खबर हटवाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने TwoCircles.Net को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2011 में प्रकाशित एक खबर को हटवाने के लिए द्विभाषीय खबरी वेबसाईट TwoCircles.Net यानि TCN को कानूनी नोटिस भेजा है. 2011 में वेबसाईट पर छपी इस खबर में महाराष्ट्र पुलिस में महिला कॉन्स्टेबल प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण के दौरान गर्भवती हो जाने का ज़िक्र है. 20 जनवरी 2014 को जारी इस नोटिस में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा है कि उन्हें किसी से शिक़ायत मिली कि कोई पुलिस विभाग के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहा है और वेबसाईट पर विभाग के सन्दर्भ में तथ्यहीन, आधारहीन, झूठी और अपमानजनक खबर छापी गयी हैं.

साइबर क्राइम यूनिट के नोडल अफ़सर अशोक कुमार वर्मा द्वारा भेजी गयी इस नोटिस में कहा गया है, ‘छापी गयी सामग्री आधारहीन और अपमानजनक है, जिससे पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंच रहा है. सूचना अधिनियम 66 के तहत यह अपराध की श्रेणी में आता है. इसलिए आपसे अनुरोध किया जाता है कि उक्त फर्जी सामग्री को अपनी वेबसाईट TwoCircles.Net से हटा लें.’

दरअसल हुआ यूं कि साल 2011 में कोल्हापुर पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग अफसरों द्वारा महिला प्रशिक्षुओं के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया. इस मामले में कुछ महिला प्रशिक्षु कॉन्स्टेबल गर्भवती भी हो गयी थी, इस खबर ने मीडिया में सुर्खियां बटोरी थीं, जिसके बाद तत्कालीन कोल्हापुर सांसद सदाशिव राव मंडलिक ने मामले को उठाया था.  यह बात भी ध्यान दिलाने योग्य है कि TCN के अलावा कई मीडिया संगठनों ने मुद्दे को उठाया था, लेकिन यथास्थिति से मालूम होता है कि कानूनी नोटिसों का शिकार सिर्फ़ TCN को बनाया जा रहा है..

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब TCN को इस किस्म के नोटिस जारी किये गए हों. साल 2014 के मार्च महीने में मुम्बई पुलिस ने भी TCN को मुम्बई पुलिस के आला अधिकारी राकेश मारिया के सदर्भ में प्रकाशित एक खबर को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था. महाराष्ट्र पुलिस के इस कदम को कई सारे पत्रकारों और बौद्धिक तबके की आलोचना का सामना करना पड़ा था.  उत्तर प्रदेश पुलिस की इस कानूनी नोटिस के जवाब में TCN के सम्पादक काशिफ़उल हुदा ने कहा है, ‘महाराष्ट्र पुलिस को हुई दिक्क़त के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा भेजा गया पत्र क्षुब्ध करने वाला है. जिस समय इंटरनेट पर नफ़रत से भरी चीज़ें रोज़-ब-रोज़ सामने आ रही हैं, लोग किसी भी चीज़ को मज़ाक का विषय बनाने से नहीं चूक रहे हैं और इंटरनेट अपराध और आतंकवाद का हथियार बनता जा रहा है, उस समय पुलिसिया तंत्र विभाग के ही अफ़सरों द्वारा किये गए अपराधों को लेकर लिखी जा रही तीन-चार साल पुरानी खबरों को देखने में लगा हुआ है.’

काशिफ़ ने आगे कहा, ‘वे धारा 66 का उपयोग न्यूज़ वेबसाईटों को भयाक्रांत करने के लिए करते हैं. यह मीडिया की स्वतंत्रता के अधिकारों का हनन है. और यदि भारतीय समाज में चेतना नहीं आती है तो ऐसे मामले सामने आते रहेंगे जिसमें खबरी वेबसाईटों को धमकाने और बंद करने के प्रयास शामिल होंगे.’



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