दिल्ली में तो आम आदमी रेप करता है लेकिन मुंबई में तो पुलिसवाले ही रेपिस्ट हैं! …एक मॉडल की आपबीती

मुंबई में पुलिसवालों पर रेप का आरोप लगाने वाली मॉडल ने अपनी आपबीती बताई है। एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में मॉडल ने अपना दर्दी बयां किया है। उन्होंने बताया है कि एमबीए के बाद ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में नौकरी करने के बाद वह ऐक्टिंग में करियर बनाने करीब एक साल पहले मुंबई आई थीं, लेकिन अब वह फिर पुराने प्रोफेशन में लौटना चाहती हैं। पीड़ित मॉडल ने कहा कि वह 3 अप्रैल की रात एक मूवी साइन करने होटेल पहुंची थी। इस मूवी को एक गुजराती बिजनेसमेन फाइनेंस कर रहा था। उनके मॉडलिंग कोआर्डिनेटर ने साइनिंग अमाउंट लेकर वहां से जाने के लिए कहा। इसके बाद बिजनेसमैन मेरे साथ होटल के कमरे तक आया। उसने अपने एक दोस्त को बुलाया और दोनों उसे होटल की पार्किंग में छोड़ने के लिए नीचे आ गए। तभी 6 लोगों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि ये पुलिस रेड है।

पुलिसवालों ने मॉडल पर प्रॉस्टीट्यूट होने का आरोप लगाया और साकी-नाका पुलिस स्टेशन ले गए। वह गिड़गिड़ाई, खूब मिन्नतें कीं, लेकिन पुलिसवालों के कान में जूं तक नहीं रेंगी। एपीआई सुनील खात्पे ने उन्हें थप्पड़ मारा। तभी उसके साथी ने ऑस्ट्रेलियन कंपनी का उनका पुराना आईकार्ड देखा और बोला- ‘तेरे पास तो बहुत माल होगा।’ एएसआई सुरेश सूयवंशी ने उनका आईफोन छीन लिया और फेसबुस पर मेरे फोटोज चेक करने लगा। रात को करीब 3 बजे पुलिस उन्हें संघर्ष नगर पुलिस चौकी ले गई। सुबह करीब 5 बजे खात्पे ने वहां मौजूद बाकी पुलिसवालों को कमरे से बाहर जाने को कहा और कमरे की कुंडी लगा दी। मॉडल ने जब पुलिसवालों को बाहर भेजने का कारण पूछा तो खात्पे उनके पास आया और बोला- ‘मुझे खुश कर दे’…’वह मुझे जगह-जगह छूने लगा। मैं चिल्लाई, लेकिन क्या करती। मेरे साथ रेप करके वह बाहर निकल गया। इसके बाद मुझे एक छोटे रूम में ले जाया गया। एक औरत आई और जूलरी, कैश सब लूट कर ले गई। सुबह 7 बजे खात्पे एक बार फिर कमरे में आया और उसने 2 घंटे में दूसरी बार मेरे साथ रेप किया। सुबह 9 बजे पुलिस मुझे साकी-नाका पुलिस स्टेशन ले गई। मुझ पर पब्लिक प्लेस पर शांति भंग करने का चार्ज लगाया। मेरे दोस्त ने पुलिस को 4.35 लाख रुपए दिए तब जाकर मुझे छोड़ा गया।

इसके बाद भी खात्पे बीच-बीच में मुझे फोन करने लगा। उसने कहा कि वह कभी भी मेरे घर आ सकता है। मेरा पता उसके पास था। मैं रिपोर्ट लिखाने पुलिस स्टेशन भी गई, लेकिन कोई पुलिसवालों कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हुआ। फिर मैंने 21 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से शिकायत की। 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। जिनमें से 5 को पुलिस पकड़ चुकी है। दिल्ली गैंगरेप के बाद मेरे दोस्त कहते थे कि मुंबई में तुम सेफ हो, लेकिन वे गलत थे। दिल्ली में तो आम आदमी रेप करता है लेकिन मुंबई में तो पुलिसवाले ही रेपिस्ट हैं।

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Comments on “दिल्ली में तो आम आदमी रेप करता है लेकिन मुंबई में तो पुलिसवाले ही रेपिस्ट हैं! …एक मॉडल की आपबीती

  • वैसे रैप करना वो भी पुलिसवालों द्वारा घोर अपराध है। इसके लिये कडी सजा देनी चाहिए। लेकिन इन मैडम का आचरण भी संदेहास्पद लग रहा है। रात में होटल में जाना एक अकेली महिला का किसी मायने में सही नहीं कहा जा सकता। ये फिल्मवाले रात में ही क्यों बुलाते हैं दिन में नहीं बुला सकते। होटल के कर्मचारी सभी तथ्य जानते हैं और उन्होंने ही पुलिस वालों को सूचना दी है। महिला कैसी भी हो पुलिस वालों को अधिकार नहीं है बदतमीजी करने का।

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