ईटीवी को झटका : सुशांत पारीक, शरद और सत्य ने जी न्यूज ज्वाइन किया

राजस्थान की क्राइम रिपोर्टिंग में बड़ा नाम सुशांत पारीक ने ईटीवी में 8 साल की पारी के बाद ज़ी न्यूज़ में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पोंडेंट कामकाज संभाल लिया है। उनके जाने से ईटीवी को बड़ा झटका लगा है। उनके साथ उनकी टीम के साथी शरद और सत्य ने भी ज़ी न्यूज़ ज्वाइन कर लिया है। जनवरी 2009 में ईटीवी जयपुर में ज्वाइन करने से पहले सुशांत पारीक चार साल दैनिक भास्कर श्रीगंगानगर में सेवाएं दे चुके हैं।

ईटीवी में 8 सालों के करियर के दौरान सुशांत पारीक अकेले ऐसे रिपोर्टर थे जिनकी बीट में कोई बदलाव नहीं हुआ था। ईटीवी में क्राइम रिपोर्टिंग के दौरान सुशांत पारीक ने अपराध जगत और आर्मी से जुड़े विभिन्न विषयों पर काम किया। इनमे राजस्थान के गैंगस्टरों के बीच होने वाली गैंगवार पर उनकी खास सीरीज “गैंग्स ऑफ़ शेखावाटी” खूब चर्चित रही। इस सीरीज के लिए सुशांत पारीक को प्रदेश के मानक अलंकरण सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। पिंक सिटी प्रेस क्लब जयपुर ने भी उन्हें 2015 में बेस्ट रिपोर्टर का अवार्ड दिया।

क्राइम रिपोर्टिंग के दौरान सुशांत पारीक की सड़क हादसों को लेकर “किलर पॉइंट्स” राजस्थान की महिला बदमाशों पर “लेडी डॉन” जेलो की सिक्योरटी को लेकर “सिस्टम में सुराख़” राजस्थान के कुछ जिलों में शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को लेकर “लुटेरी दुल्हन” गंगानगर हनुमानगढ़ जिलों में पानी चोरी की वारदातों पर “पानी माफिया” और बॉर्डर पार से होने वाली शराब, मादक पदार्थ, हथियार और नकली नोटों की तस्करी पर “तस्करी का तिलिस्म” सीरीज काफी सराही गयी।

इसके अलावा पाकिस्तान से सटी राजस्थान की सीमा के हालातों पर खास प्रोग्राम “सरहद” को भी खूब पसंद किया गया। ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए अलग पहचान रखने वाले सुशांत पारीक ने ही सबसे राजस्थान में आईएम और आईएसआईएस के नेटवर्क की खबर ब्रेक की थी। इसके अलावा जयपुर में कई बड़ी खबरें सबसे पहले ब्रेक करने का श्रेय भी सुशांत पारीक को जाता है। ज़ी न्यूज़ में उन्हें क्राइम विंग का इंचार्ज बनाया गया है। उम्मीद है की इस पारी में भी वो पत्रकारिता में नए मानक तय करेंगे।



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code