Connect with us

Hi, what are you looking for?

वेब-सिनेमा

अखिलेश राज में मंत्री रहे विजय मिश्र ने धमकाया तो पत्रकार ने दिया खाने भर जवाब (सुनें टेप)

गाजीपुर जिले से सपा राज में एक मंत्री हुआ करते थे, धर्मार्थ कार्य मंत्री, विजय मिश्रा. जब अखिलेश यादव ने इनका टिकट काट दिया तो ये बसपा में भाग खड़े हुए लेकिन वहां भी टिकट नहीं मिला और न ही अपनी सीट से बसपा के प्रत्याशी को जिता पाए. एक रोज आधी रात को ये पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने पूरे मूड में आकर गाजीपुर जिले के एक पत्रकार को फोन लगा दिया. ये पत्रकार कभी विजय मिश्र को चुनाव जिताने में जोरशोर से आगे थे. बाद में चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद विजय मिश्र ने अपने हर उस गैर-ब्राह्मण कार्यकर्ता / करीबी के साथ जो किया, वही सुनील सिंह उर्फ सुनील कुशवाहा के साथ भी किया यानि अपमानित कर किनारे कर दिया.

<script async src="//pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js"></script> <script> (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-7095147807319647", enable_page_level_ads: true }); </script><p>गाजीपुर जिले से सपा राज में एक मंत्री हुआ करते थे, धर्मार्थ कार्य मंत्री, विजय मिश्रा. जब अखिलेश यादव ने इनका टिकट काट दिया तो ये बसपा में भाग खड़े हुए लेकिन वहां भी टिकट नहीं मिला और न ही अपनी सीट से बसपा के प्रत्याशी को जिता पाए. एक रोज आधी रात को ये पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने पूरे मूड में आकर गाजीपुर जिले के एक पत्रकार को फोन लगा दिया. ये पत्रकार कभी विजय मिश्र को चुनाव जिताने में जोरशोर से आगे थे. बाद में चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद विजय मिश्र ने अपने हर उस गैर-ब्राह्मण कार्यकर्ता / करीबी के साथ जो किया, वही सुनील सिंह उर्फ सुनील कुशवाहा के साथ भी किया यानि अपमानित कर किनारे कर दिया.</p>

गाजीपुर जिले से सपा राज में एक मंत्री हुआ करते थे, धर्मार्थ कार्य मंत्री, विजय मिश्रा. जब अखिलेश यादव ने इनका टिकट काट दिया तो ये बसपा में भाग खड़े हुए लेकिन वहां भी टिकट नहीं मिला और न ही अपनी सीट से बसपा के प्रत्याशी को जिता पाए. एक रोज आधी रात को ये पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने पूरे मूड में आकर गाजीपुर जिले के एक पत्रकार को फोन लगा दिया. ये पत्रकार कभी विजय मिश्र को चुनाव जिताने में जोरशोर से आगे थे. बाद में चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद विजय मिश्र ने अपने हर उस गैर-ब्राह्मण कार्यकर्ता / करीबी के साथ जो किया, वही सुनील सिंह उर्फ सुनील कुशवाहा के साथ भी किया यानि अपमानित कर किनारे कर दिया.

Advertisement. Scroll to continue reading.

सुनील ठीकठाक बैकग्राउंड वाले हैं. अच्छी खासी जमीन है और शहर के पॉश इलाके में बढ़िया मकान है. खुद के पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी है. सो, उन्होंने अपने आनलाइन पोर्टल के जरिए विजय मिश्र के कारनामों की पोल खोलनी शुरू कर दी. बताया जाता है कि ये जो फोन विजय मिश्र ने किया, वह किसी तरह चाहते थे कि सुनील स्वीकार कर लें कि उन्होंने ही उनके खिलाफ इशारों इशारों में फेसबुक पर काफी कुछ लिखा है. पर सुनील ने कुबूल नहीं किया और न ही उत्तेजित होकर कुछ ऐसा कहा जिससे विजय मिश्र को उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने का मौका मिल जाता.

हालांकि कहा जा रहा है कि विजय मिश्र ने फोन करने से कुछ रोज पहले सारे स्क्रीनशाट और सारा लेखन इकट्ठा करते हुए पुलिस में सुनील के खिलाफ तहरीर दे दी थी लेकिन पूरे लेखन से यह नहीं साबित हो रहा था कि यह सब विजय मिश्र के खिलाफ ही लिखा गया है. इस कारण उन्हें फोन करके और उकसा करके सुनील से ही यह कुबूल कराना उचित लगा कि उसी ने लिखा है ताकि सुनील के खिलाफ केस मजबूत हो सके और पुलिस कार्रवाई करा सकें. पर सुनील ने कबूलना तो दूर, करीब 40 मिनट की बातचीत में ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे उनके खिलाफ कोई मसाला मिल सके. उल्टे पूरी बातचीत से पूर्व मंत्री विजय मिश्र बहुत सारे मामलों में जरूर एक्सपोज हो गए. पूरा टेप सुनते हुए एक तरफ आपको सुनील की हाजिरजवाबी से कहीं कहीं हंसी आएगी तो मंत्री के व्यवहार बात रवैये से सत्ता-सिस्टम से जुड़े रहे लोगों के चरित्र के पीछे का स्याह सच समझ आएगा.

