PBNS चीफ समीर के व्यवहार से दुखी कर्मचारियों ने कइयों से की शिकायत, कहीं कुछ नहीं हुआ!

लगभग एक वर्ष पहले PBNS नाम से प्रसार भारती की डिजिटल सेवा शुरू हुई थी। विजन था देश का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क शुरू करना। समीर कुमार नामक व्यक्ति को इसकी बागडोर दी गई, तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर, ADG रैंक दे कर।

आज स्थिति ये है कि PBNS बस एक ट्विटर हैंडल ही चला पा रहा है। वेबसाईट शुरू हुई लेकिन कूड़ा कंटेंट को वजह से उसे शर्मनाक तरीके से बंद कर देना पड़ा। आज भी ‘under maintenance’ ही दिखता है इंटरनेट पर।

समीर कुमार एक नया आफिस, एक नई टीम और पूरे मैंडेट के बावजूद कोई काम नहीं कर पाए। जनता के करोड़ों रुपए फूंक दिए गए, और हाथ में बस एक ट्विटर हैंडल है। इसकी भी दुर्गति ये है कि, रोज़ के रोज़ बड़ी बड़ी गलतियां होती है। कभी भारत के नक्शे से कश्मीर गायब कर दिया जाय है तो कभी भारत सरकार की विसा नीति के बारे में ट्वीट में VISA card का फोटो चस्पा कर दिया जाता है।

यही नहीं, समीर कुमार ने पूरे PBNS में आतंक फैला रखा है। सबको प्रताड़ित करना, पुलिस की धमकी देना, अपशब्द और गालियां देना स्टाफ मीटिंगों में आम बात बन गई है। कुमार ने PBNS को अपनी बपौती बना ली है, और कोई पूछने वाला नहीं है।

कुछ दिनों पहले PBNS की लगभग पूरी सोशल मीडिया टीम और साथ में और भी कारिंदों ने ऊपर बैठे अफसरों से समीर कुमार की जबरदस्त शिकायत की। ये शिकायत लिखित की गई, जो रेकॉर्ड में मौजूद है। शिकायत तब की गई जब पानी सर के ऊपर निकल गया।

ये शिकायत गंभीर है क्योंकि इसमें मानसिक, सामाजिक प्रताड़ना और प्रोफेशनल हैरासमेंट की बात कही गई है।

अधिकतर लोग PBNS से भागना चाहते हैं – कईयों ने भीख मांग कर ट्रांसफर भी ले लिया है।

ये शिकायत दूरदर्शन के डायरेक्टर जनरल मयंक अग्रवाल के पास गई। उन्होंने इसे HR को प्रेषित किया। लेकिन इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

किसी ने समीर कुमार से इस पर कोई सफाई तक नहीं मांगी।

गौरतलब है भी है कि, ये शिकायत CEO शशि शेखर वेंपटी के पास भी गई है। परेशान लोगों ने उन्हें e-mail भी किया है। वहां से भी कोई निजात नहीं मिली। समीर कुमार से किसी ने कोई एक्सप्लेनेशन तक नहीं मांगा।

ये वही समीर कुमार है, जिन्होंने PTI को देश विरोधी बताते हुए, नोटिस तक भेज डाला।

समीर कुमार की शिकायत सिर्फ DD DG और CEO के पास ही नहीं, बल्कि केंद्रीय सूचना मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के पास भी की गई है। उनके पास भी यही शिकायत गई हुई है जो संलग्न है। लेकिन वहां से भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

कहते हैं कि समीर कुमार किसी बड़े आदमी की पैरवी के कारण उड़ रहे हैं। ये कोई बहुत पहुंचा हुआ पैरोकार हो सकता है जिसके सामने मंत्री, CEO, DG समेत सभी चुप्पी साधे बैठे हैं।

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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