Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

यूपी में नया जेल मैन्युअल तैयार, मंत्रिपरिषद की मुहर का इंतज़ार!

अमिताभ ठाकुर द्वारा उत्तर प्रदेश जेल मैन्युअल के कतिपय प्रावधानों में तत्काल बदलाव की मांग के क्रम में डीजी जेल कार्यालय ने बताया है कि नया जेल मैन्युअल शीघ्र लागू होने वाला है.

एस के मैत्रेय, डीआईजी मुख्यालय द्वारा प्रेषित पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार की अपेक्षा के अनुसार जेल मैन्युअल में संशोधन हेतु मॉडल प्रिजन मैन्युअल 2003 तथा 2016 के साथ उत्तर प्रदेश जेल सुधार समिति 1946, अखिल भारतीय जेल सुधार समिति 1980-83 तथा कपूर कमिटी 1987 के साथ सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट तथा एनएचआरसी के तमाम निर्देशों को समाहित करते हुए संशोधित जेल मैन्युअल 2021 का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जो वहां लंबित है तथा मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के बाद प्रभाव में आएगा.

अमिताभ ने कहा था कि जेल मैन्युअल के तमाम प्रावधान भारतीय संविधान तथा दांडिक विधि के खिलाफ हैं. प्रस्तर 168 तो सजायाफ्ता फौजियों को यूनाइटेड किंगडम भेजे जाने की बात करता है तथा ब्रिटिश कब्ज़ा, भारत मंत्री तथा हिज मेजेस्टी आर्डर जैसे शब्दों तक का प्रयोग करता है. कई प्रस्तर में यूरोपियन तथा एंग्लो-इंडियन कैदियों का विशेष उल्लेख है. कई प्रस्तर में मद्रास सरकार, कलकत्ता प्रेसीडेंसी, बॉम्बे सरकार जैसे शब्दों का प्रयोग है जो अब अस्तित्व में नहीं हैं.

कई प्रस्तर उत्तराखंड के इलाके से संबंधित हैं. प्रस्तर 719 में जातीय पक्षपात तक को अनुमति है जो संविधान के पूर्णतया विपरीत है. कई प्रस्तरों में कोड़े बरसाने, बेड़ी, हथकड़ी, क्रॉस बार जैसी सजा का जिक्र है जिन्हें अब सजा के रूप में हटा दिया गया है. इसी प्रकार डाइट या अन्य सहयोग धनराशि रु० 2 प्रति दिन तथा 37 पैसे प्रति किलोमीटर जितना कम रखा गया है. यहाँ तक कि मेडकल अफसर को रु० 10 जेल अलाउंस की व्यवस्था है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन