अमित शाह कोलकाता में अवतरित हुए तो टेलीग्राफ अखबार ने फ्रंट पेज पर छापा- ‘भस्मासुर टच : गोला मारो कोलकाता पहुंचा!’

Sanjaya Kumar Singh : जहं-जहं चरण पड़े संतन के तहं-तहं बंटाधार…

द टेलीग्राफ के पहले पन्ने के आज के शीर्षक और खबरें-

भस्मासुर की छाप

जहां जहां सीएए जाता है वही करता है जो राक्षस ने किया

गोला मारो कोलकाता पहुंचा

एक अनजानी पीड़ित शिक्षा है

मेघालय में कलह से नीति के खतरों का पता चलता है

भाजपा अल्पसंख्य सेल के उपाध्यक्ष का घर फूंक दिया

टाउन हॉल की बुकिंग कम होने का कारण बताकर बैंगलोर में प्रदर्शन पर प्रतिबंध

सबसे नीचे की इस खबर के साथ लगी फोटो रामचंद्र गुहा की है जिन्हें 19 दिसंबर को टाउनहॉल में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।

इस खबर में कहा गया है, ऐसा नहीं है कि पुलिस ने पिछली बार बैंगलोर में रामचंद्र गुहा को टाउनहॉल के बाहर प्लैकार्ड लेकर खड़ा होने दिया था। पर अब वे इसके लिए अनुमति मांगे तो उन्हें अनुमति नहीं मिलेगी। उन्हें औपचारिक तौर पर मना कर दिया जाएगा। शनिवार को विरोध प्रदर्शन की शहर की सबसे लोकप्रिय जगह को प्रदर्शनकारियों के लिए आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित कर दिया गया। 19 दिसंबर को सीएए के खिलाफ बेजोड़ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने गुहा को पकड़ कर खींचने की भारी गलती की थी। उस समय वे वहां एक प्लैकार्ड के साथ खड़े भर थे। बाद में गुहा और दूसरे लोगों को कोई मामला दर्ज किए बिना छोड़ दिया गया था।

अब भाजपा के प्रभुत्व वाले बैंगलोर के स्थानीय निकाय ने टाउन हॉल के बाहर हर तरह के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसका कारण बताया गया है कि इसके लिए बुकिंग कम हो रही है। इसका कारण यह बताया गया है कि टाउन हॉल के बाहर रोज प्रदर्शन होने के कारण टाउन हॉल की बुकिंग कम हो रही है और टाउनहॉल को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसे में नगर परिषद ने एक प्रस्ताव पास किया है कि पुलिस से टाउन हॉल के बाहर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाए। प्रदर्शन करने वाले दूसरी जगहों जैसे फ्रीडम पार्क या मौर्या सर्किल पर ऐसा कर सकते हैं।


Vijay Shanker Singh : गोली मारों….को, अब नया उद्घोष है, दंगासुरों का… पढ़िए टेलीग्राफ ने क्या पब्लिश किया है…

Chants of “goli maaro” reached the heart of Calcutta on a day Union minister Amit Shah addressed a public meeting in the city and went into a strategy huddle aimed at capturing power in Bengal that stretched close to midnight.

Footage showed groups of men, some dressed in saffron and waving BJP flags, marching towards the Shahid Minar ground, where the state unit of the party had organised the rally to felicitate Shah on the passage of the Citizenship Amendment Act (CAA).

“Desh ke gaddaron ko, goli maaro…,” the groups chanted as they marched along J.L. Nehru Road to the rally ground.

The slogan could not have come at a more inopportune moment: northeast Delhi is yet to recover from last week’s riots that killed over 40 people. Many of the victims had suffered bullet wounds.

The outrageous slogan also brought back to the fore the proponents’ cultural disconnect with Bengal — almost the same way it was on display when a bust of Ishwarchandra Vidyasagar was vandalised during the Lok Sabha polls. Then, too, the tail-enders of a roadshow by Shah were blamed for the vandalism.

Another “coincidence”: it was in Bengal that Shah had test-fired the now-infamous statement of intent on the citizenship matrix. “Aap chronology samajh lijiye,” Shah had told a general-election rally in Bengal: “Understand the chronology, first we will bring Citizenship Amendment Bill and after that we will bring National Register of Citizens (NRC), and NRC will not only be for Bengal but for the entire country.”

Since the anti-CAA protests mounted, Prime Minister Narendra Modi and others have been playing down suggestions of a nationwide NRC.

The “goli maaro” slogan targeting anti-CAA protesters had featured at some BJP campaign rallies for the February 8 Delhi elections. The slogan has since assumed a lethal ring amid multiple incidents of attacks on protesters, including at Shaheen Bagh in Delhi, against the new citizenship matrix. Such chants have been partly blamed for the Delhi riots.

The slogan-shouting in Calcutta was particularly menacing as the city is home to a Shaheen-Bagh-like vigil at Park Circus that has been going on for over 50 days.

साभार- TheTelegraph

वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह और रिटायर पुलिस अधिकारी विजय शंकर सिंह की एफबी वॉल से.



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