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पीटीआई के मल्टी मीडिया एडिटर बने शाज़ी ज़मां

शाजी जमां को पीटीआई का मल्टी मीडिया एडिटर बनाया गया है. उन्हें पीटीआई को डिजिटल मीडिया के लिहाज से मजबूती देने की जिम्मेदारी मिली है. शाज़ी इसके पहले एबीपी न्यूज़ के एडिटर हुआ करते थे. उन्हें काबिल पत्रकारों में शुमार किया जाता है. ABP न्यूज के संपादक रहे और अपनी जनपक्षधरता के लिए चर्चित शाज़ी ज़मां ने एबीपी न्यूज के मोदी भक्त हो जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था.

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शाजी जमां को पीटीआई का मल्टी मीडिया एडिटर बनाया गया है. उन्हें पीटीआई को डिजिटल मीडिया के लिहाज से मजबूती देने की जिम्मेदारी मिली है. शाज़ी इसके पहले एबीपी न्यूज़ के एडिटर हुआ करते थे. उन्हें काबिल पत्रकारों में शुमार किया जाता है. ABP न्यूज के संपादक रहे और अपनी जनपक्षधरता के लिए चर्चित शाज़ी ज़मां ने एबीपी न्यूज के मोदी भक्त हो जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था.

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नरेंद्र मोदी जब पीएम बने तब एबीपी न्यूज के संपादक पद से शाजी जमां को हटाकर मिलिंद खांडेकर को बिठाया गया. शाजी जमां को एबीपी न्यूज की जिम्मेदारी से मुक्त कर समूह के क्षेत्रीय चैनलों की जिम्मेदारी दी गई थी. एक तरह से उन्हें साइडलाइन कर दिया गया. उसके बाद एबीपी न्यूज चैनल ने भगवाकरण के रंग में रंगने की जो बेचैनी और तेजी दिखाई, उससे पूरा मीडिया जगत दंग रह गया. एबीपी न्यूज अब मोदी भक्त चैनलों में शुमार किया जाता है.

शाजी जमां ने एबीपी न्यूज से इस्तीफा देने के बाद उपन्यास ‘अकबर’ को पूरा किया और इसे लांच कराया. शाज़ी ने 1988 में करियर की शुरुआत दूरदर्शन में बतौर करेस्पॉडेंट की थी. तीन साल के लिए बीबीसी में प्रोड्यूसर होकर लंदन रहे. वे जी न्यूज के एडिटर रहे. आजतक न्यूज चैनल में भी काम किया. फिर स्टार न्यूज में आए. उदय शंकर के जाने के बाद एबीपी न्यूज के ग्रुप एडिटर बने. शाजी जमां टीवी न्यूज चैनल्स की संस्था बीईए (ब्राडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

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