Advertisement. Scroll to continue reading.

पत्रकार सुनील ने मंत्री जो को खाने भर जवाब दिया है, ये तो सच है. पत्रकार सुनील की हाजिरजवाबी का आप भी लोहा मान जाएंगे, साथ ही बहादुरी का भी. करीब पौन घंटे के इस आडियो को सुनते हुए आप बोर कतई नहीं होंगे. बीच-बीच में लगेगा जैसे आप कपिल शर्मा का कामेडी शो देख रहे हों. सुनील गाजीपुर लाइव नामक न्यूज पोर्टल के संपादक हैं. सुनील को बाद में यह आडियो वायरल न करने के लिए धमकाया गया. पत्रकार सुनील ने पूर्व मंत्री और उनके इशारे पर धमकाने वालों के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस को दे दी है.

आडियो सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें…. आडियो सुनते हुए स्क्रीन पर जो तस्वीर आप देख रहे होंगे, वही हैं माननीय पूर्व मंत्री विजय मिश्र…

Advertisement. Scroll to continue reading.

ज्ञात हो विजय मिश्र वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र के भतीचे हैं और कहा जाता है कि अच्युता जी ने ही मुलायम सिंह यादव से अपने करीबी रिश्ते के चलते विजय मिश्र को टिकट दिलवाया था. विजय मिश्र गाजीपुर से चंद सैकड़ा वोटों से जीते और मंत्री बन गए. लेकिन वह अपने पूरे कार्यकाल में परफार्म बिलकुल नहीं कर पाए. गाजीपुर में उन्होंने अपने उन कार्यकर्ताओं को काफी परेशान किया जो चुनाव जिताने में तो खुलकर तन मन धन से साथ थे लेकिन इनके मंत्री बनने के बाद इनकी उपेक्षा के शिकार होकर अलग-थलग हो गए. बताया जाता है कि विजय मिश्र ने मंत्री रहते हुए अपने कई कार्यकर्ताओं के यहां छापे मरवाए या उन्हें जेल में डलवाया या फर्जी केसों में फंसवाया. उनकी कोशिश थी कि उनके जो भी कार्यकर्ता उनसे नाराज होकर कुछ कह कर रहे हैं, उन्हें इतना आतंकित पीड़ित प्रताड़ित कर दो कि वह शांत होकर बैठ जाए या उनके चरणों में समर्पण कर दे. फिलहाल तो आप लोग इस टेप का आनंद लीजिए और देखिए कि हमारे देश के हंसते-मुस्कराते नेताओं का आधी रात के बाद चाल-चरित्र बोली-बानी अंदाज इरादों का क्या हाल होता है….

Advertisement. Scroll to continue reading.

गाजीपुर से सुजीत कुमार सिंह उर्फ प्रिंस की रिपोर्ट.

Advertisement. Scroll to continue reading.
3 Comments

3 Comments

  1. Amit

    March 29, 2017 at 12:12 pm

    I am not political , but i had a interest to listen this audio as i am from Ghazipur, i am no one to judge anyone but all i can hear from this audio is only frustration from both side. Mr. Reporter was frustrated as he couldn’t get some job with help of Mr.Minister and Minister was frustrated because how can a reporter write about him. .very cute conversation without any public interests.. its all personal stuffs between them. 🙂
    My sincere apologies i am just sharing what i understood from this video. please let me know if i am wrong and accept my apologies.

    Amit

    • Arjun

      July 19, 2020 at 3:20 pm

      Mazedaar aadmi hai Sunil

  2. sunil singh kushwaha

    March 27, 2017 at 7:43 pm

    भड़ास4मिडिया को तहे दिल से शुक्रिया… बड़े बेबाकी से एक पत्रकार पर हुए अत्याचार को प्रकाशित किया। यशवंत भईया जी …आपको तथा आपकी पूरी टीम को नमन।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

भड़ास को मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप ग्रुप से जुड़ें- Bhadasi_Group_one

Advertisement

Latest 100 भड़ास

व्हाट्सअप पर भड़ास चैनल से जुड़ें : Bhadas_Channel

वाट्सअप के भड़ासी ग्रुप के सदस्य बनें- Bhadasi_Group

भड़ास की ताकत बनें, ऐसे करें भला- Donate

Advertisement