके पूरे परिवार को सम्मानजनक जीवन दे सके हैं. वे अब फिर पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं. ब्लाग, वेब, सोशल मीडिया के माध्यम से वह खरी खरी बात कहने लिखने लगे हैं.

विनय ओसवाल जी ने बताया कि उनके घर पर थोड़ी ही देर में नवभारत टाइम्स दिल्ली में कई दशक तक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत रहे हर्षदेव जी आने वाले हैं. हर्षदेव जी का नाम तो मैंने सुन रखा था लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हुई थी. जब वो आए तो तुरंत उनका एक वीडियो इंटरव्यू किया, जिसे आप इस लिंक https://www.youtube.com/watch?v=LGArckWHAIU पर क्लिक करके देख सुन सकते हैं.

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विनय ओसवाल जी (दाएं) के अलीगढ़ स्थित आवास पर वरिष्ठ पत्रकार हर्ष देव (बीच में) के साथ दोपहर का भोजन.

विनय ओसवाल ने सभी लोगों को दोपहर के भोजन में उत्तर और दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसकर दिल जीत लिया. सबने तबीयत से खाया और विनय ओसवाल जी की सेवा भावना और आतिथ्य की सराहना की. मेरे लिए अलीगढ़ की दो दिन की यात्रा यादगार रही. कई नए साथी मिले. कई नए किस्म के अनुभव हुए. लगा कि दुनिया में अच्छे लोग हैं, बस वे बिखरे हैं, उनकी अखिल भारतीय या प्रादेशिक स्तर पर कोई यूनिटी नहीं है. यह भी समझ आया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति अगले पांच दस सालों में बड़े बदलाव से गुजरेगी क्योंकि युवाओं के बीच से ऐसे ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जो बिना भय खौफ सच कहने और सच को जीने का साहस रखते हैं. थैंक्यू दोस्तों, दो दिन की अलीगढ़ यात्रा के दौरान आप सबने मेरा दिल जीत लिया.

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एएमयू के मुख्य द्वार पर यशवंत. तस्वीर : मनोज अलीगढ़ी

लेखक यशवंत भड़ास4मीडिया के एडिटर हैं. उनसे संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.

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आयोजन में किन किन का हुआ सम्मान, किसने क्या कहा, संबंधित अन्य तस्वीरें देखने पढ़ने के लिए नीचे क्लिक कर अगले पेज पर जाएं…

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