पीटीआई के मल्टी मीडिया एडिटर बने शाज़ी ज़मां

शाजी जमां को पीटीआई का मल्टी मीडिया एडिटर बनाया गया है. उन्हें पीटीआई को डिजिटल मीडिया के लिहाज से मजबूती देने की जिम्मेदारी मिली है. शाज़ी इसके पहले एबीपी न्यूज़ के एडिटर हुआ करते थे. उन्हें काबिल पत्रकारों में शुमार किया जाता है. ABP न्यूज के संपादक रहे और अपनी जनपक्षधरता के लिए चर्चित शाज़ी ज़मां ने एबीपी न्यूज के मोदी भक्त हो जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था.

स्मृति ईरानी की फटकार के बाद पीटीआई ने गलत फोटो देने वाले फोटोग्राफर को नौकरी से निकाला

देश की सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया यानि पीटीआई को अपने एक फोटोग्राफर को नौकरी से निकालना पड़ा. फोटोग्राफर ने चेन्नई की बाढ़ की तस्वीरों को गुजरात का बताकर एजेंसी के हवाल कर दिया और एजेंसी ने इसे रिलीज भी कर दिया. जब इस गलती की तरफ किसी ने सूचना-प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी का ध्यान दिलाया तो उन्होंने पीटीआई वालों से ट्विटर पर ही पूछ लिया कि ये बड़ी गलती क्यों की गई? उन्होंने पूछा कि पीटीआई के लोग चेन्नई के बाढ़ की तस्वीरों कों गुजरात का बताकर क्यों प्रचारित प्रसारित कर रहे हैं? इस पर पीटीआई वालों ने खेद जताते हुए कहा कि संबंधित फोटोग्राफर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.

पीटीआई वाले कब जात-पात से उपर उठेंगे?

एक तरफ जहां राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार रायसीना हिल्स की दौड़ को ‘दलित बनाम दलित’ निरूपित किए जाने से असहमत हैं और ‘जाति को जमीन में गहरे गाड़ देने’ की बात कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मीडिया अभी भी ‘दलित’ और ‘अल्पसंख्यक’ जैसे जातिसूचक शब्दों के खेल से बाहर नहीं निकल पा रहा है. मीडिया में बैठे तमाम तथाकथित सेकुलर बुद्धिजीवी ऊपरी तौर पर भले ही इनसे हमदर्दी जताते हों, लेकिन इनकी असलियत क्या है, इसका एक और मुजाहिरा हाल ही में आई उन खबरों से हुआ है, जिसमें बताया गया है कि कैसे ‘मीडिया के लोग’ एक दलित होने के नाते रामनाथ कोविंद की बाइट लेने या दिखाने से गुरेज करते थे, जब वे कुछ अरसा पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हुआ करते थे.

PTI में आठ साल पूरे कर चुके प्रियभांशु रंजन बोले- योगी के बाल, गोशाला की गाय, मोदी की नींद जानने के लिए जर्नलिज्म में नहीं आया

Priyabhanshu Ranjan : 8 Years In Journalism. 8 Years With The Press Trust of India. योगी के बाल नहीं बढ़ने की वजह जानने, गोशाला की गायें गिनने या मोदी के सोने के घंटे जानने के लिए जर्नलिज्म में नहीं आया था। पूरी तरह सोच समझकर असल खबरों से जुड़ा काम करने के लिए जर्नलिज्म में आया था। ये काम आज भी कर रहा हूं। शान से कर रहा हूं। शायद इसलिए 8 साल बाद भी PTI में हूं। मीडिया में जब तक रहूंगा, PTI या इसकी तरह ही गंभीर काम में यकीन रखने वाली किसी संस्था में रहूंगा।

पीटीआई यूनियन लीडर एमएस यादव की कारस्तानी : फेडरेशन की एक करोड़ की संपत्ति बेटे को सौंपा!

देश की जानी मानी न्यूज़ एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया की फेडरेशन ऑफ़ पीटीआई एम्प्लाइज यूनियंस के महासचिव महाबीर सिंह यादव पर कई गंभीर किस्म के आरोप लगे हैं. महाबीर सिंह यादव उर्फ एमएस यादव की मनमानी के कई किस्से सामने आ रहे हैं. लगभग एक करोड़ रूपये से अधिक कीमत की फेडरेशन की प्रॉपर्टी को इन महाशय ने गलत तरीके से अपने बेटे के नाम पर करा दिया. एमएस यादव की हरकतों से पीटीआई इंप्लाइज फेडरेशन का अस्तित्व खतरे में है.

वरिष्ठ पत्रकार विजय जोशी ने पीटीआई के प्रधान संपादक के रूप में कामकाज संभाला

नयी दिल्ली : प्रेस ट्रस्ट आफ इंडिया (पीटीआई) ने वरिष्ठ पत्रकार विजय जोशी को समाचार एजेंसी का प्रधान संपादक नियुक्त किया. इन्हें एशिया और पश्चिम एशिया में पत्रकारिता का तीन दशक से अधिक समय का अनुभव प्राप्त है. 54 वर्षीय जोशी ने एमके राजदान की जगह ली है जो सितंबर में प्रधान संपादक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. जोशी पहले 80 के दशक में पीटीआई में सेवाएं दे चुके हैं और उन्होंने अपने करियर का लंबा अरसा द एसोसिएटिड प्रेस (एपी) में बिताया है जहां वह भारत, सिंगापुर, मिस्र, मलेशिया और थाइलैंड में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.