न्यूज चैनल के बाद जिया इंडिया मैग्जीन का भी डिब्बा गोल

जिया न्यूज चैनल का भट्ठा बैठाने के बाद वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकार एसएन विनोद ने पाक्षिक पत्रिका जिया इंडिया का भी डिब्बा गोल करवा दिया है। जिया इंडिया के नोएडा स्थित ऑफिस में तालाबंदी कर दी गयी है। दर्जनों कर्मचारी फिर से बेरोजगार हो गए हैं। एडिटोरियल और नॉन एडिटोरियल सभी कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। जिया इंडिया में पिछले तीन महीने से सेलरी भी नहीं दी गयी है। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जिनकी चार-चार महीने की सेलरी बकाया है।

बीते रोज 21 फरवरी को जब कर्मचारी जिया इंडिया के ऑफिस  पंहुचे तो गार्ड ने भीतर घुसने से रोक दिया और कहा कि मैगजीन बंद हो गयी  है। आज से कोई काम नहीं होगा। गार्ड की बात सुन कर सभी कर्मचारी हतप्रभ  रह गये और एसएन विनोद को फोन करने लगे। मगर एसएन विनोद ने किसी  का फोन ही नहीं उठाया। हैरान-परेशान कर्मचारी जिया इंडिया के दफ्तर के  सामने धरने पर बैठ गये। बार-बार कोशिश के बावजूद जब एसएन विनोद ने  फोन नहीं उठाया तो कर्मचारियों ने जिया इंडिया के मालिक रोहन जगदाले को  फोन मिलाया। रोहन जगदाले ने फोन पर कर्मचारियों की समस्याओं से  अनभिज्ञता जाहिर की। जगदाले ने यह भी कहा कि चार महीने से सेलरी न  दिये जाने की बात भी उन तक किसी ने पहुंचाई।

यह सुन कर कर्मचारियों के  मन में एसएन विनोद के प्रति गुस्सा और बढ़ गया। रोहन जगदाले ने  कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि एसएन विनोद सभी से बात करेंगे और उनकी समस्याओं का भी निदान करेगे। कुछ देर बाद रोहन जगदाले ने खुद फोन किया और टेलिकॉनफ्रेंसिंग के जरिए कर्मचारियों की बात एसएन विनोद से करवायी। फोन पर एसएन विनोद का भाषा गुण्डे माफिया जैसी थी। वो बार-बार बोल रहे थे कि नोएडा से लेकर नागपुर तक जिसको जो उखाड़ना हो वो उखाड़ ले। इसी तरह की तमाम बातें बोलते हुए उन्होंन फोन बीच में ही डिस्कनैक्ट कर दिया।

इस वाकये के बाद कर्मचारी ऑफिस के सामने डटे रहे। कुछ देर बाद एसएन विनोद ऑफिस तो ताले खुले। एसएन विनोद सीधे अपने केबिन में घुसे और एक-एक कर सभी कर्मचारियों को बुलाकर जलील करने लगे। जिया मैगजीन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी को उन्होंने अपशब्दों से नवाजते हुए सिफारिश पर नौकरी दिए जाने का उलाहना भी दिया। चर्चा है कि इससे वरिष्ठ पदाधिकारी गुंजन सिन्हा ने एसएन विनोद पर आक्रामक हो उठे। लेकिन बाकी लोगों ने उन्हें रोक लिया। इस घटना के बाद एसएन विनोद ढीले पड़ गये। तब तबीयत खराब होने और पिता की उम्र का होने का वास्ता देकर धीरे से खिसक लिए। शाम लगभग सात बजे तक सभी कर्मचारी जिया इंडिया के ऑफिस के सामने ही बैठे रहे। गौरतलब है कि जब जिया इंडिया मैग्जीन की शुरुआ की जा रही थी उस वक्त जिया न्यूज नामक इसी ग्रुप के चैनल के कर्मचारी अपने वेतन भत्तों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उस वक्त भी एसएन विनोद ने चैनल के कर्मचारियों के साथ ऐसा ही व्यबहार किया था। जिया न्यूज चैनल के कर्मचारियों ने लेबर कमिशनर के सामने भी मामला उठाया था।

मूल खबर…

‘जिया इंडिया’ मैग्जीन के बुरे दिन, मीडियाकर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं

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Comments on “न्यूज चैनल के बाद जिया इंडिया मैग्जीन का भी डिब्बा गोल

  • Achchha hua maine timely ye channel chodkar E24 join kar liya. Ek to mujhe 4 hajar salary dete the vo bhi 2 mahine nahi di. Vahan mujhse reporting bhi nahi karvate the.kehte the mera look thik nahi.im too fat aur diction thik nahi.yahan E24 valon ne sidha anchor hi bana diya.

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  • Pronunciation aaj bhi tera bekar hai aur star cast ke samne dari hue bhi dikhti hai but yahan anchors ka itna average crowd hai ki kisi ko fark hi nahi padta.Vaise bhi jab entertainment koi news vala head kare to sab bhagwan bharose hi to chalega na.Mam Juhi vali politics chhod kaam pe dhyan de le

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